हाथ में फर्जी प्रेस आईडी, 3-4 साल से पत्रकार होने का दावा; चैनल ने खोली पोल, शंकरपुर में युवक गिरफ्तार

Updated:
विज्ञापन

गिरफ्तार युवक  | Prabhat Khabar Network

शंकरपुर पुलिस ने एक ऐसे युवक को पकड़ा है जो IDEACITI NEWS NETWORK की फर्जी प्रेस आईडी का इस्तेमाल कर आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर दबाव बनाता था. पुलिस जांच में आईडी फर्जी पाई गई है. आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

विज्ञापन

Fake Press ID Case: शंकरपुर/मधेपुरा. हाथ में प्रेस आईडी कार्ड और पहचान न्यूज चैनल के पत्रकार की. इसी पहचान के सहारे आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप है. शंकरपुर पुलिस ने ऐसे ही एक युवक को गिरफ्तार किया है. पुलिस जांच में उसके पास मौजूद प्रेस आईडी कार्ड को संबंधित न्यूज चैनल ने फर्जी बताया है.

आपके शहर में

विज्ञापन

गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रिंस कुमार, पिता परमेश्वरी दास, निवासी रायभीड़ वार्ड-09, थाना शंकरपुर के रूप में हुई है. मधेपुरा पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपी पिछले तीन-चार वर्षों से खुद को एक न्यूज चैनल का पत्रकार बताकर अपनी पहचान का कथित रूप से दुरुपयोग कर रहा था.

शिकायत के बाद खुलने लगा फर्जी पत्रकारिता का राज

पुलिस को शिकायत मिली थी कि प्रिंस कुमार खुद को IDEACITI NEWS NETWORK का पत्रकार बताता था. आरोप है कि वह इस पहचान का इस्तेमाल आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों पर अनुचित दबाव बनाने के लिए करता था.

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. जांच का सबसे अहम हिस्सा आरोपी के पास मौजूद प्रेस आईडी कार्ड और उससे जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन था.

पुलिस ने आईडी कार्ड और दस्तावेज संबंधित न्यूज चैनल के संपादक-प्रकाशक के पास सत्यापन के लिए भेजे.

न्यूज चैनल ने कहा- यह आईडी हमने जारी नहीं किया

सत्यापन के दौरान चैनल की ओर से पुलिस को बताया गया कि आरोपी के पास मौजूद आईडी कार्ड उनके संस्थान द्वारा जारी नहीं किया गया है.

चैनल ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रिंस कुमार का उनके संस्थान से कोई संबंध नहीं है और उसे चैनल में किसी भी पद पर काम करने की अनुमति नहीं दी गई थी.

पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया आईडी कार्ड फर्जी और डुप्लीकेट प्रतीत हुआ. आरोप है कि चैनल के नाम और पहचान का इस्तेमाल उसकी प्रतिष्ठा का गलत लाभ उठाने के लिए किया जा रहा था.

सरकारी स्तर पर भी कराया गया सत्यापन

मामले की जांच में पुलिस ने केवल न्यूज चैनल से ही जानकारी नहीं ली, बल्कि जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी, मधेपुरा से भी सत्यापन कराया.

पुलिस के अनुसार, वहां से भी प्रिंस कुमार के पास पत्रकार के रूप में कोई वैध अनुज्ञप्ति नहीं होने की पुष्टि हुई.

इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध दस्तावेजों और जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों को आधार बनाकर कार्रवाई आगे बढ़ायी.

पिछले 3-4 साल से पहचान के दुरुपयोग का आरोप

पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि आरोपी पर पिछले तीन-चार वर्षों से पत्रकार की पहचान का दुरुपयोग करने का आरोप है.

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पत्रकार की पहचान का इस्तेमाल किसी व्यक्ति या अधिकारी पर दबाव बनाने के लिए किया जाए तो इससे न केवल संबंधित संस्थान की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है, बल्कि वास्तविक पत्रकारों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं.

स्थानीय स्तर पर पत्रकारिता की पहचान का इस्तेमाल कर लोगों पर प्रभाव बनाने के ऐसे आरोपों की जांच के लिए प्रेस आईडी और संस्थान से संबद्धता का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जाता है.

Fake Press ID Case: मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजा

पुलिस ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज किया. इसके बाद आरोपी प्रिंस कुमार को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.

पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कार्रवाई जारी है. अब जांच के दौरान यह भी सामने आ सकता है कि कथित फर्जी पहचान का इस्तेमाल किन-किन मामलों में और किस उद्देश्य से किया गया था.

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद फर्जी प्रेस आईडी के सहारे पत्रकार होने का दावा कर दबाव बनाने के आरोप का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है.

Also Read: नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक में बढ़ा पानी, बैराज से 3 बार छोड़ा गया, 3 मीटर तक उठ सकती हैं लहरें, CM सम्राट ने क्या कहा?

Also Read: बाढ़ के खतरे के बीच CM सम्राट ने इन इलाकों का किया हवाई सर्वे, NDRF-SDRF की टीम अलर्ट, रेल प्रशासन भी तैयार


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन