टेढ़ागाछ में 'मौत का जाल' बने खेतों के ऊपर झूलते बिजली के तार: करंट फैलने की आशंका से सहमे किसान

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खेतों में झूलते तार | Prabhat Khabar Network

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किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड में खेतों के ऊपर बेहद नीचे झूल रहे जर्जर बिजली के तार किसी भी पल बड़ा हादसा कर सकते हैं. धान रोपनी के सीजन में पानी से भरे खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों की जान जोखिम में है.

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किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिलहनियां पंचायत से बिजली विभाग की घोर लापरवाही और उदासीनता का एक खतरनाक मामला सामने आया है. पंचायत के बेतबाड़ी गांव (वार्ड संख्या-07) में खेतों के ऊपर बेहद नीचे झूल रहे और जर्जर हो चुके विद्युत तार हर पल किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं. इन दिनों क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण धान के खेतों में लबालब पानी भरा हुआ है, जिससे स्थानीय किसानों और मजदूरों में खेतों में करंट फैलने का भयावह डर बना हुआ है.

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बांस-बल्लों के सहारे टिके हैं हाई-वोल्टेज तार

स्थानीय ग्रामीणों और किसानों से मिली जानकारी के अनुसार, गांव के खेतों से गुजरने वाली बिजली आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह बदहाल है:

  • अस्थायी व्यवस्था का सहारा: विभागीय स्तर पर पोल न लगाए जाने के कारण कई स्थानों पर ग्रामीणों ने अपनी सुरक्षा के लिए जर्जर बिजली के तारों को बांस-बल्लों के सहारे टिका रखा है.
  • हादसे की आशंका: बांस के सड़ने या तेज हवा-बारिश में इसके गिरने से तार कभी भी पानी से भरे खेत में समा सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में पल भर में हाई वोल्टेज करंट दौड़ सकता है.

धान रोपनी के सीजन में बढ़ा जान का जोखिम

वर्तमान में पूरे टेढ़ागाछ प्रखंड में धान की रोपनी का काम अपने चरम पर है:

  1. पानी में काम करने को मजबूर: किसान और खेतिहर मजदूर सुबह से शाम तक पानी से लबालब भरे खेतों में उतरकर काम करने को विवश हैं.
  2. जानलेवा खतरा: यदि इस दौरान जर्जर तार टूटकर खेत में गिरता है या लटकते तारों से पानी में स्पार्किंग होकर करंट फैलता है, तो दर्जनों मजदूरों की जान एक साथ जोखिम में पड़ सकती है.

विभाग मौन, ग्रामीणों ने दी चेतावनी

गांव के पीड़ित किसानों का गंभीर आरोप है कि इस जानलेवा समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) और संबंधित वरीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया है. इसके बावजूद आज तक विभागीय स्तर पर कोई ठोस और स्थायी कदम नहीं उठाया गया.

ग्रामीणों की मुख्य मांगें:

बेतबाड़ी गांव के निवासियों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन से अविलंब जर्जर तारों को बदलकर नए केबल तार लगाने, जहां पोल नहीं हैं वहां पक्के बिजली के पोल गाड़ने तथा पूरे क्षेत्र की विद्युत लाइन को सुरक्षित बनाने की गुहार लगाई है. ग्रामीणों का साफ कहना है कि यदि समय रहते विभाग ने इस दिशा में कार्रवाई नहीं की और कोई अनहोनी या जान-माल का नुकसान हुआ, तो इसकी पूरी और सीधी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी.

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