महिला को खाते की जानकारी नहीं, उसके अकाउंट से 3 करोड़ का ट्रांजेक्शन, साइबर फ्रॉड से खुला राज
शिकायतकर्ता बड़की किस्कू | Prabhat Khabar Network
एक ग्रामीण महिला के बैंक खाते से कुछ ही महीनों में 3 करोड़ रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है, जबकि उसे इसकी कोई जानकारी नहीं थी. समस्तीपुर में हुए 1.09 लाख के साइबर फ्रॉड की शिकायत के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है.
Jamui News: जिस महिला को अपने बैंक खाते में कितनी राशि आती-जाती है, इसकी जानकारी तक नहीं थी, उसके खाते से कुछ ही महीनों में करीब तीन करोड़ रुपये के लेनदेन का मामला सामने आया है. चौंकाने वाली बात यह है कि महिला के पास न तो खाते की पासबुक है और न ही एटीएम कार्ड. खाता खुलवाने वाले युवक के पास दोनों होने का आरोप है.
आपके शहर में
मामला जमुई के सोनो प्रखंड की लोहा पंचायत के सलैया गांव का है. यहां की ग्रामीण महिला बड़की किस्कू के ग्रामीण बैंक के सीएसपी खाते में बड़े पैमाने पर लेनदेन सामने आने के बाद हड़कंप मच गया. महिला ने सोनो थाना में आवेदन देकर अपने साथ जालसाजी की आशंका जतायी है. उसने केशो फरका निवासी विक्रम पासवान पर धोखा देने का आरोप लगाया है.
सिर्फ अगस्त में खाते से करीब 95 लाख का लेनदेन
खाते की जांच में सामने आया कि सिर्फ अगस्त महीने में ही दर्जनों ट्रांजेक्शन के जरिये खाते में 47 लाख 88 हजार 610 रुपये जमा हुए.
इसी दौरान अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से 46 लाख 97 हजार 888 रुपये की निकासी भी दर्ज की गयी.
यानी सिर्फ एक महीने में खाते से जमा और निकासी मिलाकर करीब 95 लाख रुपये का लेनदेन हुआ. बैंक से मिली जानकारी के अनुसार कुछ महीनों के दौरान खाते में करीब तीन करोड़ रुपये का लेनदेन हो चुका है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम का लेनदेन किसने किया और किस उद्देश्य से किया गया, जबकि खाताधारक महिला को इसकी जानकारी तक नहीं थी.
1.09 लाख के साइबर फ्रॉड की शिकायत से खुला मामला
मामला तब सामने आया जब समस्तीपुर के एक युवक सतीश कुमार राय के साथ कथित साइबर फ्रॉड हुआ. शिकायत के अनुसार साइबर फ्रॉड की 1 लाख 9 हजार रुपये की राशि बड़की किस्कू के इसी बैंक खाते में आने की बात सामने आयी.
इसके बाद संबंधित युवक बैंक खाते और खाताधारक की तलाश में लोहा पंचायत पहुंचा. उसने पंचायत के मुखिया जमादार सिंह से संपर्क कर महिला से राशि वापस दिलाने का आग्रह किया.
जब महिला से इस संबंध में पूछताछ की गयी तो उसने खाते में रकम आने या जाने की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया. इसके बाद बैंक खाते की जांच करायी गयी तो बड़े पैमाने पर लेनदेन का मामला सामने आया.
बैंक से करीब तीन करोड़ रुपये के लेनदेन की जानकारी मिलने के बाद महिला के भी होश उड़ गये.
सरकारी लाभ का झांसा देकर खुलवाया था खाता
बड़की किस्कू का आरोप है कि विक्रम पासवान उसके गांव में पहले से आता-जाता था. महिला के अनुसार जून महीने में उसने कृषि विभाग से बीज की राशि और अन्य सरकारी लाभ मिलने की बात कही.
इसी भरोसे में विक्रम पासवान महिला और उसके पति को सोनो लेकर आया. आरोप है कि मानधाता स्थित ग्रामीण बैंक के सीएसपी में दोनों के नाम से खाते खुलवाये गये.
महिला के मुताबिक खाता खुलवाने के साथ ही उनके आधार कार्ड से नया मोबाइल सिम भी जारी कराया गया. इसके बाद पासबुक और सिम विक्रम पासवान ने अपने पास रख लिया.
महिला का कहना है कि अगले सप्ताह बैंक की मुख्य शाखा से एटीएम भी जारी कराया गया, लेकिन वह भी उसे नहीं दिया गया.
पासबुक, सिम और एटीएम मांगती रही महिला
बड़की किस्कू के अनुसार उसने कई बार पासबुक, मोबाइल नंबर और एटीएम मांगा, लेकिन उसे यह कहकर टाल दिया गया कि सरकारी लाभ की राशि खाते में मंगवाने के लिए इनकी जरूरत है.
महिला ने बताया कि उसे इस दौरान अपने खाते में होने वाले किसी भी लेनदेन की जानकारी नहीं थी.
यही वजह है कि जब खाते में करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आयी तो उसके लिए यह बेहद चौंकाने वाला था.
महिला ने आरोप लगाया है कि उसके खाते का इस्तेमाल उसकी जानकारी के बिना किया गया.
पति के खाते को लेकर भी बढ़ी चिंता
मामले में एक और गंभीर पहलू सामने आया है. बड़की किस्कू का कहना है कि उसी दिन उसके पति सोनेलाल किस्कू के नाम से भी बैंक खाता खुलवाया गया था.
महिला के अनुसार उसके पति के खाते का एटीएम भी विक्रम पासवान ने अपने पास रख लिया. अब महिला को आशंका है कि कहीं उसके पति के खाते का भी उसकी जानकारी के बिना इस्तेमाल तो नहीं किया गया.
इस आशंका ने मामले को और गंभीर बना दिया है. अब पुलिस और बैंक जांच के जरिये यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि दोनों खातों में कितना लेनदेन हुआ और उसे किसने संचालित किया.
पुलिस खाते के पूरे लेनदेन की करेगी जांच
बड़की किस्कू ने सोनो थानाध्यक्ष को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. उसने खाते में हुए सभी लेनदेन की पड़ताल करने और दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
पुलिस मामले के हर पहलू की जांच में जुट गयी है. खाते में रकम जमा करने और निकालने वाले लोगों, ट्रांजेक्शन के तरीके, बैंकिंग दस्तावेज, मोबाइल नंबर और एटीएम के इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी.
वहीं महिला के आरोपों को लेकर विक्रम पासवान का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया.
Jamui News: जांच से सामने आएगा खाते का असली इस्तेमाल
फिलहाल मामला शिकायत और आरोपों के स्तर पर है. पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि खाते से हुए करोड़ों रुपये के लेनदेन के पीछे कौन लोग हैं और महिला के खाते का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया गया.
लेकिन इस घटना ने बैंक खाता खुलवाने और उसके दस्तावेज किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपने को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर यदि किसी व्यक्ति से पासबुक, सिम या एटीएम अपने पास रखने को कहा जाता है, तो उसके बैंक खाते के दुरुपयोग का खतरा बढ़ सकता है.
अब सबकी नजर पुलिस और बैंक की जांच पर है, जिससे करोड़ों रुपये के इस लेनदेन की पूरी कड़ी सामने आ सके.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए