जलकी पीर मजार को राजकीय मेला का दर्जा देने का उठाया मुद्दा

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जलकी पीर मजार को राजकीय मेला का दर्जा देने का उठाया मुद्दा

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बलिया बेलौन विधान पार्षद आफाक अहमद खान ने विधानसभा सत्र में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जानना चाहा कि कटिहार जिला के आजमनगर प्रखंड के ग्राम पंचायत जलकी में पीर बाबा सैयद शाह हुसैन तेगे बरहान जलालुद्दीन का मजार है. जलकी पीर को लंगोट बंद पीर बाबा के नाम से भी जाना जाता है. जलकी पीर बाबा के मजार में हर वर्ष पहला बैशाख 15 से 22 अप्रैल तक मेला होता है. जिस में बिहार झारखंड सहित युपी, पश्चिम बंगाल के सभी समुदाय के लाखों लोग शामिल होते हैं. सरकार जलकी पीर मजार पर लगने वाला मेला को राजकीय मेला का दर्जा देना चाहती है. विभागीय मंत्री के द्वारा जवाब देते हुए कहा की वस्तु स्थिति यह है की बिहार राज्य मेला प्राधिकार अधिनियम 2008 की धारा तीन में यह प्रावधानित है कि राज्य सरकार प्राधिकार की अनुशंसा तथा अन्य श्रोतों से प्राप्त सुचनाओं का आंकलन करते हुए किसी अन्य मेले को, जो प्राधिकार के क्षेत्राधिकार में नहीं है. प्राधिकार के प्रबंधन में लाने के लिए अधिसूचित कर सकते हैं. राज्य अंतर्गत आयोजित होने वाले सभी महत्वपूर्ण मेले को बिहार राज्य मेला प्राधिकार में सम्मिलित करने के लिए विभागीय पत्रांक 1573 के तहत एतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं धार्मिक महत्व मेला आयोजन की अवधि मेला में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या आदि का उल्लेख करते हुए मंतव्य के साथ प्रस्ताव विभाग को उपलब्ध कराने हेतु सभी समाहर्ता को निर्देशित किया है. कटिहार जिला अन्तर्गत जलकी पीर मजार पर लगने वाले मेला के संबंध में जिला स्तर से प्रस्ताव अप्राप्य है. प्रस्ताव प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार अग्रेसर कार्रवाई की जायेगी. युवा नेता सलाउद्दीन ने राजकीय मेला के लिए मजार कमेटी को जिला प्रशासन से मिलकर प्रस्ताव भेजने की बात कही.

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