खैरा के बाद गिद्धौर में भी पंचायत सरकार भवन पर सवाल, करोड़ों की इमारत में दर्जनों दरारें, पुट्टी से हो रही लीपापोती का आरोप

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पंचायत सरकार भवन की तस्वीर एवं दीवार पर पड़े दरारों को पुट्टी से भरने का प्रयास करते मजदूर | Prabhat Khabar Network

गिद्धौर के कोल्हुआ में करोड़ों की लागत से बने पंचायत सरकार भवन की दीवारों में दर्जनों दरारें सामने आई हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया और दरारों को पुट्टी से छिपाने की कोशिश हो रही है. इससे सरकारी राशि के दुरुपयोग और भविष्य में भवन की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

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Jamui News: गिद्धौर. खैरा प्रखंड में 2.30 करोड़ रुपये की लागत से बने पंचायत सरकार भवन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल अभी शांत भी नहीं हुए हैं कि गिद्धौर के कोल्हुआ पंचायत से भी ऐसी ही तस्वीर सामने आ गयी है. यहां 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित पंचायत सरकार भवन की दीवारों में दर्जनों दरारें दिखाई दे रही हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया, जिसका असर निर्माण पूरा होने के बाद ही सामने आने लगा है.

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सबसे गंभीर बात यह है कि दीवारों में पड़ी दरारों को पुट्टी लगाकर छिपाने की कोशिश किये जाने का आरोप ग्रामीण लगा रहे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जिस पंचायत सरकार भवन को ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया, उसकी निर्माण गुणवत्ता की निगरानी आखिर किस स्तर पर हुई.

करोड़ों की इमारत, दीवारों पर दिख रहीं दरारें

कोल्हुआ पंचायत सरकार भवन को ग्रामीणों के लिए स्थानीय स्तर पर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया गया है. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि भवन के तैयार होने के बाद उन्हें पंचायत स्तर पर ही विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा.

लेकिन भवन की दीवारों पर पड़ी दरारों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिये हैं. ग्रामीणों का कहना है कि नवनिर्मित भवन में इतनी बड़ी संख्या में दरारें दिखाई देना सामान्य बात नहीं है. इससे भवन की मजबूती और भविष्य की उपयोगिता को लेकर भी चिंता बढ़ गयी है.

ग्रामीणों के मुताबिक, कई स्थानों पर दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं. इन्हें पुट्टी से भरकर ऊपर से लीपापोती की जा रही है. लोगों का कहना है कि अगर दरारों की वास्तविक वजह की जांच नहीं हुई और केवल उन्हें ढक दिया गया, तो आने वाले समय में समस्या और गंभीर हो सकती है.

खैरा के बाद अब कोल्हुआ की तस्वीर ने बढ़ायी चिंता

गिद्धौर के कोल्हुआ पंचायत सरकार भवन का मामला ऐसे समय सामने आया है, जब खैरा प्रखंड में 2.30 करोड़ रुपये की लागत से बने पंचायत सरकार भवन की स्थिति को लेकर पहले से सवाल उठ रहे हैं.

एक के बाद एक पंचायत सरकार भवनों में निर्माण गुणवत्ता से जुड़े सवाल सामने आने के बाद ग्रामीणों के बीच चर्चा तेज हो गयी है. लोगों का कहना है कि सरकारी राशि से बनने वाली ऐसी महत्वपूर्ण इमारतों की निर्माण प्रक्रिया में गुणवत्ता की नियमित निगरानी जरूरी है.

ग्रामीणों का सवाल है कि यदि निर्माण के दौरान ही तकनीकी स्तर पर जांच और निगरानी की गयी होती, तो भवन की दीवारों में दरारें पड़ने जैसी स्थिति सामने क्यों आती.

ग्रामीणों को सता रहा भविष्य का डर

कोल्हुआ पंचायत के ग्रामीणों में भवन की मौजूदा स्थिति को लेकर नाराजगी है. उनका कहना है कि पंचायत सरकार भवन का निर्माण आम लोगों की सुविधा के लिए किया गया है. यदि भवन निर्माण के कुछ समय बाद ही इसमें दरारें पड़ने लगीं, तो आने वाले वर्षों में इसकी स्थिति क्या होगी, यह चिंता का विषय है.

ग्रामीणों को आशंका है कि समय रहते निर्माण की तकनीकी जांच नहीं करायी गयी तो भवन धीरे-धीरे जर्जर हो सकता है. ऐसी स्थिति में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल सकेगा.

जांच हुई तो सामने आ सकती है निर्माण की हकीकत

ग्रामीणों ने जिले के वरीय अधिकारियों से कोल्हुआ पंचायत सरकार भवन की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि भवन में दिखाई दे रही दरारों की तकनीकी जांच करायी जानी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि दरारें किन कारणों से पड़ी हैं.

साथ ही निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, नींव, दीवारों और अन्य तकनीकी मानकों की भी जांच होनी चाहिए. ग्रामीण चाहते हैं कि यदि निर्माण कार्य में किसी स्तर पर अनियमितता पायी जाती है, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाये.

Jamui News: एक छत के नीचे सरकारी सेवाओं का सपना अधूरा न रह जाये

पंचायत सरकार भवन योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को पंचायत स्तर पर ही सरकारी सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है. इसके लिए करोड़ों रुपये की राशि खर्च की जाती है. ऐसे में भवन की गुणवत्ता से समझौता होने की स्थिति में इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है.

ग्रामीणों का कहना है कि वे चाहते हैं कि कोल्हुआ पंचायत सरकार भवन मजबूत और सुरक्षित हो, ताकि आने वाले वर्षों में पंचायत के लोगों को एक ही छत के नीचे सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके. अब लोगों की नजर जिले के वरीय अधिकारियों की कार्रवाई पर है कि भवन की शिकायत पर कब जांच शुरू होती है और उसकी वास्तविक स्थिति सामने आती है.

फोटो कैप्शन : पंचायत सरकार भवन की तस्वीर एवं दीवार पर पड़े दरारों को पुट्टी से भरने का प्रयास करते मजदूर | Prabhat Khabar Network
फोटो कैप्शन : पंचायत सरकार भवन की तस्वीर एवं दीवार पर पड़े दरारों को पुट्टी से भरने का प्रयास करते मजदूर | Prabhat Khabar Network
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