मधेपुरा : पत्नी का शव गोद में लेकर भटकता रहा, नहीं मिला वाहन
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

कुमार आशीष मधेपुरा : मधेपुरा सदर अस्पताल में मानवता को शर्मसार कर देनेवाली खबर सामने आयी है. यहां एक पति अपनी मृत पत्नी का शव गोद में लिये अस्पताल में भटकता रहा, लेकिन उसे कहीं से मदद नहीं मिली. जिले के गम्हरिया प्रखंड स्थित बभनी गांव निवासी हरिशचंद्र राम की पत्नी कल्पना भारती की इलाज […]
विज्ञापन
कुमार आशीष
मधेपुरा : मधेपुरा सदर अस्पताल में मानवता को शर्मसार कर देनेवाली खबर सामने आयी है. यहां एक पति अपनी मृत पत्नी का शव गोद में लिये अस्पताल में भटकता रहा, लेकिन उसे कहीं से मदद नहीं मिली.
जिले के गम्हरिया प्रखंड स्थित बभनी गांव निवासी हरिशचंद्र राम की पत्नी कल्पना भारती की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी. नर्स ने तत्काल बैड खाली करने के लिए दबाव बनाया. मजबूर पति को अपनी पत्नी का शव गोद में उठाकर जाना पड़ा. अस्पताल में रसीद कटी होने के बावजूद शव वाहन मुहैया नहीं कराया गया. अस्पताल में तैनात डॉ पवन कुमार ने बताया कि भर्ती करने के बाद मरीज की जांच की गयी तो वह मृत मिली थी. इसके बाद मृतका के पति शव को लेकर कक्ष से बाहर चला गया.
40 मिनट तक भटकता रहा पति : जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब आठ बजे इलाज के लिए पहुंची कल्पना की मौत हो गयी थी. इसके बाद महज दो मिनट के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा शव लेकर बाहर जाने का फरमान सुना दिया गया.
पत्नी की मौत से आहत पति शव को गोद में उठा आपातकालीन कक्ष से बाहर आ गया. बाहर आने के बाद अस्पताल के कर्मी से लेकर मौजूद लोगों से वाहन मुहैया कराने की गुहार लगाने लगा. हरिशचंद्र की व्यथा को दरकिनार करते एंबुलेंस वालों ने शव को ले जाने से मना कर दिया.
इसके बाद शव वाहन की खोज शुरू हुई तो किसी ने भी मदद नहीं की. लगभग आधा घंटे से अधिक समय तक पीड़ित पति अपनी पत्नी के शव को सीने से लगाये लोगों से मदद मांगता रहा. शव को कभी गोद में तो कभी कंधे पर उठाये पति को देखने वाले की भीड़ बढ़ रही थी, लेकिन मदद के लिए किसी के हाथ नहीं उठ रहे थे. हरिशचंद्र कभी शव को संभालता तो कभी स्वयं किसी तरह अस्पताल के बाहर मुख्य मार्ग तक पहुंचता है.
काफी मशक्कत के बाद एक निजी वाहन से स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार की मदद की और उन्हें वाहन मुहैया करवायी, फिर उस गाड़ी से उसे 27 किमी दूर उसके गांव भेजा गया. सरकार के सभी तंत्र अस्पताल से लेकर सड़क तक मूकदर्शक बने रहे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










