शहर के वार्ड नंबर 29 से होकर गुजरने वाले देवरिया नाले के अस्तित्व पर संकट

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जहानाबाद : शहर के वार्ड नंबर 29 से होकर गुजरने वाले देवरिया नाले के अस्तित्व पर संकट आ गया है. इस नाले से समाहरणालय, विकास भवन, ट्रेजरी, डीएचएस कार्यालय के अलावे कई वार्डों की नालियों के पानी का बहाव होता है. यह नाला जमुनइया नदी में जाकर मिलता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से नाले […]

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जहानाबाद : शहर के वार्ड नंबर 29 से होकर गुजरने वाले देवरिया नाले के अस्तित्व पर संकट आ गया है. इस नाले से समाहरणालय, विकास भवन, ट्रेजरी, डीएचएस कार्यालय के अलावे कई वार्डों की नालियों के पानी का बहाव होता है. यह नाला जमुनइया नदी में जाकर मिलता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से नाले पर तेजी से अतिक्रमण हो रहा है, जिसके कारण नाले का अस्तित्व मिटने के कगार पर पहुंच गया है. कई स्थान पर तो नाला पूरी तरह से भरकर उस पर पक्का निर्माण कर लिया गया है.

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ऐसे में यह पता ही नहीं चलता कि कभी यहां नाला भी बहा करता होगा. हद तो यह है कि नाले के किनारे जिसने भी अपना घर बनाया उसने नाले का अतिक्रमण कर या तो उस पर पुल का निर्माण कर दिया या फिर उसे भरकर रास्ता बना लिया, जिसका खामियाजा मुहल्लेवासियों को उठाना पड़ रहा है और नाले के गंदा पानी का बहाव गलियों में हो रहा है. मुहल्लेवासी प्रशासन से नाले की उड़ाही के साथ ही उसे अतिक्रमणमुक्त कराने की गुहार लगा रहे हैं.

गंदगी व बदबू से जीना हुआ मुहाल: शहर के मुहल्लों में रहने वाले लोग एक बड़ी समस्या से जूझ रहे हैं और वह समस्या है अलगना और देवरिया नाले का खुला रहना. एक तो इसकी समुचित उड़ाही नहीं और दूसरा नालों के खुले रहने से उसमें गिरकर जान जाने का भय. साथ ही खुले नाले से गंदगी और बदबू फैलने के कारण लोगों का जीना मुहाल हो रहा है. पूरे शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ा हुआ है. तरह-तरह की बीमारियां फैल रही हैं. बैक्टीरियल और वायरल बीमारियों से ग्रसित होकर लोग सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. शहर की इतनी बड़ी समस्या रहने के बावजूद इसके समाधान के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहा है. शहर की सफाई- व्यवस्था मुकम्मल रखने के लिए वर्ष 1911 में अधिसूचित क्षेत्र समिति का गठन हुआ था. कालांतर में 1962 में नगरपालिका ब और फिर 2007 में उसे नगर पर्षद का दर्जा दिया गया, फिर भी शहरवासियों के सामने गंदगी और इससे जनित बीमारियों की समस्या का समाधान निकालने का कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ.
50 फीसदी वार्डों से गुजरा है अलगना और देवरिया नाला
नगर पर्षद क्षेत्र में वार्डों की संख्या 33 है. इनमें से 18 वार्डों के कई मुहल्लों का गंदा पानी अलगना नाले से गुजरकर दरधा नदी में गिरता है, जबकि वार्ड नंबर 29 और 30 के कुछ भाग की गंदगी देवरिया नाले से होते हुए जमुने नदी में गिरती है. उक्त दोनों नालों की हालत खराब है. कई जगहों पर नाला जर्जर हालत में है. आधे से अधिक भाग का पक्कीकरण भी नहीं कराया गया है.
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