खगड़िया के स्कूलों में खाली क्लासरूम और सोती मिलीं प्रभारी शिक्षिका, वीरा प्राथमिक विद्यालय पर गंभीर सवाल
विद्यालय के बरामदे पर शैक्षणिक अवधि में खेल रहे बच्चे | Prabhat Khabar Network
Khagaria News: बेलदौर प्रखंड के वीरा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था की पोल खुली. प्रभारी शिक्षिका कार्यालय में सोती मिलीं, जबकि एक शिक्षक पर सिर्फ हाजिरी बनाकर घर जाने का आरोप है. ग्रामीणों ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है.
Khagaria News: बिहार सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग, ऑनलाइन हाजिरी और विभिन्न योजनाओं पर लगातार जोर दे रही है. लेकिन खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड स्थित एक प्राथमिक विद्यालय की तस्वीर इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है. कैंजरी पंचायत के प्राथमिक विद्यालय, वीरा में शिक्षकों की कथित लापरवाही, खाली क्लासरूम और कमजोर निगरानी को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है.
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई नियमित रूप से प्रभावित हो रही है. मंगलवार को स्थानीय लोगों ने विद्यालय की स्थिति देखकर शिक्षा विभाग से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की. सबसे गंभीर आरोप यह है कि प्रभारी शिक्षिका कार्यालय कक्ष में सोती मिलीं, जबकि एक शिक्षक पर केवल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर विद्यालय छोड़ देने का आरोप लगाया गया है.
प्रभारी शिक्षिका कार्यालय में सोती मिलीं
ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार को विद्यालय पहुंचने पर प्रभारी शिक्षिका नूतन देवी कार्यालय कक्ष में सोती हुई मिलीं. इस घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ा दिया.
लोगों का कहना है कि जब विद्यालय का प्रभारी ही सक्रिय नहीं होगा, तो बच्चों की पढ़ाई और विद्यालय का संचालन कैसे बेहतर होगा. अभिभावकों ने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था के प्रति गंभीर उदासीनता का उदाहरण बताया.
शिक्षक पर केवल ऑनलाइन हाजिरी बनाकर लौट जाने का आरोप
ग्रामीणों ने सहायक शिक्षक दिनेश राम पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि वे सुबह विद्यालय पहुंचकर केवल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करते हैं और उसके बाद घर लौट जाते हैं.
आरोप यह भी है कि छुट्टी के समय वे दोबारा विद्यालय पहुंचकर ऑनलाइन हाजिरी दर्ज करते हैं और फिर चले जाते हैं. यदि यह आरोप सही है, तो इसका सीधा असर बच्चों की नियमित पढ़ाई पर पड़ रहा है.
Khagaria News:193 नामांकित, लेकिन कक्षाओं में कम छात्र
विद्यालय में कुल 193 छात्र-छात्राएं नामांकित बताए गए हैं. लेकिन मंगलवार को निरीक्षण के दौरान केवल 132 बच्चे ही उपस्थित मिले.
विद्यालय के एक अन्य शिक्षक ने बताया कि नियमित प्रधानाध्यापक गोपाल कुमार अपनी सास के श्राद्ध कार्यक्रम के कारण अवकाश पर हैं. उनके अवकाश के दौरान विद्यालय की व्यवस्था संभालने वाला कोई जिम्मेदार शिक्षक सक्रिय नहीं दिखा, जिससे शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं.
मध्याह्न भोजन के बाद कई बच्चे घर लौट जाते हैं
ग्रामीणों ने विद्यालय की आधारभूत सुविधाओं पर भी सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि विद्यालय में चहारदीवारी नहीं होने के कारण मध्याह्न भोजन के बाद कई बच्चे परिसर से बाहर निकलकर घर चले जाते हैं.
इस कारण विद्यालय में अनुशासन बनाए रखना मुश्किल हो जाता है और दोपहर बाद कक्षाओं में छात्रों की संख्या और कम हो जाती है.
ग्रामीणों ने मांगी नियमित मॉनिटरिंग और कार्रवाई
कैंजरी पंचायत के पटेरवा गांव सहित आसपास के ग्रामीणों का कहना है कि जब तक संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाओं के कार्यों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक विद्यालय की स्थिति में सुधार संभव नहीं है.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शिक्षक केवल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर वेतन लेते रहेंगे, तो बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा. उन्होंने जिला शिक्षा प्रशासन से विद्यालय की नियमित मॉनिटरिंग, शिक्षकों की कार्यशैली की जांच और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.
Khagaria News:बीईओ ने जांच का दिया आश्वासन
इस मामले में बेलदौर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मनोहर कुमार ने बताया कि विद्यालय के शिक्षकों की लापरवाही की शिकायत प्राप्त हुई है.
उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच कितनी निष्पक्ष होती है और शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है.
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