खगड़िया में बाढ़-सुखाड़ की तैयारी तेज, तटबंध काटने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बैठक की समीक्षा करते डीएम विक्रम विरकर. | Prabhat Khabar Network
खगड़िया जिला प्रशासन बाढ़ और सुखाड़ दोनों तरह की आपदाओं से निपटने के लिए कमर कस चुका है. तटबंधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसके अतिरिक्त, प्रभावित क्षेत्रों में नावों की उपलब्धता और राहत शिविरों की तैयारी सुनिश्चित की जा रही है.
Khagaria Flood Alert: कोसी और गंगा के इलाके में बाढ़ का खतरा हो या बारिश कम होने पर सुखाड़ की स्थिति, जिला प्रशासन ने दोनों परिस्थितियों से निपटने की तैयारी तेज कर दी है. मंगलवार को समाहरणालय में हुई समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी विक्रम विरकर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आपदा का इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारियां पूरी रखी जाएं.
आपके शहर में
बैठक में सबसे ज्यादा जोर तटबंधों की सुरक्षा पर रहा. डीएम ने कहा कि तटबंध को काटने या किसी भी तरह क्षतिग्रस्त करने की कोशिश करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. ऐसे लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई के साथ बॉन्ड डाउन की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
तटबंधों की पूरी लंबाई का होगा निरीक्षण
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के सभी कार्यपालक अभियंताओं को तटबंधों की पूरी लंबाई का स्थलीय निरीक्षण करने को कहा गया है. अधिकारियों को संवेदनशील और क्षतिग्रस्त स्थानों की पहचान कर समय रहते उनकी मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कराने का निर्देश दिया गया.
प्रशासन की चिंता इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि बाढ़ के दौरान तटबंधों पर किसी तरह की क्षति स्थिति को तेजी से गंभीर बना सकती है. ऐसे में कमजोर स्थानों की पहले पहचान कर उन्हें दुरुस्त रखने पर जोर दिया जा रहा है.
डीएम ने अधिकारियों से कहा कि आपदा के बाद राहत पहुंचाने से ज्यादा जरूरी उसकी पहले से तैयारी करना है. समय रहते संसाधन तैयार रहने पर जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है.
11 जगहों पर अभी चल रही नाव
बैठक में बताया गया कि जिले में फिलहाल 11 स्थानों पर नावों का परिचालन किया जा रहा है. संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों का दोबारा आकलन कर जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर भी नाव उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
नावों के सिर्फ उपलब्ध रहने पर ही नहीं, बल्कि उनके परिचालन और उससे जुड़े जरूरी संसाधनों की तैयारी पर भी नजर रखने को कहा गया है. इससे बाढ़ के दौरान प्रभावित गांवों से लोगों की आवाजाही और राहत सामग्री पहुंचाने में परेशानी कम हो सकती है.
राहत शिविरों से लेकर अस्पताल तक तैयारी
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने खाद्यान्न और राहत सामग्री की उपलब्धता की भी समीक्षा की. इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा, पशु चिकित्सा और पशुचारा की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों को तैयार रहने को कहा गया.
राहत शिविरों के लिए जरूरी संसाधन पहले से उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया. प्रशासन चाहता है कि बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर राहत व्यवस्था शुरू करने में समय बर्बाद न हो.
सुखाड़ आया तो पेयजल और सिंचाई की चुनौती
बैठक में केवल बाढ़ की तैयारी पर चर्चा नहीं हुई. संभावित सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए भी तैयारियों की समीक्षा की गयी.
डीएम ने पेयजल और सिंचाई व्यवस्था की स्थिति की जानकारी ली. बारिश कम होने की स्थिति में किसानों और ग्रामीण आबादी के सामने पानी की समस्या पैदा न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को अपनी व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया.
Khagaria Flood Alert: सभी विभागों को अलर्ट रहने का निर्देश
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया. किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया तत्काल हो, इसके लिए संसाधनों और व्यवस्थाओं को पहले से तैयार रखने को कहा गया.
खगड़िया जैसे बाढ़ प्रभावित जिले में प्रशासन की यह तैयारी सीधे ग्रामीण आबादी और किसानों के लिए महत्वपूर्ण है. खासकर तटबंधों की निगरानी, नावों की उपलब्धता और राहत सामग्री की तैयारी समय पर होने से आपदा के दौरान लोगों को सुरक्षित निकालने और जरूरी मदद पहुंचाने में आसानी हो सकती है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए