कैमूर: न बलि, न दिखावा... सिर्फ आस्था, मलिकसराय में अनोखे अंदाज में हुई मां काली की पूजा

Updated:
विज्ञापन

गांव की परिक्रमा करते लोग | Prabhat Khabar Network

चैनपुर के मलिक सराय गांव में मां काली की पूजा श्रद्धा के साथ हुई। यहां बिना बलि के पूजा की जाती है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

विज्ञापन

Kaimur News : चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के मलिकसराय गांव में मंगलवार को मां काली की पूजा पूरे श्रद्धा और धूमधाम के साथ संपन्न हुई. ग्रामीणों के लिए इस पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है. खास बात यह है कि यहां मां काली की पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की वास्तविक बलि नहीं दी जाती है. हर दो वर्ष पर आयोजित होने वाली इस पूजा में आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं के साथ मलिकसराय में रहने वाले परिवारों के रिश्तेदार भी बड़ी संख्या में शामिल होते हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

गांव की परिक्रमा के बाद मंदिर पहुंचकर हुई पूजा

पूजा के अवसर पर ग्रामीणों ने एकजुट होकर पूरे गांव की परिक्रमा की. इसके बाद श्रद्धालु गांव के बाहर स्थित काली मंदिर पहुंचे, जहां विधिवत पूजा-अर्चना की गई. पूजा के दौरान मां काली के जयघोष से पूरा गांव भक्तिमय हो उठा.

रक्तविहीन बलि की निभाई गई प्रतीकात्मक रस्म

मां काली की पूजा के दौरान यहां बलि की परंपरा को प्रतीकात्मक रूप से निभाया जाता है. दर्शनियों ने मां मुंडेश्वरी मंदिर की परंपरा के अनुरूप भेड़ और बकरे की रक्तविहीन बलि की प्रतीकात्मक रस्म निभाई. ग्रामीणों के अनुसार, पूजा में वास्तविक रूप से किसी पशु की बलि नहीं दी जाती है.

सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी जुटे ग्रामीण

पूजा के अवसर पर गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. इसमें ग्रामीणों ने उत्साह के साथ भाग लिया. पूरे आयोजन के दौरान गांव में धार्मिक माहौल बना रहा. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां काली का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया.

Also Read : एनीमिया मुक्त बिहार अभियान शुरू, कैमूर में 30 नवंबर तक होगी जांच; बच्चों से गर्भवती महिलाओं तक की होगी स्क्रीनिंग



विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन