ऑनलाइन हाजिरी सिस्टम बेपटरी, आधे से अधिक स्कूलों में नहीं बन रही उपस्थिति
Author Awadhesh kumar
Updated:
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आधे से अधिक स्कूलों में नहीं बन रही उपस्थिति
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स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति के फर्जीवाड़े पर नहीं लग पा रहा अंकुश
शिक्षकों की लापरवाही व नेटवर्क की समस्या से व्यवस्था हुई ध्वस्त
ठाकुरगंज. विभाग के आदेशों के बावजूद ठाकुरगंज प्रखंड के सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी सिस्टम मजाक बनकर रह गया है. प्रखंड के आधे से ज्यादा स्कूलों में बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो रही है. इससे स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की मंशा धरातल पर नहीं उतर पा रही है. बताते चलें कि सरकार की योजना थी कि डिजिटल माध्यम से बच्चों की उपस्थिति पारदर्शी रूप से दर्ज हो, जिससे शिक्षण व्यवस्था पर निगरानी रखी जा सके, लेकिन शिक्षकों की लापरवाही व मनमानी से यह व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होती दिख रही है.
हालांकि समय-समय पर जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर पर प्रखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिए जाते हैं कि प्रत्येक स्कूल में रोजाना बच्चों की ऑनलाइन हाजिरी सुनिश्चित करायी जाये. विभाग का स्पष्ट आदेश है कि ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक अहम कदम है, लेकिन शिक्षक ही यदि इसमें लापरवाही बरतें तो पूरी प्रणाली पर सवाल खड़े हो जाते हैं. फिलहाल विभाग ने इसकी निगरानी तेज कर दी है.पारदर्शिता के लिए होना था ऑनलाइन उपस्थिति कार्य
यह प्रणाली न केवल उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाती बल्कि मिड-डे मील में हो रहे फर्जीवाड़े पर भी अंकुश लगाती. खासतौर पर प्रारंभिक विद्यालयों में प्रतिदिन बच्चों की उपस्थिति और मिड-डे मील लाभार्थियों की संख्या का सटीक रिकार्ड फोटो के माध्यम से विभाग को मिलता.एचएम व वर्ग शिक्षकों की आइडी से बनती हाजिरी
इस योजना के तहत हाजिरी बनाने का काम एचएम व वर्ग शिक्षकों की आइडी से होना है. एचएम की आइडी से चेतना सत्र के साथ-साथ शिक्षक शिक्षिकाओं की उपस्थिति का फोटो अपलोड होगा. वहीं वर्ग शिक्षकों की आईडी से क्लास के बच्चों की हाजिरी फेशियल रिकॉग्निशन तरीके से बननी है. इस नियम के तहत शिक्षकों की हाजिरी भी टैबलेट से बनने वाली थी. ऐसे में शिक्षक शिक्षिकाओं को समय से स्कूल परिसर पहुंचना जरूरी हो जाता.कहते हैं अधिकारी
इस मामले में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अवदेश कुमार शर्मा ने बताया कि अभी प्रखंड के 40 फीसदी स्कूलों में एफआरएस सिस्टम से काम हो रहा है. बाकी स्कूलों में जल्द ही चालू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में नेटवर्क की कमी और शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार के कारण यह योजना शुरू नहीं हो पायी है. उन्होंने कहा कि स्कूलों में खराब इंटरनेट कनेक्टिविटी व सर्वर डाउन होने के कारण हाजिरी पोर्टल पर डेटा अपलोड करने में दिक्कत आ रही है.आपके शहर में
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