केवाईपी में नामांकन बंद होने से छात्र और केंद्र संचालक परेशान, सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग
फोटो- छात्र प्रमाण पत्र दिखाते हुए | Prabhat Khabar Network
बिहार के कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) में नामांकन बंद होने से छात्र और केंद्र संचालक परेशान हैं। जानें युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर इसका क्या असर पड़ेगा।
कटिहार जिले में बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी कुशल युवा कार्यक्रम (केवाईपी) में नामांकन प्रक्रिया मार्च 2026 से बंद होने के कारण छात्र, अभिभावक और कुशल युवा केंद्र संचालक असमंजस की स्थिति में हैं. केंद्र संचालकों का कहना है कि दिसंबर 2025 से ही केवाईपी के नामांकन, परीक्षा और वेतन भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया बाधित है. मार्च से नामांकन पूरी तरह बंद होने के बाद विद्यार्थियों के सामने प्रशिक्षण शुरू होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
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दस्तावेज जमा करने के बाद भी नामांकन का इंतजार
कुशल युवा केंद्र संचालकों के अनुसार नामांकन के इच्छुक कई विद्यार्थियों ने आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए हैं. अब वे केंद्रों पर नामांकन और प्रशिक्षण शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन सरकार या विभाग की ओर से नामांकन शुरू करने को लेकर अब तक स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं होने से केंद्र संचालकों की परेशानी बढ़ती जा रही है.
छात्रों के सवालों का जवाब देना हुआ मुश्किल
केंद्र संचालकों ने बताया कि विद्यार्थी लगातार यह जानकारी मांग रहे हैं कि उनका नामांकन कब होगा और प्रशिक्षण कब शुरू किया जाएगा. विभागीय स्तर से स्पष्ट सूचना नहीं मिलने के कारण संचालकों के लिए विद्यार्थियों को संतोषजनक जवाब देना मुश्किल हो गया है. इससे छात्रों और उनके अभिभावकों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
कटिहार के 41 केंद्रों पर संकट
गैप कुशल युवा केंद्र के संचालक जावेद आलम ने बताया कि कटिहार जिले में 41 कुशल युवा केंद्र संचालित हैं और वर्तमान स्थिति से सभी केंद्र प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सरकार की ओर से हस्तक्षेप कर नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो युवाओं के कौशल विकास पर प्रतिकूल असर पड़ेगा. विद्यार्थियों को बेसिक कंप्यूटर और सॉफ्ट स्किल जैसी जरूरी क्षमताओं का प्रशिक्षण नहीं मिल सकेगा.
गरीब और ग्रामीण युवाओं के लिए महत्वपूर्ण योजना
कटिहार जैसे आकांक्षी और आर्थिक रूप से पिछड़े जिले में कुशल युवा कार्यक्रम का विशेष महत्व है. ग्रामीण और गरीब परिवारों से आने वाले ऐसे हजारों विद्यार्थी, जिन्होंने 10वीं या 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है, उनके लिए केवाईपी कम लागत में कंप्यूटर और कौशल विकास का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है. केंद्र संचालकों का कहना है कि नामांकन बंद रहने से इन विद्यार्थियों के सामने आगे की पढ़ाई और रोजगार की तैयारी को लेकर भी परेशानी खड़ी हो रही है.
रोजगार योग्य बनाने में अहम भूमिका
कुशल युवा कार्यक्रम बिहार सरकार की युवाओं को रोजगार योग्य बनाने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल रहा है. इसका उद्देश्य युवाओं को कंप्यूटर की प्रारंभिक जानकारी, भाषा ज्ञान और सॉफ्ट स्किल से सशक्त बनाना है, ताकि वे रोजगार, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और स्वरोजगार के लिए बेहतर ढंग से तैयार हो सकें. ऐसे में केंद्र संचालकों ने सरकार से जल्द नामांकन प्रक्रिया शुरू करने और कार्यक्रम से जुड़े सभी मामलों में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है.
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