जहानाबाद: खींचतान और बदहाल व्यवस्था के बीच नए ईओ की एंट्री, शहर की सफाई और विकास सुधारना बड़ी चुनौती
नगर परिषद जहानाबाद का भवन| Prabhat Khabar Network
जहानाबाद नगर परिषद में नए कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) के रूप में गोपाल कुमार ने पदभार संभाला है. शहर की गंदगी, जाम नालियों और अंधेरे में डूबी सड़कों को सुधारना उनकी पहली प्राथमिकता होगी. आगामी त्योहारों से पहले व्यवस्था दुरुस्त करने की चुनौती.
Jehanabad News: जहानाबाद नगर परिषद के नए कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) के रूप में गोपाल कुमार ने पदभार संभाल लिया है, लेकिन उनके सामने शहर के बुनियादी विकास और व्यवस्था को पटरी पर लाने की कठिन चुनौती खड़ी है. नगर परिषद का नया बोर्ड अपने गठन के बाद से ही लगातार आपसी खींचतान और आंतरिक राजनीति का अखाड़ा बना रहा है. नए बोर्ड को बने लगभग पौने दो साल बीत चुके हैं, लेकिन आपसी समन्वय के अभाव में शहर में विकास का कोई बड़ा और ठोस कार्य धरातल पर नहीं उतर सका है.
गंदगी का अंबार और जाम नालियां बनी मुसीबत
शहर के अधिकांश वार्डों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है. जहानाबाद शहरी क्षेत्र की नालियां बजबजा रही हैं और मुख्य नाले पूरी तरह जाम पड़े हैं. कई प्रमुख मोहल्लों और गलियों में नाली का गंदा पानी सड़कों पर ओवरफ्लो कर रहा है, जिससे आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई एजेंसी द्वारा तय मानकों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है. बोर्ड की बैठकों में एजेंसी को हटाने और काली सूची में डालने की मांग उठने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है.
टेंडर पास होने के बाद भी अंधेरे में डूबा शहर
शहर में रोशनी की व्यवस्था भी लंबे समय से बदहाल है. छह माह से अधिक समय पहले स्ट्रीट लाइट की खरीद और मरम्मत का टेंडर निकाला गया था, लेकिन तकनीकी पेंच के कारण अब तक खरीदारी पूरी नहीं हो सकी है. नतीजतन शहर की प्रमुख सड़कें और रिहायशी कॉलोनियां शाम ढलते ही अंधेरे में डूब जाती हैं. सावन और जन्माष्टमी का पर्व अंधेरे में बीत चुका है और अब दशहरा व दीपावली जैसे बड़े त्योहार सिर पर हैं. संवेदकों द्वारा डाले गए टेंडर तकनीकी कारणों से अटके हैं और कार्य आदेश (वर्क ऑर्डर) जारी नहीं हो सके हैं.
राजनीति, खींचतान और पिछले विवादों का साया
जहानाबाद नगर परिषद में प्रशासनिक तालमेल बैठाना हमेशा से पेचीदा रहा है. पूर्व के कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यकाल में मुख्य पार्षद और अधिकारियों के बीच गंभीर टकराव, तू-तू मैं-मैं और यहां तक कि मारपीट के आरोप-प्रत्यारोप तक का मामला सामने आया था, जिसमें प्राथमिकी (एफआईआर) भी दर्ज कराई गई थी. ऐसे माहौल में नए कार्यपालक पदाधिकारी के लिए मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद और विभिन्न गुटों में बंटे वार्ड पार्षदों के बीच समन्वय स्थापित कर बोर्ड के लंबित एजेंडों को धरातल पर उतारना सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा.

त्योहारों से पहले व्यवस्था सुधारेंगे नए ईओ
चुनौतियों के बीच कार्यभार संभालने वाले कार्यपालक पदाधिकारी गोपाल कुमार ने व्यवस्था में शीघ्र सुधार का भरोसा दिलाया है. ईओ गोपाल कुमार ने कहा कि "आगामी प्रमुख त्योहारों को देखते हुए हमारा सबसे पहला फोकस शहर की साफ-सफाई, सीसीटीवी कैमरों और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था को दुरुस्त करने पर रहेगा. इसके लिए विशेष सफाई और मरम्मत अभियान शुरू किया जाएगा. कुछ लंबित टेंडरों को लेकर विभागीय स्तर पर वार्ता चल रही है. हमारा निरंतर प्रयास रहेगा कि जहानाबाद नगर परिषद क्षेत्र को बेहतर नागरिक सुविधाएं और पारदर्शी प्रशासन दिया जा सके."
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