NGT के निर्देश पर मोतीबाग कचरा डंपिंग स्थल की जांच, ग्रामीणों ने मेडिकल रिपोर्ट सौंपकर सुनाई परेशानी
फोटो- जांच करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network
मोतीबाग कचरा डंपिंग स्थल से लगातार दुर्गंध और धुएं से परेशान ग्रामीण NGT की जांच टीम के पास पहुंचे। स्वास्थ्य समस्याओं और भूजल दूषित होने की आशंका जताते हुए ग्रामीणों ने उचित कार्रवाई की मांग की है।
किशनगंज. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के निर्देश के बाद बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (BSPCB) की टीम ने गुरुवार दोपहर करीब एक बजे मोतीबाग स्थित विवादित कचरा डंपिंग स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया. इस दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, स्वच्छता निरीक्षक स्वरूप राज, स्थानीय वार्ड पार्षद अरविंद मंडल, रमेश चौहान, संजय चौहान, दिलीप यादव, प्रभावित ग्रामीणों समेत प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
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डंपिंग स्थल से दुर्गंध और धुएं की शिकायत
स्थलीय निरीक्षण के दौरान प्रभावित मोहल्ले के लोगों ने जांच टीम के सामने अपनी समस्याएं रखीं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कचरा डंपिंग स्थल से लगातार तेज दुर्गंध आती है. कचरे में आग लगने के बाद निकलने वाले धुएं से आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि लंबे समय से चली आ रही समस्या के कारण इलाके के लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. कुछ स्थानीय निवासियों ने श्वसन सहित अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए चिकित्सकीय दस्तावेज और मेडिकल रिपोर्ट भी टीम को सौंपे.
मेडिकल रिपोर्ट सौंपकर कार्रवाई की मांग
जांच के दौरान कई प्रभावित लोगों ने अपनी स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों को अधिकारियों के सामने रखा. उन्होंने मांग की कि डंपिंग स्थल से होने वाले संभावित स्वास्थ्य प्रभावों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि प्रदूषण की पुष्टि होती है तो उसके स्थायी समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाए. हालांकि मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज बीमारियों और डंपिंग स्थल के बीच प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
भूगर्भ जल की जांच कराने की मांग
ग्रामीणों ने कचरा डंपिंग के कारण भूगर्भ जल के दूषित होने की आशंका भी जताई. उन्होंने आसपास के पेयजल स्रोतों और भूगर्भ जल के नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला से जांच कराने की मांग की.
लोगों का कहना है कि जल की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि डंपिंग स्थल का आसपास के जलस्रोतों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है या नहीं.
मुकदमे दर्ज कराने का भी लगाया आरोप
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि कचरा डंपिंग स्थल के खिलाफ आवाज उठाने पर नगर परिषद की ओर से उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें परेशान किया गया. ग्रामीणों ने जांच समिति के सामने इस मामले की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी.
इन आरोपों पर नगर परिषद का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.
NGT के आदेश पर गठित हुई है संयुक्त समिति
यह स्थलीय निरीक्षण NGT की ईस्टर्न जोन बेंच, कोलकाता के मूल आवेदन संख्या 100/2026/EZ, मोहम्मद अनसार खां बनाम बिहार राज्य में पारित आदेश के आलोक में किया गया है.
ट्रिब्यूनल ने मामले की तथ्यात्मक स्थिति की जांच के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (BSPCB) और जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों वाली संयुक्त समिति गठित की है. समिति को स्थल की स्थिति और संबंधित तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है.
जांच रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति
मोतीबाग डंपिंग स्थल के निरीक्षण के बाद अब जांच समिति की रिपोर्ट पर लोगों की नजर है. रिपोर्ट में डंपिंग स्थल की वास्तविक स्थिति, कचरा प्रबंधन, संभावित प्रदूषण, स्वास्थ्य प्रभाव और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े तथ्यों का आकलन किया जा सकता है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि वैज्ञानिक जांच के आधार पर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा और आसपास रहने वाले लोगों को प्रदूषण से राहत मिलेगी.
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