झमाझम बारिश से खेतों में लौटी रौनक, धान रोपनी ने पकड़ी रफ्तार

Updated:
विज्ञापन

खेतों में धान की रोपाई करते किसान

ठाकुरगंज क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है. खेतों में पर्याप्त पानी और नमी से धान की रोपाई ने तेज़ी पकड़ ली है. यह बारिश न केवल सिंचाई का खर्च घटाएगी, बल्कि अच्छी पैदावार की उम्मीद भी जगा रही है.

विज्ञापन

ठाकुरगंज से बच्छराज नखत की रिपोर्ट

आपके शहर में

विज्ञापन

किशनगंज : कई दिनों के इंतजार के बाद हुई झमाझम बारिश ने ठाकुरगंज क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत दी है. खेतों में पर्याप्त पानी भरने के साथ ही धान की रोपनी ने रफ्तार पकड़ ली है. गांव-गांव में किसान खेतों में उतरकर रोपाई कार्य में जुट गए हैं और खरीफ खेती ने गति पकड़ ली है.

लगातार हुई बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी और जलभराव हो गया है, जिससे धान की रोपाई के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं. जिन किसानों ने बारिश के इंतजार में रोपनी रोक रखी थी, उन्होंने भी अब काम शुरू कर दिया है. खेतों में लहलहाती धान की पौध और रोपनी में जुटे किसानों की चहल-पहल ग्रामीण इलाकों में नई उम्मीद जगा रही है.

प्रमुख बातें

  1. झमाझम बारिश के बाद धान रोपनी का काम तेज हुआ.
  2. खेतों में पर्याप्त नमी और जलभराव से किसानों को राहत मिली.
  3. सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च कम होने की उम्मीद.
  4. कृषि विशेषज्ञों ने जुलाई के पहले पखवाड़े को रोपनी के लिए अनुकूल बताया.
  5. किसानों को इस बार अच्छी धान की पैदावार की उम्मीद है.

सिंचाई का खर्च घटने की उम्मीद

किसानों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च बचेगा और धान की बेहतर पैदावार होगी. समय पर हुई बारिश से खेती की लागत कम होने के साथ उत्पादन बढ़ने की उम्मीद भी मजबूत हुई है.

कृषि विशेषज्ञों ने बताया अनुकूल समय

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई का पहला पखवाड़ा धान रोपनी के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. इस दौरान पर्याप्त वर्षा होने से पौधों का विकास बेहतर होता है और अच्छी उपज मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

किसानों की नजर अब मौसम पर

किसानों का कहना है कि फिलहाल बारिश ने राहत जरूर दी है, लेकिन पूरे सीजन में संतुलित वर्षा जरूरी है. यदि लगातार अत्यधिक बारिश हुई या अचानक वर्षा थम गई तो फसल प्रभावित हो सकती है. इसलिए मौसम का संतुलित बने रहना आवश्यक है.

ग्रामीण क्षेत्रों में लौटी हरियाली

बारिश के बाद खेतों में हरियाली लौट आई है. पानी से भरे खेत, धान की रोपनी में जुटे किसान और ग्रामीण इलाकों की बढ़ी चहल-पहल यह संकेत दे रही है कि सीमांचल में खरीफ खेती अब रफ्तार पकड़ चुकी है. किसानों को उम्मीद है कि मौसम ने साथ दिया तो इस बार धान की अच्छी पैदावार होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

और पढ़ें: पौआखाली में नाला निर्माण बना परेशानी, खुला गड्ढा दे रहा हादसे को न्योता


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन