डुमरिया पंचायत में कलवर्ट के अभाव में बिजली के खंभों पर चलने को मजबूर ग्रामीण
पोल से बने पुलिया से आवागमन करते है ग्रामीण
किशनगंज जिले के डुमरिया पंचायत में एक छोटी पुलिया की कमी ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. जान जोखिम में डालकर लोग बिजली के सीमेंट पोल पर चलकर आवागमन कर रहे हैं. विकास के दावों के बीच यह स्थिति सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाती है.
पौआखाली से रणविजय की रिपोर्ट
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किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड की डुमरिया पंचायत में विकास के दावों के बीच एक छोटी-सी पुलिया की कमी ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है. काशीबाड़ी और मालिनगांव के बांसबाड़ी टोला को जोड़ने वाले रास्ते पर वर्षों से कलवर्ट का निर्माण नहीं हो सका है. इसके कारण ग्रामीण जान जोखिम में डालकर बिजली के सीमेंट पोल को अस्थायी पुल बनाकर आवागमन करने को मजबूर हैं.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला. हर चुनाव में कलवर्ट निर्माण का आश्वासन मिलता है, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है.
बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है. पानी बढ़ने और फिसलन के कारण बिजली के खंभे पर चलना बेहद जोखिम भरा हो जाता है. इसका सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों पर पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन जाता है.
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सरकार गांव-गांव तक सड़क और पुल-पुलियों के निर्माण का दावा करती है, तब एक छोटे से कलवर्ट का निर्माण वर्षों से क्यों नहीं हो पा रहा है. उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के बीच एक छोटी पुलिया का अधूरा रह जाना सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अविलंब कलवर्ट निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.
पंचायत के पूर्व मुखिया प्रतिनिधि अजय सिन्हा, नगर जदयू अध्यक्ष हबेवुर रहमान, उमाकांत गोस्वामी, विनय सिन्हा, निर्मल सिन्हा और विजय सिन्हा सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें वर्तमान विधायक गोपाल कुमार अग्रवाल से उम्मीद है. ग्रामीणों के अनुसार विधायक ने जल्द ही समस्या के समाधान का भरोसा दिया है.
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