जहानाबाद में डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को दी गई सीपीआर ट्रेनिंग, हार्ट अरेस्ट में जान बचाने के बताए गए तरीके

Author Sanjay Anurag|Edited by Nikhil Anurag
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सदर अस्पताल के जीएनएम भवन में दिया जा रहा सीपीआर का प्रशिक्षण | Prabhat Khabar Network

सदर अस्पताल के जीएनएम भवन में दिया जा रहा सीपीआर का प्रशिक्षण

Jehanabad CPR training: जिले के सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को सदर अस्पताल में सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का विशेष प्रशिक्षण दिया गया. मेदांता पटना की टीम ने हार्ट अटैक की स्थिति में मरीज की जान बचाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए. प्रशिक्षण का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है.

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Jehanabad CPR training: सदर अस्पताल के जीएनएम भवन में शुक्रवार को जिले के सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का विशेष प्रशिक्षण दिया गया. मेदांता पटना से आई चिकित्सकों की टीम ने प्रतिभागियों को हार्ट अरेस्ट की स्थिति में मरीज की जान बचाने के व्यावहारिक तरीके सिखाए.

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी, अचानक सदमा लगने या अन्य कारणों से हार्ट अरेस्ट होने पर शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. ऐसे समय में सही तरीके से सीपीआर देकर मरीज को पुनर्जीवित किया जा सकता है.

शुरुआती मिनटों में सीपीआर से बच सकती है जान

मेदांता पटना के चिकित्सक डॉ. अभिषेक ने कहा कि हार्ट अरेस्ट के बाद अस्पताल पहुंचाने में समय लग सकता है, लेकिन यदि मौके पर मौजूद कोई व्यक्ति सीपीआर देना जानता हो तो मरीज की जान बचाई जा सकती है.

उन्होंने बताया कि हार्ट अरेस्ट किसी भी व्यक्ति को हो सकता है. दुर्घटना, गंभीर बीमारी, अचानक दुखद समाचार मिलने या हृदय रोगियों में इसकी आशंका अधिक रहती है. आजकल स्वस्थ व्यक्तियों में भी व्यायाम के दौरान अचानक हार्ट अरेस्ट के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में समय पर सीपीआर देना जीवन रक्षक साबित हो सकता है.

पिछले हादसों का दिया गया उदाहरण

सिविल सर्जन डॉ. हरिश्चंद्र चौधरी ने कहा कि पिछले वर्ष जहानाबाद के समीप हुई बड़ी दुर्घटना में दम घुटने से कई लोगों की मौत हो गई थी. यदि उस समय प्रभावित लोगों को तत्काल सीपीआर दिया जाता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षित करने के बाद आगे पुलिस कर्मियों और अन्य लोगों को भी सीपीआर का प्रशिक्षण देने की योजना है, ताकि आपात स्थिति में अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सके.

चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने लिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. चंद्रशेखर आजाद, डीआईओ डॉ. प्रमोद कुमार सहित कई चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे. प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सीपीआर की तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन भी कराया गया और आपातकालीन परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई.


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