मुरलीगंज में श्रद्धा से प्रज्वलित हुई बाबा रामदेव जी की महाज्योत, 1948 में हुई थी मंदिर की स्थापना

Author Sanjay kumar|Edited by Amit Kr Sinha
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बाबा रामदेव की पूजा-अर्चना करते विनोद बाफना व शशि बाफना. | Prabhat Khabar Network

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मुरलीगंज में बाबा रामदेव की महाज्योत श्रद्धा के साथ प्रज्वलित हुई. 1948 में स्थापित इस मंदिर की अपनी एक अनूठी परंपरा है. समानता और सद्भाव का संदेश.

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मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड नंबर सात स्थित बाबा रामदेव मंदिर परिसर में सोमवार को बाबा रामदेव जी की महाज्योत श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ प्रज्वलित की गयी. इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे और पूजा-अर्चना कर बाबा रामदेव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की. कार्यक्रम में विनोद बाफना और शशि बाफना ने विधिवत पूजा-अर्चना कर महाज्योत प्रज्वलित की.

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भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को हुआ था बाबा रामदेव का जन्म

आयोजकों के अनुसार लोकदेवता बाबा रामदेव जी का जन्म भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को हुआ था, जबकि उन्होंने भाद्रपद शुक्ल एकादशी को जीवित समाधि ली थी. राजस्थान में बाबा रामदेव जी को लोकदेवता के रूप में पूजा जाता है. हिंदू समाज के साथ मुस्लिम समाज में भी वे ‘रामसा पीर’ के नाम से श्रद्धा के केंद्र हैं.

1948 में हुई थी मंदिर की स्थापना

मुरलीगंज के वार्ड सात स्थित बाबा रामदेव मंदिर का इतिहास भी पुराना है. बताया गया कि मंदिर की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी. इसके बाद वर्ष 2001 में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया. स्थानीय मान्यता के अनुसार मंदिर की पूजा परंपरा नोलखा स्टेट की बड़ी गद्दी से जुड़ी रही है.

आयोजकों के अनुसार बिहार में नौ स्थानों पर ओम नोलखा स्टेट से जुड़े बाबू चरित्र सिंह नोलखा की बड़ी गद्दी स्थापित थी. मान्यता के अनुसार जहां-जहां यह गद्दी स्थापित हुई, वहां बाबा रामदेव का मंदिर भी स्थापित कर पूजा-अर्चना की परंपरा शुरू हुई. मुरलीगंज का मंदिर भी इसी परंपरा से जुड़ा बताया जाता है.

समानता और सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश

बाबा रामदेव की महाज्योत करते विनोद बाफना और शशि बाफना | Prabhat Khabar Network
बाबा रामदेव को अर्पित महाभोग. | Prabhat Khabar Network

बाबा रामदेव को मध्यकालीन समाज में जाति-पाति और भेदभाव के विरुद्ध समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाले लोकदेवता के रूप में स्मरण किया जाता है. इसी कारण राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों में उनके प्रति व्यापक आस्था देखने को मिलती है. रामदेवरा में आयोजित होने वाला भादवा मेला भी देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है.

बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल

महाज्योत कार्यक्रम में प्रकाश करनानी, इंदर चंद बोथरा, श्रवण चांडक, विनीत चौधरी, लाल बाबू चौधरी, रत्नेश चौधरी, कैलाश राठी, गुड्डू चांडक, पंकज करनानी, अंकित शर्मा, ध्रुव चांडक और ललित चांडक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे. पूजा-अर्चना और महाज्योत के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा.

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