जहानाबाद-अरवल NH पांच घंटे रहा जाम, हफ्ते भर बाद शव मिलने पर लोगों ने किया हंगामा

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जाम कर रहे लोगों को समझाते अधिकारी | Prabhat Khabar Network

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एक लापता चालक का शव मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने जहानाबाद-अरवल NH-33 को 5 घंटे तक जाम कर प्रदर्शन किया. पढ़ें पूरी खबर.

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Jehanabad Arwal NH 33 Jam : जहानाबाद-अरवल एनएच-33 मुख्य सड़क मार्ग पर परसबिगहा थाना क्षेत्र अंतर्गत कसई गांव के समीप ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जमकर प्रदर्शन किया. एक सप्ताह से अधिक समय से लापता अधेड़ चालक का शव बरामद होने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा.

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जाम कर रहे लोगों के अनुसार वाहन चालक उपेंद्र मालाकार (50 वर्ष) 31 अगस्त को जहानाबाद से गोविंदा बस लेकर धमौल के रास्ते तेलपा जा रहा था. धमौल गांव के पास मोटरसाइकिल से टक्कर होने के बाद चालक जान बचाकर बस से कूद कर भागा था. ग्रामीण उसका पीछा कर रहे थे, लेकिन वह हाथ नहीं लगा.

इसके बाद से वह घर नहीं लौटा, जिस पर परिजनों ने कुर्था थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. एनडीआरएफ की टीम ने नदी में खोजबीन की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला था.

जाम कर रहे लोगों को समझाते थानाध्यक्ष | Prabhat Khabar Network
जाम कर रहे लोगों को समझाते थानाध्यक्ष | Prabhat Khabar Network

गोदना और चंद्रमा से हुई चालक की पहचान

करीब हफ्ते भर बाद दुर्घटनास्थल के समीप पुनपुन नदी किनारे से चालक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला. हाथ पर बने गोदना और गले में पहने चंद्रमा से परिजनों ने उसकी पहचान की. पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल अरवल ले गई, जहां से विशेष डीएनए जांच व पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच पटना भेज दिया गया.

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परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

शव परिजनों को न देकर सीधे पटना भेजे जाने पर लोग भड़क गए. परिजनों का आरोप है कि घायल बाइक सवार के लोगों ने ही चालक की हत्या की है और कुर्था पुलिस की लापरवाही के कारण यह घटना हुई.

5 घंटे बाद खुला Jehanabad Arwal NH 33 Jam

सड़क जाम से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई. सूचना पर परसबिगहा थानाध्यक्ष सर्वनारायण, झुनाठी थानाध्यक्ष अजित कुमार व डायल 112 की पुलिस पहुंची. बाद में सदर सीओ ममता कुमारी ने मौके पर पहुंचकर दोषियों पर कार्रवाई और सरकारी सहायता का आश्वासन दिया, जिसके बाद करीब 5 घंटे बाद परिचालन शुरू हो सका.

क्या है मामला

बताया जाता है कि उपेंद्र मालाकार गत 31 अगस्त को गोविंदा बस पर जहानाबाद से सवारी बैठाकर तेलपा जा रहा था. इसी दौरान धमौल गांव से मोटरसाइकिल पर सवार होकर युवक आ रहा था. इसी बीच दोनों वाहनों में टक्कर हो गई और मोटरसाइकिल चालक मामूली रूप से घायल हो गया.

इसके बाद बस चालक उपेंद्र मालाकार भयभीत होकर बस से कूद कर भागने लगा. ग्रामीण चालक का पीछा कर रहे थे. लेकिन वह कहीं छुप गया और ग्रामीणों के हाथ नहीं लगा. तब ग्रामीण यह समझे कि यह नदी में कूद गया है.

इसके बाद परिजनों के द्वारा थाने को नदी में खोजवाने के लिए आग्रह किया गया. एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर आई और नदी में काफी खोजबीन की, लेकिन कोई अता-पता नहीं चल सका था.

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