लूज टाइमिंग के कारण कंचनकन्या के यात्री परेशान
Author Awadhesh kumar
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अलीपुरद्वार से सियालदह अपनी 753 किमी की दूरी यह ट्रेन 16 घंटे 40 मिनट में पूरी करती है तो यही ट्रेन वापसी में उसी दूरी को पूरा करने में 16 घंटे 10 मिनट का समय लेती है.
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अप और डाउन की एक सामान दूरी तय करने में एक घंटे का अंतर अलीपुरद्वार से सियालदह आने में 17 घंटा तो वापसी में 16 घंटे में पूरी करती है दूरी ठाकुरगंज
रेलवे की महिमा अपरंपार है. एक ही ट्रेन अप और डाउन की एक सामान दूरी आधे घंटे के अंतर से पूरी करती है. बात अलीपुरद्वार से सियालदह के बीच चलने वाली 13149/13150 कंचन कन्या एक्सप्रेस की हो रही है. अलीपुरद्वार से सियालदह अपनी 753 किमी की दूरी यह ट्रेन 16 घंटे 40 मिनट में पूरी करती है तो यही ट्रेन वापसी में उसी दूरी को पूरा करने में 16 घंटे 10 मिनट का समय लेती है. अब लोगों के जेहन में यह सवाल कोंध रहा है की आखिर एक ट्रेन के ही परिचालन में यह फर्क क्यों.कंचनकन्या एक्सप्रेस में न्यू माल जक्शन से सिलीगुड़ी के 47 किमी की दूरी 112 मिनट में
अलीपुरद्वार से खुलने वाली कंचनकन्या एक्सप्रेस अलीपुरद्वार से सियालदाह के बीच कई जगहों पर काफी कम दूरी पूरी करने के लिए घंटों का समय लेती है. न्यू माल से सिलीगुड़ी तक की 47 किमी की दूरी पूरी करने के लिए रेलवे ने 1112 समय निर्धारित किया है जबकि सिलीगुड़ी से ठाकुरगंज की 57 किमी की दूरी यही ट्रेन 67 मिनट में पूरी करती है. बात केवल यही नहीं रूकती, भालुका रोड से मालदा तक के 46 किमी कि दूरि यही ट्रेन 65 मिनट में पूरी करती है. यात्रियों की परेशानी तो तब बढ़ जाती है बर्धमान से कमरकुंडु तक के बीच के 62 किमी की दूरी केवल 43 मिनट में यही ट्रेन पूरी करती है लेकिन कमरकुंडु के बाद तो यह ट्रेन पैसेंजर ट्रेन की स्पीड से बढ़ती है. वहां से दक्षिणेश्वर के 27 किमी की दूरी पूरी करने में 56 मिनट का समय लेते हुए यह ट्रेन. दक्षिणेश्वर से सियालदाह के 13 किमी की दूरी पूरा करने में एक घंटा 10 मिनट लगाती है.लूज टाइमिंग के कारण यात्री हो रहे परेशान
बताते चले रेलवे ने रास्ते में लेट हो जाने वाली ट्रेनों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने के लिए लूज टाइमिंग का नुस्खा अपनाया है. रास्ते में बार बार लेट होने वाली ट्रेनों के अंतिम दो स्टेशनो के बीच समय का अंतराल रखकर गंतवय पर उसकी टाइमिंग ठीक की जा रही है. लूज टाइमिंग के कारण ट्रेनों को हजार किमी के सफर में दो घंटे तक का अधिक समय लग रहा है. रेलवे के इस फंडे से रेलवे द्वारा ट्रेनों में लूज टाइमिंग लिए जाने से विलम्ब से चलने वाली ट्रेने भले ज्यादा समय ले रही है लेकिन अंतिम स्टेशन पर समय से पहले पहुंच जा रही है.लूज टाइमिंग नहीं हो तो दो घंटा पहले सियालदाह पहुंचेगी कंचनकन्या एक्सप्रेस
अलीपुरद्वार से सियालदाह के बीच चलने वाले कंचनकन्या एक्सप्रेस के यात्री भी इसी लूज टाइमिंग के शिकार है. चाहे बात न्यूमाल जक्शन से सिलीगुड़ी के बीच की हो या हरिश्चंद्रपुर से मालदा के बीच की 55 किमी की दूरी या बर्धमान से सियालदाह के बीच की दूरी यदि लूज टाइमिंग नहीं हो तो यह ट्रेन दो घंटे ज्यादा अपने गंत्वय पहुंचेगी.प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
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लेखक के बारे में
By अवधेश कुमार
अवधेश कुमार विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. इन्होंने बतौर पत्रकार अपने कैरियर की शुरूआत वर्ष 2001 से की. उसके बाद विगत 15 वर्षो से प्रभात खबर, किशनगंज के कार्यालय प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी रूचि राजनीतिक, सामाजिक व अपराध से जुड़ी खबरों में है.
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