मधेपुरा में अतिक्रमण पर चले बुलडोजर, सड़क किनारे दुकानें और अवैध निर्माण हटाए गये

अतिक्रमण जगह पर खाली करवाते नप की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या एवं सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु | Prabhat Khabar Network
मधेपुरा में प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है. जेसीबी की मदद से सड़क किनारे बनीं अस्थायी दुकानें, ठेले और झोपड़ियों को हटाया गया. इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई.
मधेपुरा : शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र और बिजली विभाग कार्यालय के आसपास रविवार देर शाम प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया. इस दौरान जेसीबी मशीन की मदद से सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानें, ठेले, झोपड़ियां और अन्य अवैध निर्माण हटाए गए. अचानक शुरू हुई कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. कई दुकानदार अपना सामान समेटते नजर आए, जबकि कुछ लोगों ने प्रशासन के समक्ष विरोध भी जताया.
प्रशासन के अनुसार शहर के मुख्य बाजार, बिजली विभाग कार्यालय के आसपास और प्रमुख चौक-चौराहों पर लंबे समय से अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित हो रहा था. सड़क किनारे दुकानें लगने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. वहीं बिजली के खंभों और तारों के आसपास अतिक्रमण से हादसे की आशंका भी बनी हुई थी. संयुक्त अभियान में नगर परिषद, पुलिस और बिजली विभाग की टीम शामिल रही. अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाते हुए चेतावनी दी कि दोबारा कब्जा करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. उनका कहना था कि अभियान से पहले माइकिंग कर लोगों को अतिक्रमण हटाने की सूचना दी गई थी.
दुकानदारों और भूमिहीनों ने जताई नाराजगी
कार्रवाई से सबसे अधिक प्रभावित फुटपाथ दुकानदार और छोटे व्यवसायी रहे. कई दुकानदारों ने कहा कि वे वर्षों से यहां दुकान लगाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं. उनका आरोप था कि कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है. कुछ लोगों ने दावा किया कि बिना पूर्व सूचना उनके अस्थायी घर और दुकानें हटा दी गईं.
अभियान के दौरान भूमिहीन परिवारों ने भी प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या रखी. उनका कहना था कि उनके पास न तो अपनी जमीन है और न ही स्थायी रोजगार. ऐसे में सड़क किनारे दुकान लगाना उनकी मजबूरी है. उन्होंने नगर परिषद से वेंडिंग जोन या वैकल्पिक बाजार स्थल उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय कर सकें.
प्रशासन ने बताई कार्रवाई की वजह
नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने कहा कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाना आवश्यक है, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारू रहे और आम लोगों को सुविधा मिल सके.
बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली के खंभों और तारों के आसपास अतिक्रमण से शॉर्ट सर्किट और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार नोटिस जारी कर लोगों को अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन नियमों का पालन नहीं होने के कारण कार्रवाई करनी पड़ी.
लोगों ने किया अभियान का समर्थन
स्थानीय लोगों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि बाजार क्षेत्र में लंबे समय से जाम की समस्या बनी हुई थी. सड़क खाली होने से अब यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है. हालांकि कई लोगों ने यह भी कहा कि प्रशासन को अतिक्रमण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए वेंडिंग जोन जैसी व्यवस्था भी विकसित करनी चाहिए.
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