भवन में आग लगने से पहले कर लें ये जरूरी काम, मधेपुरा में अग्निशमन सेवा ने जारी किया जागरूकता पोस्टर

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जागरूकता के दौरान पोस्टर वितरण करते सिपाही | Prabhat Khabar Network

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बिहार अग्निशमन सेवा द्वारा भवनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत, जिला स्तर पर अग्निशमन कर्मियों द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता पोस्टर लगाए जा रहे हैं. इन पोस्टरों में अग्नि सुरक्षा के आवश्यक उपाय बताए गए हैं, जिनमें 'क्या करें' और 'क्या न करें' जैसी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल है.

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Madhepura News: भवन में आग लगने के बाद बचाव के लिए कुछ मिनट ही सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. लेकिन कई बार हादसे की वजह कोई बड़ी लापरवाही नहीं, बल्कि बिजली के तार, शॉर्ट सर्किट, बंद निकास द्वार, जमा कूड़ा या ज्वलनशील सामान जैसी छोटी-छोटी चूक बन जाती है. ऐसी घटनाओं को रोकने और लोगों को आग से बचाव के प्रति पहले से सतर्क करने के लिए बिहार अग्निशमन सेवा ने मधेपुरा जिले में जागरूकता अभियान शुरू किया है.

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बिहार अग्निशमन सेवा, गृह विभाग, आरक्षी शाखा, बिहार, पटना की ओर से चलाये जा रहे इस अभियान के तहत लोगों को भवनों में अग्नि सुरक्षा के जरूरी उपायों की जानकारी दी जा रही है. जिला समादेष्टा-सह-जिला अग्निशमन पदाधिकारी, मधेपुरा के निर्देश पर अग्निशामक सिपाही संतोष कुमार, आनंद कुमार और पंकज कुमार ने जिले के विभिन्न चौक-चौराहों, सरकारी कार्यालयों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता पोस्टर लगाया.

पोस्टर में बताया गया आग से बचाव का तरीका

जारी जागरूकता पोस्टर में आम लोगों को भवनों में अग्नि सुरक्षा के उपाय जानने और उन्हें अपने व्यवहार में अपनाने की अपील की गयी है. पोस्टर में जानकारी को मुख्य रूप से दो हिस्सों में समझाया गया है, जिसमें आग से बचाव के लिए क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए, इसकी जानकारी दी गयी है.

अग्निशमन सेवा का संदेश साफ है कि आग लगने के बाद बचाव की तैयारी करने के बजाय भवन निर्माण और रोजमर्रा के इस्तेमाल के दौरान ही सुरक्षा उपायों को अपनाना जरूरी है. इससे आग लगने की आशंका कम करने के साथ आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का मौका मिल सकता है.

नए भवन में इन सुरक्षा मानकों का रखें ध्यान

अग्निशमन सेवा की ओर से बताया गया है कि नए भवनों का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कोड और बिहार भवन उपविधि के अनुरूप कराया जाना चाहिए. भवन की संरचना और उपयोग के साथ अग्नि सुरक्षा से जुड़े जरूरी मानकों का पालन करना महत्वपूर्ण है.

विद्युत व्यवस्था को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की अपील की गयी है. भवन में विद्युत भार के अनुपात में मानक विद्युत तार और उपकरण ही लगाये जाने चाहिए. साथ ही समय-समय पर बिजली के तारों और उपकरणों की जांच कराना जरूरी है, ताकि शॉर्ट सर्किट के कारण होने वाली आग की घटनाओं को रोका जा सके.

पुराने भवनों का फायर ऑडिट भी जरूरी

अग्निशमन सेवा ने पुराने भवनों के फायर ऑडिट पर भी जोर दिया है. पुराने भवनों में समय के साथ बिजली की वायरिंग, उपकरणों और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में बदलाव या खराबी आ सकती है. ऐसे में फायर ऑडिट के माध्यम से संभावित जोखिमों की पहचान करना महत्वपूर्ण है.

अग्निशमन विभाग की ओर से दिये गये निर्देशों और सुझावों का पालन करने की भी अपील की गयी है. भवनों में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को ऐसी जगह प्रदर्शित करने को कहा गया है, जहां सभी लोग उसे आसानी से समझ सकें. आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी के लिए यह जानकारी बेहद उपयोगी हो सकती है.

रास्ता बंद हुआ तो बढ़ सकता है हादसे का खतरा

अग्निशमन सेवा ने भवनों के प्रवेश और निकास द्वार को किसी भी परिस्थिति में अवरुद्ध नहीं करने की सलाह दी है. आपात स्थिति में लोगों को तेजी से बाहर निकलने के लिए रास्ता खुला होना जरूरी है.

इसी तरह भवनों में बिजली के तारों को हवा में झूलता हुआ नहीं रखने को कहा गया है. जलती हुई सिगरेट और बीड़ी के टुकड़े भी इधर-उधर नहीं फेंकने चाहिए. आग लगने की छोटी घटना भी ज्वलनशील सामान के संपर्क में आने पर बड़ी दुर्घटना का रूप ले सकती है.

भवनों में अनावश्यक रूप से कूड़ा-करकट, रद्दी सामान और ज्वलनशील पदार्थ जमा नहीं करने की भी अपील की गयी है. ऐसे सामान आग लगने की स्थिति में तेजी से आग फैलने का कारण बन सकते हैं और बचाव कार्य को भी मुश्किल बना सकते हैं.

थोड़ी सावधानी से टल सकती है बड़ी दुर्घटना

अग्निशामक जवानों ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि थोड़ी सी सावधानी से बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है. उनका जोर इस बात पर है कि अग्नि सुरक्षा केवल आग लगने के बाद राहत और बचाव की व्यवस्था तक सीमित नहीं है. भवनों में पहले से सुरक्षा मानकों का पालन करना और संभावित खतरों को पहचानना भी उतना ही जरूरी है.

मधेपुरा जैसे जिले में बाजार, सरकारी कार्यालय और सार्वजनिक भवन रोजाना बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही का केंद्र होते हैं. ऐसे स्थानों पर अग्नि सुरक्षा की जानकारी आम लोगों के साथ-साथ भवन संचालकों और कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण है. जागरूकता पोस्टर के जरिए प्रशासन ने इसी व्यवहारिक सावधानी को लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की है.

Madhepura News: आग लगे तो तुरंत इन नंबरों पर दें सूचना

आपात स्थिति में लोगों से तुरंत अग्निशमन सेवा को सूचना देने की अपील की गयी है. आग लगने पर 101 या 112 नंबर डायल कर सूचना दी जा सकती है.

अनुमंडल अग्निशामालय, मधेपुरा के लिए 06476-223234, 7485805992 और 7485805993 नंबर जारी किये गये हैं. वहीं अग्निशामालय, उदाकिशुनगंज के लिए 7485805994 और 7485805995 नंबर जारी किये गये हैं.

अग्नि सुरक्षा को लेकर चलाया जा रहा यह अभियान लोगों को आग की घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. आगे भी सार्वजनिक स्थानों और भवनों में सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूकता बढ़ाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना हादसों का जोखिम कम करने में मदद कर सकता है.


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