ठाकुरगंज हटिया का सार्वजनिक कुआं बना 'अड्डा': खाली शराब की बोतलों से पटा

Updated:
विज्ञापन

खाली शराब की बोतल | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

ठाकुरगंज हटिया का ऐतिहासिक सार्वजनिक कुआं शराब की खाली बोतलों और कचरे का ढेर बन गया है. स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं. यह स्थिति महिला और बाल सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करती है.

विज्ञापन

सीमांचल के किशनगंज जिले अंतर्गत ठाकुरगंज प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रसिद्ध हटिया से एक चिंताजनक और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करने वाली तस्वीर सामने आई है. हर सप्ताह सोमवार और शुक्रवार को लगने वाली इस विशाल हटिया में जहां हजारों लोग रोजमर्रा की खरीदारी के लिए पहुंचते हैं, वहीं इसके उत्तरी हिस्से में स्थित ऐतिहासिक सार्वजनिक कुआं अब शराब की खाली बोतलों और कचरे का डिपो बन चुका है. कभी राहगीरों और स्थानीय लोगों की प्यास बुझाने वाला यह कुआं आज असामाजिक तत्वों की मनमानी का गवाह बना हुआ है.

विज्ञापन

बेखौफ जारी है खुलेआम शराबखोरी और गंदगी

स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, बाजार क्षेत्र में खुलेआम शराब पीने और खाली बोतलें फेंकने का सिलसिला बिना किसी डर के जारी है:

  • शाम ढलते ही सजती है महफिल: हटिया समाप्त होने के बाद शाम और रात के समय असामाजिक तत्व कुएं के आसपास एकत्र होते हैं. शराब का सेवन करने के बाद वे कांच की खाली बोतलों को सीधे सार्वजनिक कुएं में फेंक देते हैं.
  • वर्षों की उपेक्षा: कुएं के भीतर पड़ी बोतलों का ढेर इस बात का सबूत है कि यह कोई एक दिन की बात नहीं है, बल्कि लंबे समय से यहां यह अवैध गतिविधि बेरोक-टोक चल रही है.

महिला और बाल सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

ठाकुरगंज हटिया केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों से आने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की खरीदारी का मुख्य केंद्र है:

  1. गलत सामाजिक संदेश: सार्वजनिक स्थान पर शराब की बोतलों का इस तरह अंबार लगा होना समाज और नई पीढ़ी पर बेहद नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है.
  2. हादसे का खतरा: कुएं के आसपास बिखरी और भीतर मौजूद टूटी हुई कांच की बोतलों से खरीदारी करने आने वाले लोगों और छोटे बच्चों के चोटिल होने का गंभीर जोखिम बना रहता है.

स्थानीय निवासियों की मांग: हो सख्त कार्रवाई और सफाई

सार्वजनिक स्थल की दुर्दशा से आक्रोशित स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने नगर प्रशासन व स्थानीय पुलिस से त्वरित कदम उठाने की गुहार लगाई है:

स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांगें: सार्वजनिक कुएं की अविलंब सफाई कराकर इसे कचरा मुक्त बनाया जाए. कुएं के आसपास पर्याप्त लाइट (प्रकाश) और सीसीटीवी/निगरानी की व्यवस्था की जाए. बाजार क्षेत्र में शाम के समय पुलिस गश्त बढ़ाकर सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कानूनी कार्रवाई की जाए.

अब देखना यह होगा कि क्या नगर प्रशासन और पुलिस इस सार्वजनिक कुएं की गरिमा बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम उठाती है, या यह स्थल यूं ही असामाजिक तत्वों का अड्डा बना रहेगा.

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरपुर- भागलपुर में खुलेंगे AI और इंजीनियरिंग कॉलेज, इन लोगों पर लगेगा गुंडा एक्ट, सम्राट कैबिनेट ने 10 एजेंडों पर लगाई मुहर

इसे भी पढ़ें:  सम्राट चौधरी बोले- बिहार में विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं, हर महीने की 10 तारीख को आ रही पेंशन


आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन