मधेपुरा के चौसा के लौआलगान बिंद टोली में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ, श्रद्धालुओं ने सुना भक्ति और ज्ञान का संदेश

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फोटो | Prabhat Khabar Network

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मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड में श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हो गया है. महर्षि मेंही निर्द्वंद अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री रामानंद शास्त्री जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित इस कथा में जीवन में शांति और समाज में जागरण का संदेश दिया जा रहा है. श्रद्धालुओं ने भक्ति और ज्ञान का लाभ उठाया.

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Madhepura News : मधेपुरा जिले के चौसा प्रखंड अंतर्गत लौआलगान बिंद टोली में आयोजित श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ शनिवार को महर्षि मेंही निर्द्वंद अखाड़ा सेवा धाम, कलगांव से पधारे आचार्य महामंडलेश्वर परम पूज्य स्वामी श्री रामानंद शास्त्री जी महाराज के सान्निध्य में हुआ. कार्यक्रम का प्रारंभ विधिवत पूजन और महात्मा वंदना के साथ किया गया.

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कथा के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और भागवत कथा तथा भजन-कीर्तन का रसास्वादन किया.

भागवत कथा से जीवन में शांति और समाज में जागरण

अपने प्रवचन में स्वामी श्री रामानंद शास्त्री जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रद्धा और भक्ति के साथ श्रवण करने से अंतःकरण की शुद्धि होती है.

उन्होंने कहा कि भागवत पुराण कोई सामान्य ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान का विग्रह स्वरूप है. इस ग्रंथ में ज्ञान, वैराग्य और भक्ति के अनगिनत स्रोत हैं, जो मनुष्य को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं.

उन्होंने कहा कि भागवत ऐसा ग्रंथ है जो व्यक्ति के जीवन में शांति और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है.

नारद और सनकादिक ऋषि के संवाद का वर्णन

कथा के दौरान महाराज श्री ने नारद जी और सनकादिक ऋषियों के संवाद का विस्तार से वर्णन किया.

उन्होंने बताया कि जब मनुष्य का भाग्य उदय होता है तभी उसे संतों और सत्पुरुषों का संग प्राप्त होता है. जब तक सत्संग नहीं मिलता, तब तक जीव का वास्तविक कल्याण संभव नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि संतों के दर्शन मात्र से त्रिताप, ताप और संताप दूर होने लगते हैं.

गोकर्ण और धुंधकारी प्रसंग से दिया नैतिक संदेश

प्रवचन के दौरान स्वामी जी ने गोकर्ण और धुंधकारी के प्रसंग का उल्लेख करते हुए वर्तमान समाज के लिए नैतिक संदेश दिया.

उन्होंने कहा कि आज के समय में हर घर में धुंधकारी जैसी प्रवृत्तियां जन्म ले चुकी हैं और मनुष्य को नशा, हिंसा तथा दुर्व्यसनों से दूर रहकर धर्म, भक्ति और सदाचार के मार्ग पर चलना चाहिए.

कथा के अंत में भक्ति मैया के कष्ट निवारण और भगवान श्रीमन नारायण के प्रकट होने का प्रसंग सुनाया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने भावविभोर होकर सुना.

Madhepura News : भजन-कीर्तन में झूमे श्रद्धालु

कार्यक्रम में मुखिया नीरज कुमार, लक्ष्मण शर्मा, अर्जुन शर्मा, मिथुन कुमार, सुधीर भगत, सुमित कुमार, अमित कुमार, उपेंद्र भगत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे.

महिलाओं की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही. जीरा देवी, हरित देवी, अंजली देवी, भला देवी, पुष्पा देवी सहित सैकड़ों महिलाओं ने कथा श्रवण किया.

भजन गायिका द्रौपदी भारती और अंग प्रदेश के कलाकार विकास जी ने भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया.

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