मधेपुरा में सात महीने से सरकारी दफ्तर में अटका राशन कार्ड का काम, अब उठे जवाबदेही पर सवाल

Updated:
विज्ञापन

PDS की दुकान

सरकारी सेवा के लिए आवेदन करने के 7 महीने बाद भी काम पूरा न होना मधेपुरा में व्यवस्था की जवाबदेही पर सवाल उठा रहा है. सीता देवी का राशन कार्ड संशोधन का आवेदन कब तक पूरा होगा? यह सवाल प्रशासन से पूछा जा रहा है.

विज्ञापन

Madhepura News: मधेपुरा में सरकारी सेवा पाने के लिए आवेदन करने के बाद अगर तय समय सीमा खत्म होने के सात महीने बाद भी काम पूरा न हो, तो सवाल सिर्फ एक आवेदक की परेशानी का नहीं रहता, बल्कि पूरी व्यवस्था की जवाबदेही पर उठता है. कुमारखंड प्रखंड के रौता गांव की सीता देवी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ है.

आपके शहर में

विज्ञापन

सीता देवी ने राशन कार्ड संशोधन की सुविधा के लिए 29 दिसंबर 2025 को कुमारखंड प्रखंड कार्यालय में आवेदन दिया था. आवेदन की पावती में इसे पूर्ण रूप से प्राप्त बताया गया और सेवा उपलब्ध कराने की अंतिम तिथि 28 जनवरी 2026 निर्धारित की गयी. लेकिन अगस्त 2026 तक आवेदन का निष्पादन नहीं हुआ.

अब सीता देवी यह जानना चाहती हैं कि उनका आवेदन आखिर किस स्तर पर अटका है और तय समय सीमा बीतने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई.

28 जनवरी थी अंतिम तारीख, अगस्त तक भी नहीं हुआ काम

लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम के तहत सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित की जाती है, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें. सीता देवी के मामले में आवेदन 29 दिसंबर को दिया गया था और पावती के अनुसार 28 जनवरी 2026 तक सेवा उपलब्ध हो जानी चाहिए थी.

लेकिन निर्धारित तारीख गुजरने के बाद भी आवेदन का निपटारा नहीं हुआ. अगस्त 2026 तक स्थिति जस की तस बनी हुई है.

सीता देवी के आवेदन की संख्या 070614112062504882 है. अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग आवेदन की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करे और बताए कि इतने लंबे समय से यह मामला लंबित क्यों है.

मामला अकेला नहीं, जिला जांच में भी मिली थीं गड़बड़ियां

सीता देवी का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुमारखंड प्रखंड में राशन कार्ड से जुड़े कामकाज को लेकर जिला स्तरीय जांच में पहले ही गंभीर अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं.

जांच रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2026 में राशन कार्ड से संबंधित 326 आवेदन प्राप्त हुए थे. मूल अभिलेखों की जांच के दौरान कई आवेदनों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी.

रिपोर्ट में कई स्तर पर प्रक्रिया संबंधी खामियों का उल्लेख किया गया है. कुछ आवेदनों पर दर्ज नाम और ई-पीडीएस पर जारी राशन कार्ड में दर्ज नाम अलग-अलग पाए गये. कई पावतियों पर कार्यपालक सहायक के हस्ताक्षर नहीं थे.

कहीं ऑनलाइन एंट्री नहीं, तो कहीं जांचकर्ता की मुहर तक नहीं

जिला स्तरीय जांच में यह भी पाया गया कि कुछ आवेदन बिना ऑनलाइन प्रविष्टि के रखे मिले थे. कई मूल आवेदनों पर जांचकर्ता के हस्ताक्षर, मुहर और अनुशंसा तक नहीं थी.

ऐसे में सीता देवी के आवेदन का लंबित रहना व्यवस्था में मौजूद उन खामियों से जोड़कर देखा जा रहा है, जिनका उल्लेख जांच रिपोर्ट में किया गया है.

हालांकि, केवल इन अनियमितताओं के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सीता देवी के आवेदन में भी वही प्रक्रिया अपनायी गयी. उनके आवेदन की वास्तविक स्थिति रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.

अब प्रशासन को इन सवालों का देना होगा जवाब

सीता देवी के मामले में सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि आवेदन फिलहाल किस अधिकारी या स्तर पर लंबित है. क्या आवेदन की जांच पूरी हो चुकी है? क्या इसे संबंधित एसडीओ कार्यालय भेजा गया? क्या ई-पीडीएस पर आवेदन की कोई प्रविष्टि हुई है? यदि आवेदन में कोई कमी थी, तो आवेदिका को इसकी सूचना कब दी गयी?

इन सवालों के जवाब मिलने से न सिर्फ एक आवेदिका की परेशानी दूर होगी, बल्कि राशन कार्ड से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता भी स्पष्ट होगी.

राशन कार्ड सिर्फ कागज नहीं, कई सुविधाओं की जरूरत

राशन कार्ड गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज है. इससे मिलने वाले खाद्यान्न के अलावा कई सरकारी योजनाओं और सुविधाओं में भी इसकी जरूरत पड़ सकती है.

ऐसे में राशन कार्ड से जुड़े आवेदन का महीनों तक लंबित रहना आवेदक के लिए सिर्फ कार्यालयी देरी नहीं है. इसका असर उसके परिवार की सरकारी सुविधाओं तक पहुंच पर भी पड़ सकता है.

Madhepura News: सात महीने की देरी के बाद अब कार्रवाई की मांग

सीता देवी ने अपने आवेदन के शीघ्र निष्पादन के साथ यह भी मांग की है कि उनके आवेदन में हुई देरी की जिम्मेदारी तय की जाए. उनका कहना है कि जब आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर जमा किया गया और पावती में अंतिम तिथि भी दर्ज थी, तो सात महीने बाद भी काम लंबित रहने का कारण सामने आना चाहिए.

अब देखना यह है कि प्रशासन सीता देवी के आवेदन की रिकॉर्ड के आधार पर जांच कर उसकी वास्तविक स्थिति सामने लाता है या नहीं. साथ ही जिला जांच में सामने आयी राशन कार्ड संबंधी अनियमितताओं के बाद व्यवस्था में सुधार के लिए क्या कदम उठाये जाते हैं.

Also Read: नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक में बढ़ा पानी, बैराज से 3 बार छोड़ा गया, 3 मीटर तक उठ सकती हैं लहरें, CM सम्राट ने क्या कहा?

Also Read: बाढ़ के खतरे के बीच CM सम्राट ने इन इलाकों का किया हवाई सर्वे, NDRF-SDRF की टीम अलर्ट, रेल प्रशासन भी तैयार


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन