प्रारंभिक स्कूलों में कल होगी 'मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण' पर विशेष संगोष्ठी, शिक्षा विभाग ने जारी किए कड़े निर्देश

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 29 May 2026 10:36 AM

विज्ञापन

कक्षा में पढ़ाई करती छात्राएं

Parent Teacher Meeting: बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के मानसिक विकास और उनके भीतर आत्मविश्वास जगाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक अनूठी पहल की है. शनिवार, 30 मई को राज्य के सभी प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में 'मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण' थीम पर विशेष अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (PTM) का आयोजन किया जा रहा है.

विज्ञापन
कटिहार से सूरज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

Parent Teacher Meeting: कटिहार जिले सहित पूरे बिहार के प्रारंभिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास और उनके मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायद शुरू की गई है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सूबे के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (DPO) को पत्र जारी कर स्कूलों में निर्धारित विशेष थीम पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी आयोजित करने का कड़ा निर्देश दिया है. विभाग द्वारा जारी विस्तृत दिशानिर्देश के अनुसार, 30 मई 2026 (शनिवार) को राज्य के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में ‘मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण’ थीम पर इस मासिक संगोष्ठी का आयोजन सुनिश्चित किया गया है. प्रशासन का मानना है कि बच्चों के सीखने (अधिगम) और बढ़ने की प्रक्रिया में केवल विद्यालय ही नहीं, बल्कि अभिभावकों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.

बच्चों की पढ़ाई में रुचि जगाना और घर पर सही माहौल देना मुख्य उद्देश्य

इस विशेष थीम आधारित संगोष्ठी के उद्देश्यों को रेखांकित करते हुए शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने बताया:

  • अभिभावकों को संवेदनशील बनाना: संगोष्ठी का मूल उद्देश्य माता-पिता को बच्चों की मानसिक, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक आवश्यकताओं के प्रति जागरूक व संवेदनशील बनाना है.
  • तनावमुक्त वातावरण: अभिभावकों को इस बात के लिए प्रेरित किया जाएगा कि वे बच्चों को घर पर पढ़ाई का एक ऐसा सकारात्मक और तनावमुक्त वातावरण प्रदान करें, जिससे उनके भीतर छिपी प्रतिभा बाहर आ सके.
  • आत्मविश्वास में वृद्धि: जब बच्चों को घर और स्कूल दोनों जगह स्नेह मिलेगा, तो वे पूर्ण आत्मविश्वास के साथ नियमित विद्यालय आएंगे और भविष्य में समाज के एक जिम्मेदार व सक्रिय नागरिक बन सकेंगे. इस बैठक को पूरी तरह प्रभावी और सफल बनाने के लिए राज्य स्तर से एक विशेष मार्गदर्शिका (गाइडलाइन) भी सभी प्रधानाध्यापकों को उपलब्ध कराई जा रही है.

गाइडलाइन के 6 प्रमुख बिंदु: दूसरों से तुलना न करने की दी जाएगी सलाह

सकारात्मक परवरिश पर जोर: विभाग द्वारा जारी की गई मार्गदर्शिका में शिक्षकों और अभिभावकों के बीच चर्चा के लिए कुछ बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है, जो इस प्रकार हैं:

  1. वर्गवार आयोजन: सभी प्रारंभिक विद्यालयों में भीड़ से बचने और व्यक्तिगत फीडबैक के लिए वर्गवार (क्लास-वाइज) अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का ढांचा तैयार किया जाए.
  2. सक्रिय भागीदारी: विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) और शिक्षक यह सुनिश्चित करें कि समाज के हर वर्ग से अधिक से अधिक माता-पिता इस संगोष्ठी में सक्रिय रूप से भाग लें.
  3. प्यार और धैर्य की सीख: शिक्षक, अभिभावकों को यह समझाएंगे कि वे घर पर अपने बच्चों से हमेशा प्यार और धैर्य के साथ बात करें. डांटने या मारने के बजाय उनकी भावनाओं और बचपन की उलझनों को समझने का प्रयास करें.
  4. तुलना करने की आदत पर रोक: सबसे महत्वपूर्ण बात, बच्चों को मानसिक तनाव से बचाने के लिए उनकी तुलना दूसरे बच्चों या भाई-बहनों के नंबरों से करने के बजाय, उनकी अपनी छोटी-छोटी उपलब्धियों और सुधारों को प्रोत्साहित व सेलिब्रेट करने के लिए जागरूक किया जाएगा.
  5. स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता: बैठक में बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, सही पोषण और व्यक्तिगत स्वच्छता पर भी गंभीर चर्चा होगी. शिक्षक यह कड़ा संदेश देंगे कि सभी अभिभावक प्रतिदिन सुबह बच्चों को सही समय पर भोजन (नाश्ता) कराकर और साफ-सुथरी ड्रेस में ही विद्यालय भेजें.
  6. गूगल फॉर्म से मॉनिटरिंग: संगोष्ठी की पारदर्शिता और सफलता की जांच के लिए राज्य स्तर से एक विशेष गूगल फॉर्म (Google Form) जारी किया गया है. प्रत्येक विद्यालय के प्रधान को संगोष्ठी की समाप्ति के तुरंत बाद उपस्थित अभिभावकों की संख्या और तस्वीरों सहित पूरी रिपोर्ट इस फॉर्म में ऑनलाइन फीड करनी अनिवार्य होगी.
विज्ञापन
Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन