कैमूर में दो महीने में ही धंस गया 14 लाख का नाला, सड़क भी बैठी; निर्माण में अनियमितता का आरोप
1 भसे नाला को निहारते ग्रामीण 2 नाला का टूटा ढक्कन | Prabhat Khabar Network
रामपुर के भीतरीबांध गांव में 14 लाख की लागत से बना नाला दो महीने में ही धंस गया। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।
Kaimur News : रामपुर प्रखंड के भीतरीबांध गांव में पुराना पंचायत भवन के पास जिला परिषद मद से षष्ठम राज्य वित्त आयोग योजना के तहत करीब 14 लाख रुपये की लागत से बनाया गया नाला महज दो महीने में ही धंसकर टूटने लगा है. नाला धंसने के साथ ही करमचट डैम जाने वाली सड़क का हिस्सा भी बैठ गया है. इससे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गये हैं और यहां से गुजरने वाले चार पहिया वाहन फंस जा रहे हैं. ग्रामीणों ने नाला निर्माण में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाते हुए तत्काल मरम्मत की मांग की है.
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नाला धंसा तो सड़क पर बना खतरनाक गड्ढा
भीतरीबांध पुराने पंचायत भवन से करमचट डैम जाने वाली सड़क पर नाला निर्माण के दौरान बीमा डालने के बाद सड़क का हिस्सा धंस गया. ग्रामीणों के अनुसार, नाला कई जगह टूट चुका है. इससे गांव के पानी की निकासी भी प्रभावित हो रही है. नाला धंसने के बाद ग्रामीणों को खुद मिट्टी हटाकर उसकी सफाई करनी पड़ी.
पशुओं के बाद अब लोगों के गिरने का डर
ग्रामीण धनजी साह और मनोज यादव ने बताया कि नाला निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया. धंसे हुए नाले में पशु गिर रहे हैं. यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो बच्चे और राहगीर भी इसमें गिरकर घायल हो सकते हैं. ग्रामीणों ने सड़क पर बने गड्ढे और टूटे नाले को हादसे के लिहाज से बेहद खतरनाक बताया है.
विधायक मद के नाले का ढक्कन भी टूटा
ग्रामीणों ने बताया कि इसी इलाके में विधायक मद से बनाये गये नाले के ढक्कन भी कई जगह टूट चुके हैं. इससे भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है. लोगों का आरोप है कि जिला परिषद मद से बनाये गये नाले में भी बेहतर निर्माण के बजाय ह्यूम पाइप का इस्तेमाल किया गया है. उनका कहना है कि सड़क के नीचे बीमा डालने के साथ पूर्व और पश्चिम दिशा में भी ह्यूम पाइप डाले गये, जबकि वहां नाला निर्माण कराया जाना चाहिए था.
300 फीट नाले पर 14 लाख खर्च, फिर भी दो महीने में खराब
ग्रामीणों ने योजना की लागत और निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाये हैं. लोगों के अनुसार, बीडीसी मद से करीब 350 फीट नाला 10 लाख रुपये में और विधायक मद से करीब 300 फीट नाला 10 लाख रुपये में बनाया गया था. वहीं जिला परिषद मद से करीब 300 फीट नाला निर्माण पर 13 लाख 94 हजार 200 रुपये खर्च किये गये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि सबसे अधिक लागत वाले इस नाले की स्थिति निर्माण के दो महीने बाद ही खराब हो गयी है.
प्रखंड प्रमुख ने भी मानी नाला धंसने की बात
प्रखंड प्रमुख घुरा सिंह यादव ने बताया कि भीतरीबांध गांव से बाढ़ के पानी की निकासी के लिए अलग-अलग मद से नाला निर्माण कराया गया है. विधायक भरत बिंद की ओर से एक साल पहले 10 लाख रुपये की लागत से 300 फीट, बीडीसी फंड से 10 लाख रुपये में 350 फीट, पंचायत स्तर से करीब साढ़े सात लाख रुपये में 250 फीट और जिला परिषद मद से दो माह पहले करीब 14 लाख रुपये की लागत से 300 फीट नाला बनाया गया है.
प्रखंड प्रमुख ने कहा कि जिला परिषद मद से बनाया गया नाला जगह-जगह धंसकर टूट गया है और इसकी वजह से सड़क भी बैठ गयी है. उन्होंने योजना में अनियमितता की आशंका जताते हुए तत्काल सड़क और नाले की मरम्मत कराने की मांग की, ताकि आवागमन बाधित होने के साथ किसी तरह का हादसा न हो.
जेई बोले- अभी नहीं हुआ है भुगतान, कराया जायेगा मरम्मत
लघु सिंचाई विभाग के जेई भोला पासवान शास्त्री ने बताया कि जिला परिषद मद से नाला निर्माण लघु सिंचाई विभाग की देखरेख में कराया गया है. उन्होंने कहा कि जो नाला धंसकर टूट गया है, उसका अभी भुगतान नहीं हुआ है. नाले की मरम्मत करायी जायेगी.

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