कैमूर : सरकारी बाहा पर अतिक्रमण से जल निकासी बाधित, सैकड़ों एकड़ फसल प्रभावित होने की आशंका
डीएम को आवेदन देने कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण | Prabhat Khabar Network
Kaimur News : कैमूर के रघुनाथपुर गांव में सरकारी नाले पर कथित अतिक्रमण के कारण जल निकासी पूरी तरह से ठप हो गई है. इससे बरसात का पानी खेतों में जमा हो रहा है, जिससे धान सहित सैकड़ों एकड़ फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.
Kaimur News : दुर्गावती प्रखंड के रघुनाथपुर गांव में सरकारी बाहा पर कथित अतिक्रमण के कारण जल निकासी की समस्या गंभीर होती जा रही है. जल निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने से बरसात का पानी खेतों में जमा हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि इससे सैकड़ों एकड़ में लगी धान समेत अन्य फसलें प्रभावित हो रही हैं. सोमवार को ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल अपनी समस्या लेकर जिला पदाधिकारी से मिलने पहुंचा और सरकारी बाहा से अतिक्रमण हटाकर जल निकासी व्यवस्था बहाल कराने की मांग की.
मुख्य मार्ग के दोनों ओर मौजूद है सरकारी बाहा
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को दिये आवेदन में बताया कि रघुनाथपुर गांव के मुख्य मार्ग के दोनों ओर परंपरागत रूप से सरकारी बाहा यानी जल निकासी नाला मौजूद है. आवेदन में दावा किया गया है कि राजस्व अभिलेखों में भी उक्त बाहा दर्ज है. इसी बाहा के माध्यम से गांव का बरसाती पानी और घरेलू अपशिष्ट पानी बाहर निकलता रहा है. लेकिन बाहा के बड़े हिस्से पर कथित अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हो गयी है.
करीब एक एकड़ भूमि पर अतिक्रमण का आरोप
ग्रामीणों ने आवेदन में आरोप लगाया है कि कुछ लोगों ने सरकारी बाहा की करीब एक एकड़ भूमि को कथित तौर पर जोतकर अपनी निजी कृषि भूमि में मिला लिया है. इससे प्राकृतिक जल निकासी का रास्ता बंद हो गया है. बरसात के दिनों में खेतों और गांव के आसपास पानी जमा हो जाता है, जो लंबे समय तक खेतों में रहने के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है.
धान समेत अन्य फसलों को नुकसान, किसान परेशान
ग्रामीणों के अनुसार, खेतों में पानी जमा रहने से धान समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंच रहा है. इससे किसानों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि समय पर जल निकासी नहीं होने की स्थिति में फसल उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ेगी.
पहले भी अधिकारियों से की जा चुकी है शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि जल निकासी की समस्या और बाहा पर अतिक्रमण को लेकर पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों को कई बार आवेदन दिया जा चुका है. आवेदन में पूर्व में दिये गये आवेदनों के साथ मापी आदेश का भी उल्लेख किया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि मापी की प्रक्रिया होने के बावजूद अब तक अतिक्रमण हटाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है.
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इन लोगों पर लगाया गया अतिक्रमण का आरोप
आवेदन में बेचन यादव, जयशंकर सिंह, विजय शंकर यादव और अरविंद कुमार यादव पर सरकारी बाहा की भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप लगाया गया है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराने और राजस्व अभिलेख व मापी प्रतिवेदन के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है.
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अतिक्रमण हटाकर जल निकासी बहाल कराने की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले में शीघ्र हस्तक्षेप कर संबंधित विभाग को कार्रवाई का निर्देश देने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते सरकारी बाहा को अतिक्रमणमुक्त कर जल निकासी व्यवस्था बहाल नहीं की गयी, तो आने वाले दिनों में किसानों की परेशानी और बढ़ सकती है. ग्रामीणों ने गांव की जल निकासी व्यवस्था पूर्ववत कराने और किसानों को जलजमाव से राहत दिलाने की मांग की है.
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