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अखिलेश हत्याकांड – सात दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर, परिजनों में भय

अखिलेश हत्याकांड - सात दिन बाद भी मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर, परिजनों में भय

प्रतिनिधि, मधेपुरा. जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर आठ आदर्श नगर पारिवारिक विवाद में 21 अप्रैल को भाई रूपेश कुमार उर्फ राकेश रंजन ने सौतेले भाई अखिलेश कुमार की चाकू मारकर हत्या कर दी थी. सात दिन बीतने के बाद भी अब तक मुख्य आरोपी रूपेश कुमार पुलिस की पकड़ से दूर है. अखिलेश कुमार की पत्नी ब्यूटी कुमार ने कहा कि पुलिस फर्द बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है, लेकिन अभी तक रूपेश कुमार समेत अन्य सहयोगियों को पुलिस गिरफ्तार नहीं किया है. जल्दी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर मेरे व मेरे पुत्र की भी हत्या हो सकती है. उन्होंने पुलिस अधिकारी से न्याय की मांग की है. गौरतलब है कि जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर आठ आदर्श नगर के निवासी उमेश यादव के 25 वर्षीय पुत्र अखिलेश यादव की पारिवारिक विवाद में भाई ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी. उमेश यादव के दूसरी पत्नी के पुत्र अखिलेश यादव के रूप में हुई. घटना के बाद आरोपी फरार हो गया. क्या है मामला. मृतक की मां अनिता देवी ने बताया कि उनके सौतेले बेटे रूपेश कुमार ने भैंस बेचने के विवाद में उनके बेटे अखिलेश कुमार को पेट में चाकू मार दिया, जिससे उनकी मौत हो गयी थी. उन्होंने बताया कि रविवार को सुबह में अखिलेश परिवार के सहमति से भैंस बेच रहे थे. इसी बात को लेकर सौतले बेटे रूपेश, मुकेश और उनके पिता उमेश यादव ने मिलकर अखिलेश को पेट में चाकू गोद दिया. घटनास्थल पर मौजूद अखिलेश की पत्नी ब्यूटी कुमारी व एक वर्षीय पुत्र अंश राज को भी मारने का प्रयास किया. किसी तर ब्यूटी बच्चे को लेकर मौके से फरार हो गयी. आसपास के लोगों की मदद से जब तक अखिलेश को सदर अस्पताल लेकर पहुंचते तब तक उसकी मौत हो चुकी थी. मां अनिता देवी ने बताया कि मौत की बात सुन कर उमेश यादव ने रुपेश, मुकेश और उनकी पत्नियों को घर से भगा दिया और वह खुद हत्या वाले स्थान पर रक्त को गोवर और पानी से मिटाने का प्रयास कर रहे थे, इस पर ग्रामीणों ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. मृतक के चाचा शैलेंद्र यादव ने बताया कि जब अखिलेश को उनके भाई के द्वारा मारने का प्रयास किया जा रहा था उस समय वो खेत से लौटे थे, अखिलेश पर चाकू का वार करते देख वो जब बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो उमेश यादव ने उसके सिर पर लाठी से वार कर दिया. इसके बाद वो गिर गये. जमीन में हिस्सेदारी को लेकर होते रहता था विवाद स्थानीय लोगों ने कहा कि इन दोनों भाइयो के बीच पूर्व में भी बराबर लड़ाई होते रहता था. ये विवाद जमीन हिस्सेदारी को लेकर चल रहा था. हत्या के कुछ दिन पूर्व पंचों के द्वारा इस मामला का हल करने की पहल गयी थी. यहां के ग्रामीण पर रुपेश व मुकेश दोनों के पिता उमेश वदोनो की पत्नियों के द्वारा पंचों के सामने अखिलेश को जान से मारने की धमकी दी थी. मुकेश और उनकी पत्नी का कहना था कि जमीन का दो से अधिक हिस्सा नहीं होगा, यदि दो से अधिक हिस्सेदार होगा तो अखिलेश को जान से मार देंगे. इन सभी बातों के बाद पंच वहां से चले गये. दो वर्ष पूर्व हुई थी अखिलेश की शादी लगभग दो साल पूर्व ही अखिलेश की शादी हुई थी. उसे एक साल का बेटा है, जिसका 21 को जन्मदिन था. जन्मदिन मनाने को लेकर घर में तैयारी चल रही थी. अखिलेश ने कई रिश्तदारों को भी फोन कर जन्मदिन पर बुलाया था, लेकिन जन्मदिन मनाने से पहले ही खुशी मातम में बदल गयी. इधर, मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार अपने दल-बल के साथ मामले की जांच में जुट गयी है. सदर थाना प्रभारी विमलेंदु कुमार ने बताया कि आवेदन के आधार प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. एक की गिरफ्तारी कर ली गयी है अन्य के लिए छापेमारी की जा रही है.

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