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लालू यादव-राबड़ी देवी का प्यार..., जानें पहली मुलाकात में मीसा की मम्मी से क्या बोले थे तेजस्वी के पापा

Updated at : 13 Feb 2023 1:43 PM (IST)
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लालू यादव-राबड़ी देवी का प्यार..., जानें पहली मुलाकात में मीसा की मम्मी से क्या बोले थे तेजस्वी के पापा

Valentine Week: बिहार में कई ऐसे राजनेता हुए जिन्होंने अपनी राजनीति से अधिक प्रेम कहानियों के कारण लोगों के बीच प्रसिद्ध हुए. वैलेंटाइन डे की इस खास कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं बिहार की सबसे प्यारी जोड़ी लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की लव स्टोरी और उनकी पहली मुलाकात से शादी तक की कहानी..

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पटना. वसंत का मौसम और वैलेंटाइन डे के नजदीक आते ही प्यार की कहानियां चर्चा में आ जाती हैं. प्यार ही एक ऐसी दौलत है जो अमीर से गरीब तक संत से सैतान तक के पास होता है. बिहार में कई ऐसे राजनेता हुए जिन्होंने अपनी राजनीति से अधिक प्रेम कहानियों के कारण लोगों के बीच प्रसिद्ध हुए. वैलेंटाइन डे की इस खास कड़ी में आज हम बात कर रहे हैं बिहार की सबसे प्यारी जोड़ी लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की लव स्टोरी और उनकी पहली मुलाकात से शादी तक की कहानी..

शादी के वक्त महज 14 वर्ष की थी राबड़ी देवी

बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और राजद सुप्रीमो लालू एक दूजे से बेहद प्यार करते हैं. बिहार की जनता ने लालू यादव और राबड़ी देवी की जोड़ी को हमेशा बेहद पसंद किया है और उन्हें दिल से प्यार दिया है. यह एक ऐसा जोड़ा है जिसके बीच उम्र के साथ प्यार बढ़ता गया. 1973 की जब लालू राबड़ी एक दूजे के साथ जन्मों जन्मों के बंधन में बंधे तो एक दूसरे को नहीं जानते थे. उस वक्त लालू 25 साल के और राबड़ी देवी महज 14 साल की थीं. लालू यादव ने अपनी आत्मकथा ‘गोपालगंज से रायसीना’ में अपने प्यार के किस्से साझा किये हैं. लालू यादव ने अपनी आत्मकथा के लेखक वरिष्ठ पत्रकार नलीन वर्मा को बताया है कि शादी के तुरंत बाद दोनों एक दूसरे से नहीं मिले. उस वक्त गांव में गौना की प्रथा चलती थी. गौना होने के बाद ही पति-पत्नी के मिलन का संयोग बनता था. लालू की शादी 1973 के बसंत पंचमी के दिन हुई थी. गौना शादी के एक साल बाद होता है. जिसमें पत्नी को पति के घर भेजा जाता है.

सुहागरात में भी लालू ने दे दिया था जोरदार भाषण

लालू ने बताया है कि मार्च 1974 में उनके घर आने से पहले उन्होंने राबड़ी देवी को नहीं देखा था. लालू जब पहली बार राबड़ी को देखते हैं, तो उस वक्त वो एक साधारण साड़ी पहने हुए होती हैं. लालू उनके पास जाकर कहते हैं कि बिहार में जो विराट आंदोलन चल रहा है, मैं उनका एक नेता हूं. जय प्रकाश नारायण हमारा नेतृत्व कर रहे हैं. राबड़ी से पहली बार मिलने के बाद लालू यादव कहते हैं कि मुझे 18 मार्च से पहले पटना पहुंचना होगा. अगर मैं समय से नहीं पहुंच पाया, तो मुझे भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा. लालू कहते हैं कि कुछ भी हो सकता है. मुझे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जा सकता है. मैं तुम्हारा सहयोग चाहता हूं. उस दौरान राबड़ी ने कुछ नहीं कहा. लालू कहते हैं कि मैंने पहली बार राबड़ी से बात की थी, इसलिए स्वभाविक तौर पर राबड़ी देवी चुप रहीं.

लालू यादव की गरीबी बनी थी शादी में बाधक

दोनों की शादी परिवार ने तय की थी. वैसे राबड़ी देवी के चाचा ने इस शादी का जमकर विरोध किया था. राबड़ी देवा के चाचा ने शादी के दिन भी लालू प्रसाद को लेकर काफी हंगामा किया था. दरअसल राबड़ी देवी का संपन्न परिवार लालू प्रसाद के गरीब परिवार रिश्ता नहीं चाहता था. उस वक्त लालू के घर में पैसों की काफी तंगी थी और ये लोग मामूली सी झोपड़ी में रहते थे. चाचा व अन्य रिश्तेदारों के विरोध के बावजूद राबड़ी देवी के पिता ने किसी की नहीं सुनी थी. उन्होंने अपनी लाडली के लिए लालू यादव के चयन को सही बताया. उन्होंने शादी का विरोध करने वाले सभी परिजनों को कह दिया कि लालू बेशक गरीब परिवार से आता है लेकिन वे होनहार है. राबड़ी के पिता की बात सही साबित हुई. राबड़ी देवी से शादी होने के बाद लालू यादव कभी पीछे मुड़कर नहीं देखे. पटना विश्वविद्यालय का चुनाव जीतने से लेकर केंद्रीय मंत्री बनने तक लालू ने अपने ससुर के विश्वास को पुख्ता किया.

राबड़ी देवी रिश्तों के हर पैमाने पर खरी उतरीं

लालू यादव कहते हैं कि शादी से पहले उन्होंने राबड़ी को खुद नहीं देखा लेकिन लालू अपने दोस्तों को राबड़ी के गांव भेजते थे. वो लौटकर लालू को बताते थे कि राबड़ी सुंदर और सुशील हैं. लालू को राबड़ी से पहली दफा देखते ही प्यार हो गया था. लालू कहते हैं कि समय बीतने के साथ राबड़ी देवी उनके जीवन की धुरी बन गई. लालू कहते हैं कि राबड़ी के इर्द-गिर्द मेरा पूरा परिवार घूमता है. उसने मेरी राजनीतिक प्रतिबद्धता को समझा और उसकी तारीफ की. राबड़ी ने ये भी सुनिश्चित किया कि घर परिवार के मसले वो खुद हल करें. मुझे कोई परेशानी ना हो. लालू राबड़ी से अपने प्यार का इजहार करने वाले अंदाज में अपनी अभिव्यक्ति बताते हुए कहते हैं कि राबड़ी देवी रिश्तों के हर पैमाने पर खरी उतरती हैं. सियासी जानकार भी मानते हैं कि बिहार की सियासत में लालू-राबड़ी प्रेम का कोई विकल्प नहीं है. दोनों पति-पत्नी एक दूसरे पर जान छिड़कते हैं. लालू-राबड़ी की जोड़ी वेलेंटाइन वीक में याद की जाने वाली सबसे शानदार जोड़ी है.

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