ePaper

Kargil Vijay Diwas 2020 : बिहार के सपूत गणेश, दोस्त को लगी गोली तो शहादत तक लड़कर दुश्मनों को मारा, बिना युद्ध की जानकारी दिए घर से लाैटे थे सीमा पर

Updated at : 26 Jul 2020 5:51 AM (IST)
विज्ञापन
Kargil Vijay Diwas 2020 : बिहार के सपूत गणेश, दोस्त को लगी गोली तो शहादत तक लड़कर दुश्मनों को मारा, बिना युद्ध की जानकारी दिए घर से लाैटे थे सीमा पर

Kargil Vijay Diwas 2020 पटना: कारगिल की लड़ाई में 29 मई 1999 को सरहद पर बिहार के सपूत नायक गणेश यादव हंसते-हंसते सिने पर दुश्मनों की गोलियां खाकर देश के लिए अपनी शहादत दी थी. परिवार की गृहस्थी की गाड़ी तब से पत्नी पुष्पा बमुश्किल चला रही हैं. कारगिल दिवस जब भी आता है उनकी शहादत की घटना को यादकर पत्नी पुष्पा, पिता रामदेव यादव एवं मां बचिया देवी का कलेजा गर्व से चौड़ा हो जाता है. क्योंकि शहीद नायक गणेश यादव ने जिस बहादुरी से दुश्मनों को मारकर उनके छक्के छुड़ाये थे.उसे सुनकर सभी भारतीय का कलेजा गर्व से चौड़ा हो जायेगा.

विज्ञापन

Kargil Vijay Diwas 2020 पटना: कारगिल की लड़ाई में 29 मई 1999 को सरहद पर बिहार के सपूत नायक गणेश यादव हंसते-हंसते सिने पर दुश्मनों की गोलियां खाकर देश के लिए अपनी शहादत दी थी. परिवार की गृहस्थी की गाड़ी तब से पत्नी पुष्पा बमुश्किल चला रही हैं. कारगिल दिवस जब भी आता है उनकी शहादत की घटना को यादकर पत्नी पुष्पा, पिता रामदेव यादव एवं मां बचिया देवी का कलेजा गर्व से चौड़ा हो जाता है. क्योंकि शहीद नायक गणेश यादव ने जिस बहादुरी से दुश्मनों को मारकर उनके छक्के छुड़ाये थे.उसे सुनकर सभी भारतीय का कलेजा गर्व से चौड़ा हो जायेगा.

परिवार को नहीं दी युद्ध की जानकारी, छुट्टी से लौटे 

पत्नी पुष्पा ने कारगिल युद्ध के अपने संस्मरण को याद करते हुए बताया की शहीद नायक गणेश यादव एक महीने की छुट्टी पर घर आये हुए थे. अचानक उन्हें कंपनी से बुलावा आ गया. छुट्टी में कई दिन शेष बचे थे अचानक लौटने की सूचना पर जब हमलोगों ने पूछा तो गणेश ने सिर्फ इतना बताया की किसी जरूरी काम से बुलाया गया है हमें जाना पड़ेगा.परिवार के लोगों को युद्ध की कोई सूचना और जानकारी भी नहीं थी की कोई रोकता. उनके जाने के बाद जानकारी मिली, लेकिन फिर कोई बात नहीं हुई.

दोस्त को लगी गोली तो दुश्मनों पर टूट पड़े थे गणेश 

शव के साथ पहुंचे उनके दोस्त ने बताया की गणेश बहुत बहादुर थे. दुश्मनों द्वारा गोलियां चलाई जा रही थी, तब भी एक गोली गणेश के साथ मौजूद उनके दोस्त को लग गयी. अपने सामने उन्हें छटपटाता देखकर गणेश आग बबूला हो उठे. भीषण गोलीबारी में भी वे निडर होकर दुश्मनों पर टूट पड़े. घंटो तक गोलियां चलाईं. इसमें एक गोली उन्हें आ लगी,लेकिन हिम्मत के बड़े वीर थे गणेश.

गोली लगने के बावजूद दुशमनों को मार गिराया

उन्होने गोली लगने के बावजूद दुशमनों को मार गिराया. जिन्होंने उनके दोस्त को गोली मारी थी. इस सूचना ने पूरी कंपनी के सीने को गर्व से चौड़ा कर दिया था. फौज में जाने के बाद लोगों को अच्छा लगा था की चलो हमारा बेटा देश की सेवा करने गया है, लेकिन 29 मई को शहादत की इस सूचना ने सबको झकझोर कर रख दिया. अब उन्हें इतिहास के पन्नों में वर्षों तक याद किया जायेगा.

Posted by : Thakur Shaktilochan Shandilya

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन