लाखों की लागत से वीबी-जी रामजी योजना के तहत नवनिर्मित सड़क भ्रष्टाचार का शिकार, ग्रामीणों ने कि जांच कर कार्रवाई की मांग.

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लाखों कि लागत से बनी सड़क भ्रष्टाचार का शिकार. | Prabhat Khabar Network

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आज़मनगर प्रखंड में लाखों की लागत से बन रही सड़क पर ग्रामीणों ने घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. मिट्टी भराई और ईंट सोलिंग में मानकों की अनदेखी पर सवाल उठाये गए हैं. ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.

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Azamnagar road construction: आजमनगर प्रखंड के केलाबाड़ी पंचायत के वार्ड संख्या सात में चार लाख रुपये से अधिक की लागत से बन रही सड़क को लेकर ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और योजना के क्रियान्वयन पर सवाल उठाये हैं. सगीर अंसारी के खेत से हसीबुल अंसारी के खेत तक मिट्टी भराई और ईंट सोलिंग का यह कार्य वीबी-जी रामजी योजना के तहत कराया जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया और योजना पर खर्च होने वाली राशि के अनुरूप धरातल पर काम नहीं हुआ है.

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ग्रामीणों ने निर्माण कार्य पर उठाये सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण शुरू होने के समय उन्हें उम्मीद थी कि वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या दूर होगी. लेकिन निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति को देखकर ग्रामीणों में नाराजगी है. ग्रामीण जहांगीर ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण के नाम पर अब तक केवल ट्रैक्टर से करीब चार ट्रेलर मिट्टी डाली गयी है. इसके बावजूद कागजी स्तर पर काम पूरा किये जाने की चर्चा हो रही है.

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं में लाखों रुपये खर्च करने का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर सड़क और सुगम आवागमन की सुविधा देना है. ऐसे में निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति और योजना के प्राक्कलन के बीच अंतर है या नहीं, इसकी जांच जरूरी है.

लंबाई चौड़ाई और निर्माण सामग्री की जांच की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के वरीय अधिकारियों से मामले की स्थल जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि केवल कार्यालय में बैठकर कागजी जांच करने के बजाय अधिकारियों की टीम मौके पर भेजी जाये. सड़क की वास्तविक लंबाई, चौड़ाई, मिट्टी भराई, ईंट सोलिंग की मोटाई और प्राक्कलन के अनुसार किये गये कार्य का भौतिक सत्यापन कराया जाये.

ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच में यदि अनियमितता सामने आती है तो इसके लिए जिम्मेदार संवेदक, एजेंसी, पंचायत रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक और अन्य संबंधित कर्मियों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाये.

Azamnagar road construction: शिकायतों के बाद जल्द होगी जांच

ग्रामीणों ने डीडीसी से मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जांच होने से सड़क निर्माण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और सरकारी राशि के इस्तेमाल को लेकर भी स्थिति सामने आयेगी.

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