कैमूर: रामगढ़ में सोख्ता निर्माण पर सवाल, शिकायत के दो दिन बाद पोर्टल पर ‘पूर्ण’ दिखा दिया काम

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फोटो,,,वार्ड तीन की मुख्य सड़क पर जमा घरों का गंदा पानी, फोटो,,,घर के आगे अर्धनिर्मित सोखता | Prabhat Khabar Network

रामगढ़ के बड़ौरा गांव में सोख्ता निर्माण में धांधली, शिकायत के बाद भी काम अधूरा, सचिव ने पोर्टल पर कार्य पूर्ण होने की फर्जी रिपोर्ट अपलोड की।

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Kaimur News : ग्राम पंचायत बड़ौरा के वार्ड संख्या तीन में सरकारी योजना से कराये जा रहे सोख्ता निर्माण में अनियमितता का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के महज दो दिन बाद ही पंचायत सचिव ने पोर्टल पर निर्माण कार्य पूरा होने की रिपोर्ट अपलोड कर दी, जबकि मौके पर कई सोख्ते अधूरे हैं और निर्धारित तकनीकी मानकों का भी पालन नहीं किया गया है. मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने जिला प्रशासन से स्थलीय जांच की मांग की है.

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शिकायत के दो दिन बाद ही पोर्टल पर ‘काम पूरा’

जानकारी के अनुसार बड़ौरा गांव के वार्ड संख्या तीन में चार सोख्तों का निर्माण करीब 60 दिनों से अधूरा पड़ा था. बरसात में खुले और अधूरे निर्माण से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए ग्रामीण सौरव कुमार सिंह ने नौ अगस्त को पंचायती राज विभाग के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी. शिकायत में निर्माण पूरा कराने के साथ सरकारी नियमों और तकनीकी मानकों की जांच की मांग की गयी थी.

ग्रामीणों के अनुसार 11 अगस्त को पंचायत सचिव की ओर से पोर्टल पर जांच रिपोर्ट अपलोड कर निर्माण कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गयी. स्वच्छता पोर्टल के Reg-No-Ref 704330 में भी कार्य पूर्ण बताया गया है. हालांकि शिकायतकर्ता और अन्य ग्रामीणों का दावा है कि धरातल की स्थिति पोर्टल पर दर्ज रिपोर्ट से अलग है.

चार सोख्ते बने, फिर भी 50 मीटर तक गंदा पानी

वार्ड संख्या तीन में करीब 100 घर और लगभग 500 मतदाता हैं. ग्रामीणों के अनुसार जल निकासी के लिए चार सोख्तों का निर्माण कराया गया है, इसके बावजूद श्रवण सिंह के घर से गजाधर बाबा मंदिर तक करीब 50 मीटर हिस्से में गंदे पानी का जलजमाव बना हुआ है.

जलजमाव से परेशान वार्ड निवासी सतेंद्र सिंह ने अपना घर बंद कर मुख्य सड़क किनारे स्थित दूसरे मकान में रहने की बात कही. ग्रामीणों के अनुसार उनके घर के सामने दो सोख्तों की खुदाई कर करीब एक महीने तक खुला छोड़ दिया गया था. युवाओं द्वारा इसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किये जाने के बाद ठेकेदार ने मिट्टी भरकर काम पूरा करने का प्रयास किया.

बिना चेंबर और मानक के निर्माण का भी आरोप

मुख्य गली में पप्पू सिंह और हीरा सिंह के घर के सामने बने दो सोख्तों को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाये हैं. उनका आरोप है कि दोनों सोख्तों का निर्माण उचित चेंबर और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि निर्माण प्राक्कलन के अनुसार हुआ है तो तकनीकी टीम से स्थल की जांच करायी जानी चाहिए.

35 हजार की योजना, निर्माण मानकों पर उठे सवाल

ग्रामीणों के अनुसार करीब 35 हजार रुपये की लागत वाले सोख्ता निर्माण में निर्धारित प्रक्रिया के तहत गोलाकार खुदाई, बीच में बोर, रेत और पीसीसी की परत, हनीकॉम्ब ईंट की दीवार, ईंट के टुकड़ों की भराई और आरसीसी ढक्कन सहित कई तकनीकी प्रावधान हैं. जॉइंट चेंबर के निर्माण के लिए भी अलग माप और निर्माण मानक निर्धारित हैं.

ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर बने सोख्तों में इन मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया है. उन्होंने निर्माण की मापी और तकनीकी जांच कराने की मांग की है.

ग्रामीण बोले- जांच हुई तो सामने आएगी पूरी हकीकत

शिकायतकर्ता सौरव कुमार सिंह के साथ नविंदु कुमार सिंह, गोलू सिंह, बिनोद चौधरी, आकाश सिंह, यश गुप्ता और सूरज गुप्ता ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि पोर्टल पर निर्माण पूरा होने की रिपोर्ट और मौके पर अधूरे काम की स्थिति के बीच अंतर की जांच जरूरी है.

उन्होंने निर्माण स्थल की मापी, गुणवत्ता और प्राक्कलन के अनुसार काम की जांच कराने तथा अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.

बीडीओ बोले- जेई से करायी जा रही जांच

मामले में बीडीओ विकास कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को बड़ौरा गांव के एक युवक ने वार्ड संख्या तीन में बने सोख्ते में अनियमितता और काम अधूरा होने को लेकर आवेदन दिया है. इसकी जांच विभाग के जूनियर इंजीनियर से करायी जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच में सोख्ता निर्माण में अनियमितता या काम अधूरा पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. ग्राम पंचायत बड़ौरा के वार्ड संख्या तीन में सरकारी योजना से कराये जा रहे सोख्ता निर्माण में अनियमितता का मामला सामने आया है. ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के महज दो दिन बाद ही पंचायत सचिव ने पोर्टल पर निर्माण कार्य पूरा होने की रिपोर्ट अपलोड कर दी, जबकि मौके पर कई सोख्ते अधूरे हैं और निर्धारित तकनीकी मानकों का भी पालन नहीं किया गया है. मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने जिला प्रशासन से स्थलीय जांच की मांग की है.

शिकायत के दो दिन बाद ही पोर्टल पर ‘काम पूरा’

जानकारी के अनुसार बड़ौरा गांव के वार्ड संख्या तीन में चार सोख्तों का निर्माण करीब 60 दिनों से अधूरा पड़ा था. बरसात में खुले और अधूरे निर्माण से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए ग्रामीण सौरव कुमार सिंह ने नौ अगस्त को पंचायती राज विभाग के पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी. शिकायत में निर्माण पूरा कराने के साथ सरकारी नियमों और तकनीकी मानकों की जांच की मांग की गयी थी.

ग्रामीणों के अनुसार 11 अगस्त को पंचायत सचिव की ओर से पोर्टल पर जांच रिपोर्ट अपलोड कर निर्माण कार्य पूर्ण होने की जानकारी दी गयी. स्वच्छता पोर्टल के Reg-No-Ref 704330 में भी कार्य पूर्ण बताया गया है. हालांकि शिकायतकर्ता और अन्य ग्रामीणों का दावा है कि धरातल की स्थिति पोर्टल पर दर्ज रिपोर्ट से अलग है.

चार सोख्ते बने, फिर भी 50 मीटर तक गंदा पानी

वार्ड संख्या तीन में करीब 100 घर और लगभग 500 मतदाता हैं. ग्रामीणों के अनुसार जल निकासी के लिए चार सोख्तों का निर्माण कराया गया है, इसके बावजूद श्रवण सिंह के घर से गजाधर बाबा मंदिर तक करीब 50 मीटर हिस्से में गंदे पानी का जलजमाव बना हुआ है.

जलजमाव से परेशान वार्ड निवासी सतेंद्र सिंह ने अपना घर बंद कर मुख्य सड़क किनारे स्थित दूसरे मकान में रहने की बात कही. ग्रामीणों के अनुसार उनके घर के सामने दो सोख्तों की खुदाई कर करीब एक महीने तक खुला छोड़ दिया गया था. युवाओं द्वारा इसका वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किये जाने के बाद ठेकेदार ने मिट्टी भरकर काम पूरा करने का प्रयास किया.

बिना चेंबर और मानक के निर्माण का भी आरोप

मुख्य गली में पप्पू सिंह और हीरा सिंह के घर के सामने बने दो सोख्तों को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाये हैं. उनका आरोप है कि दोनों सोख्तों का निर्माण उचित चेंबर और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं कराया गया है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि निर्माण प्राक्कलन के अनुसार हुआ है तो तकनीकी टीम से स्थल की जांच करायी जानी चाहिए.

35 हजार की योजना, निर्माण मानकों पर उठे सवाल

ग्रामीणों के अनुसार करीब 35 हजार रुपये की लागत वाले सोख्ता निर्माण में निर्धारित प्रक्रिया के तहत गोलाकार खुदाई, बीच में बोर, रेत और पीसीसी की परत, हनीकॉम्ब ईंट की दीवार, ईंट के टुकड़ों की भराई और आरसीसी ढक्कन सहित कई तकनीकी प्रावधान हैं. जॉइंट चेंबर के निर्माण के लिए भी अलग माप और निर्माण मानक निर्धारित हैं.

ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर बने सोख्तों में इन मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया है. उन्होंने निर्माण की मापी और तकनीकी जांच कराने की मांग की है.

ग्रामीण बोले- जांच हुई तो सामने आएगी पूरी हकीकत

शिकायतकर्ता सौरव कुमार सिंह के साथ नविंदु कुमार सिंह, गोलू सिंह, बिनोद चौधरी, आकाश सिंह, यश गुप्ता और सूरज गुप्ता ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि पोर्टल पर निर्माण पूरा होने की रिपोर्ट और मौके पर अधूरे काम की स्थिति के बीच अंतर की जांच जरूरी है.

उन्होंने निर्माण स्थल की मापी, गुणवत्ता और प्राक्कलन के अनुसार काम की जांच कराने तथा अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है.

बीडीओ बोले- जेई से करायी जा रही जांच

मामले में बीडीओ विकास कुमार सिंह ने बताया कि सोमवार को बड़ौरा गांव के एक युवक ने वार्ड संख्या तीन में बने सोख्ते में अनियमितता और काम अधूरा होने को लेकर आवेदन दिया है. इसकी जांच विभाग के जूनियर इंजीनियर से करायी जा रही है. उन्होंने कहा कि जांच में सोख्ता निर्माण में अनियमितता या काम अधूरा पाया जाता है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.


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