जमुई: जमीन की रजिस्ट्री अब होगी आसान और पारदर्शी! रावणेश्वर हॉल में 'पेपरलेस निबंधन' जागरूकता अभियान का शुभारंभ

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पेपरलेस निबंधन AI Image

जमुई में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए 'पेपरलेस निबंधन जन जागरूकता कार्यक्रम' का भव्य शुभारंभ किया गया है. जिलाधिकारी ने इसका उद्घाटन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के लिए रजिस्ट्री को सुविधाजनक बनाना है.

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जमुई शहर के रावणेश्वर हॉल में शनिवार को मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार के तत्वावधान में 'पेपरलेस निबंधन जन जागरूकता कार्यक्रम' का भव्य शुभारंभ किया गया. जिलाधिकारी (DM) श्री नवीन ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जबकि अध्यक्षता समाहर्ता सह जिला निबंधक ने की. इस नई डिजिटल व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जमीन व अन्य संपत्तियों की निबंधन (रजिस्ट्री) प्रक्रिया को पूरी तरह से सरल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है, ताकि आम नागरिकों को रजिस्ट्री कार्यालयों के बेवजह चक्कर न लगाने पड़ें.

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आधुनिक तकनीक से सुगम होगी निबंधन प्रक्रिया

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी श्री नवीन ने पेपरलेस निबंधन व्यवस्था की कई विशेषताएं गिनाईं:

  • पारदर्शिता और सहूलियत: DM ने कहा कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से रजिस्ट्री की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता आएगी. आम लोगों को निबंधन कार्यालय से जुड़े कार्यों में अब काफी सहूलियत मिलेगी.
  • भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम: कागजी प्रक्रिया कम होने और डिजिटल रिकॉर्ड मेंटेन होने से बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनेगी.

नवीसों (डीड राइटर) को DM का कड़ा निर्देश

इस जन जागरूकता कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों नवीस (डीड राइटर/कातिब) शामिल हुए.

  • भ्रांति दूर करने की अपील: जिलाधिकारी ने नवीसों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे नई पेपरलेस व्यवस्था को लेकर आम लोगों को सही और सटीक जानकारी दें.
  • नई तकनीक अपनाने पर जोर: उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी प्रकार की भ्रांति न रहे, इसके लिए नवीसों को स्वयं इस तकनीक को बारीकी से समझना होगा और इसका लाभ आम जनमानस तक पहुंचाना होगा.

डिजिटल व्यवस्था को सफल बनाने में जुटे अधिकारी

कार्यक्रम में प्रशासन के कई वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे और उन्होंने नई व्यवस्था पर प्रकाश डाला:

  • जागरूकता है जरूरी: जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) डॉ. सुनील कुमार, मद्य निषेध अधीक्षक सुभाष पांडेय, जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) डॉ. मेनका, कला एवं संस्कृति विभाग के विकेश कुमार और सिंचाई प्रमंडल के गौतम कुमार ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया.
  • सामूहिक प्रयास की जरूरत: अधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि इस डिजिटल व्यवस्था को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए आम लोगों के साथ-साथ इससे जुड़े सभी कर्मियों की जागरूकता अत्यंत आवश्यक है.


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