जहानाबाद न्याय मंडल में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, विवादों का हुआ सौहार्दपूर्ण निपटारा

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राष्ट्रीय लोक अदालत के उद्घाटन में उपस्थित न्यायाधीश | Prabhat Khabar Network

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जहानाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न प्रकार के सुलहनीय आपराधिक मामलों, बैंक ऋण, बिजली, पारिवारिक विवादों और मोटर दुर्घटना दावों जैसे मुकदमों का आपसी सहमति से त्वरित निपटारा किया गया. इस आयोजन का उद्देश्य पक्षकारों को सुलभ और नि:शुल्क न्याय प्रदान कर समय एवं धन की बचत करना था.

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राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के तत्वावधान में वर्ष 2026 की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जहानाबाद न्याय मंडल में किया गया. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आयोजित इस राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सतीश कुमार देव ने किया.

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राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य सुलहनीय आपराधिक मामलों, बैंक ऋण, बिजली, पारिवारिक एवं दांपत्य विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, बीएसएनएल, परिवहन चालान, माइनिंग तथा अन्य लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निपटारा करना था. इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा गठित 8 न्याय पीठों के माध्यम से पक्षकारों को सुलभ न्याय उपलब्ध कराया गया.

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव बृजेश कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के मामलों के निपटारे के लिए जहानाबाद व्यवहार न्यायालय में 8 न्याय पीठों का गठन किया गया था. सभी न्याय पीठों में न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं एवं प्राधिकार के कर्मियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए अधिक से अधिक मामलों के निपटारे का प्रयास किया.

उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को त्वरित, सरल एवं नि:शुल्क न्याय प्राप्त होता है तथा समय एवं धन की बचत होती है. राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक ऋण, बीएसएनएल, सुलहनीय आपराधिक मामलों, मोटर दुर्घटना दावा, दांपत्य विवाद, परिवहन चालान एवं अन्य मामलों का निपटारा किया गया. विभिन्न मामलों में पक्षकारों की सहमति के आधार पर समझौता राशि निर्धारित की गई.

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को सरल एवं सुलभ न्याय प्राप्त होता है. इसमें न्याय शुल्क नहीं लगता तथा समय और पैसे की भी बचत होती है. उन्होंने लोगों से अपील की कि आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से छोटे-मोटे विवादों का समाधान कराएं, जिससे समाज में शांति, सौहार्द एवं आपसी भाईचारे का वातावरण कायम हो सके.

जिला प्रशासन की ओर से अपर समाहर्ता विनय कुमार ने भी लोक अदालत के माध्यम से सुलहनीय मुकदमों का निपटारा कराने के लिए पक्षकारों से अनुरोध किया. विधि प्रभारी, जिला प्रशासन आकांक्षा गुप्ता ने लोगों से अपील की कि अधिक से अधिक संख्या में राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं तथा आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान कराएं.

राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निपटारे के लिए गठित न्याय पीठों में पीठासीन पदाधिकारी के रूप में सतीश कुमार देव, इनायत करीम, मिट्ठू सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कौशलेंद्र कुमार शुक्ला, अंकित राजन, रितु कुमारी, मनीष कुमार एवं चित्र कुंदन सहित सभी न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ने न्यायिक कार्य का निष्पादन किया. सभी न्याय पीठों में पैनल अधिवक्ताओं ने पक्षकारों को सुलह-समझौते के लिए आवश्यक विधिक सहायता एवं सहयोग प्रदान किया. मंच का संचालन सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता बैद्यनाथ शरण एवं अधिवक्ता राजीव कुमार ने किया.

कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक मनोज पांडे, जिला परिवहन पदाधिकारी, अभियोजन पदाधिकारी शारदानंद कुमार, पैनल अधिवक्ता, सभी पीएलवी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मी सहित बड़ी संख्या में पक्षकार एवं अन्य उपस्थित रहे.

जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से पक्षकारों को विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का अवसर प्रदान किया गया. लोक अदालत का यह आयोजन न्याय तक आमजन की पहुंच सुनिश्चित करने एवं समाज में विधिक जागरूकता तथा आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रहा.

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