गिद्धौर के कोल्हुआ आयुष्मान आरोग्य मंदिर का राष्ट्रीय टीम ने किया वर्चुअल निरीक्षण

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कोल्हुआ आयुष्मान आरोग्य मंदिर के वर्चुअल निरीक्षण के दौरान मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं कर्मी | Prabhat Khabar Network

गिद्धौर प्रखंड के कोल्हुआ स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का राष्ट्रीय स्तर की टीम ने एनक्यूएएस प्रमाणीकरण के तहत वर्चुअल निरीक्षण किया. इस निरीक्षण में स्वास्थ्य सेवाओं, संसाधनों और मरीजों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई. इसका उद्देश्य ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की गुणवत्ता को मापना और सुधारना है.

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Kolhua Ayushman Arogya Mandir: गिद्धौर के गांव में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को कितनी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है, अस्पताल की व्यवस्था कितनी दुरुस्त है और तय गुणवत्ता मानकों पर संस्थान कितना खरा उतरता है. इन्हीं सवालों का जवाब तलाशने के लिए गिद्धौर प्रखंड की कोल्हुआ पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ टीम ने वर्चुअल निरीक्षण किया.

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राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक यानी एनक्यूएएस प्रमाणीकरण प्रक्रिया के तहत हुए इस निरीक्षण में आरोग्य मंदिर की स्वास्थ्य सेवाओं, संसाधनों, कार्यप्रणाली और मरीजों से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गयी. विशेषज्ञ टीम ने यह भी देखा कि संस्थान निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कितना तैयार है.

राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने ऑनलाइन देखी आरोग्य मंदिर की व्यवस्था

वर्चुअल निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ टीम में शामिल डॉ. परमिंदर गौतम और डॉ. त्रिलोक भट्ट ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर की व्यवस्थाओं की जानकारी ली.

टीम ने संस्थान की कार्यप्रणाली, मरीजों को उपलब्ध करायी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं और संसाधनों से संबंधित जानकारी हासिल की. इसके साथ ही विभिन्न गुणवत्ता मानकों के तहत संस्थान की तैयारियों की भी समीक्षा की गयी.

निरीक्षण का मकसद सिर्फ भवन या संसाधनों को देखना नहीं था. स्वास्थ्य सेवा किस तरह संचालित हो रही है और मरीजों को निर्धारित मानकों के अनुरूप सुविधा मिल रही है या नहीं, इसकी भी समीक्षा की गयी.

रिकॉर्ड से लेकर स्वच्छता तक की होती है जांच

एनक्यूएएस प्रमाणीकरण प्रक्रिया के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में कई स्तरों पर मूल्यांकन किया जाता है. इसमें संस्थान की कार्यप्रणाली, सेवा व्यवस्था और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को देखा जाता है.

इसके अलावा रिकॉर्ड संधारण, मानव संसाधन, आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं और मरीजों से जुड़ी सेवाओं की भी समीक्षा की जाती है. इन सभी मानकों के आधार पर यह देखा जाता है कि स्वास्थ्य संस्थान सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं देने के लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन कर रहा है या नहीं.

यानी किसी ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र की गुणवत्ता का आकलन सिर्फ वहां उपलब्ध डॉक्टर या दवाओं तक सीमित नहीं रहता. मरीज के संस्थान में पहुंचने से लेकर उसे मिलने वाली स्वास्थ्य सेवा और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया तक कई पहलुओं को मूल्यांकन में शामिल किया जाता है.

जिला और प्रखंड की टीम भी रही मौजूद

वर्चुअल निरीक्षण के दौरान जिला गुणवत्ता आश्वासन मानक टीम के सदस्य डॉ. ताबिश हयात, डीपीसी रश्मि भारती और रौशन कुमार मौजूद रहे.

प्रखंड स्तर से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. नरोत्तम कुमार सिंह, स्वास्थ्य प्रबंधक प्रियंका राव और प्रखंड समुदाय उत्प्रेरक निधि कुमार ने भी निरीक्षण प्रक्रिया में भाग लिया.

आयुष्मान आरोग्य मंदिर की ओर से स्वास्थ्य अधिकारी विक्रम सिंह गुर्जर, एएनएम सुशीला कुमारी, शैलजा कुमारी और विनीता कुमारी मौजूद रहीं. स्वास्थ्य अधिकारी धीरज शर्मा, महावीर प्रसाद और अखिलेश कुमार ने भी निरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग किया.

विशेषज्ञ टीम को दी गयी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी

निरीक्षण के दौरान संबंधित कर्मियों ने विशेषज्ञ टीम को संस्थान में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और उपलब्ध व्यवस्थाओं से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध करायी.

टीम ने निर्धारित मानकों के आधार पर संस्थान की तैयारियों और सुविधाओं की समीक्षा की. इस प्रक्रिया में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि संस्थान में मरीजों को दी जा रही सेवाओं और रोजमर्रा की व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी उन्हीं के माध्यम से विशेषज्ञ टीम तक पहुंचायी गयी.

ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए क्यों अहम है यह निरीक्षण

कोल्हुआ पंचायत स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर का एनक्यूएएस प्रमाणीकरण प्रक्रिया के तहत मूल्यांकन ग्रामीण क्षेत्र की प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

ग्रामीण इलाकों में स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध होना लोगों के लिए काफी मायने रखता है. यदि प्राथमिक स्तर के स्वास्थ्य संस्थानों में व्यवस्था मजबूत होती है, तो मरीजों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है.

ऐसे में गुणवत्ता मानकों के आधार पर होने वाला मूल्यांकन स्वास्थ्य संस्थानों की कमियों को पहचानने और व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.

Kolhua Ayushman Arogya Mandir: आगे गुणवत्ता सुधार पर रहेगा जोर

राष्ट्रीय विशेषज्ञ टीम के वर्चुअल निरीक्षण के बाद अब संस्थान की व्यवस्थाओं और उपलब्ध सुविधाओं का मूल्यांकन प्रक्रिया के निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग की नजर इस बात पर है कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर में मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत बनी रहे.

कोल्हुआ आयुष्मान आरोग्य मंदिर का यह निरीक्षण क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

फोटो कैप्शन : कोल्हुआ आयुष्मान आरोग्य मंदिर के वर्चुअल निरीक्षण के दौरान मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं कर्मी | Prabhat Khabar Network
फोटो कैप्शन : कोल्हुआ आयुष्मान आरोग्य मंदिर के वर्चुअल निरीक्षण के दौरान मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं कर्मी | Prabhat Khabar Network

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