जहानाबाद में इबोला अलर्ट: विदेश यात्रा कर लौटे लोगों की होगी विशेष मॉनिटरिंग

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सदर अस्पताल, जहानाबाद

jehanabad News: इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए जहानाबाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है. आइसोलेशन वार्ड तैयार किए जा रहे हैं और विदेश से लौटने वाले लोगों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं.

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jehanabad News: (संजय अनुराग की रिपोर्ट) इबोला वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए जहानाबाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है. स्वास्थ्य विभाग ने इबोला जैसे गंभीर संक्रमण से निपटने के लिए अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार करने, आवश्यक दवाओं और स्वास्थ्य उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा चिकित्सकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है.

आइसोलेशन वार्ड और विशेष बेड की तैयारी

सिविल सर्जन डॉ. हरिश्चंद्र चौधरी ने बताया कि जिले के सभी अस्पतालों में इबोला वायरस से संभावित संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए आइसोलेशन वार्ड और विशेष बेड तैयार किए जा रहे हैं. साथ ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, जीवन रक्षक दवाएं, मास्क और ग्लव्स की व्यवस्था भी की जा रही है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और पारा मेडिकल स्टाफ को इबोला वायरस की पहचान, बचाव और उपचार से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा.

ओपीडी में आने वाले संदिग्ध मरीजों पर नजर

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक इबोला वायरस का कोई संदिग्ध मामला सामने नहीं आया है. इसके बावजूद बिहार सरकार की एडवाइजरी के तहत सभी अस्पतालों के अधीक्षक, उपाधीक्षक और प्रभारी चिकित्सकों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है. विशेष रूप से ओपीडी में आने वाले मरीजों की जांच की जा रही है और संदिग्ध लक्षण मिलने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है.

विदेश से लौटने वालों की होगी निगरानी

स्वास्थ्य विभाग ने अफ्रीकी देशों और इबोला प्रभावित क्षेत्रों से लौटने वाले लोगों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है. ऐसे लोगों की स्वास्थ्य स्थिति और यात्रा इतिहास की जानकारी जुटाई जाएगी. संदिग्ध लक्षण मिलने पर संबंधित व्यक्ति को क्वॉरेंटाइन कर चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाएगा.

इबोला वायरस के शुरुआती लक्षण

  • अचानक तेज बुखार और ठंड लगना
  • अत्यधिक कमजोरी और थकान
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • गंभीर सिरदर्द
  • गले में खराश

गंभीर लक्षण होने पर बढ़ जाता है खतरा

  • पेट दर्द, उल्टी और दस्त
  • शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)
  • नाक, मसूड़ों या मल से रक्तस्राव
  • लीवर और किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होना

बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से इबोला के लक्षण वाले व्यक्तियों के सीधे संपर्क से बचने की अपील की है. मरीज की देखभाल के दौरान मास्क और दस्ताने का उपयोग करने तथा नियमित रूप से हाथ धोने की सलाह दी गई है. इसके अलावा विदेश से लौटे लोगों में लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराने और आवश्यक होने पर क्वॉरेंटाइन रहने को कहा गया है.

क्या बोले सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ. हरिश्चंद्र चौधरी ने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है. विदेश से लौटने वाले मरीजों की विशेष निगरानी रखने और इबोला जैसे लक्षण मिलने पर तत्काल आइसोलेट कर इलाज शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के पास आवश्यक दवाएं और उपकरण उपलब्ध हैं.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट. नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है.

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