चकाई के स्कूल में छात्राओं ने सहपाठी भाइयों को बांधी राखी; बच्चों ने लिया रिश्ते निभाने का संकल्प

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सहपाठियों को राखी बांधतीं छात्राएं.

बड्स पैराडाइज स्कूल, चकाई में रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. छात्रों ने एक-दूसरे को राखी बांधकर प्रेम और विश्वास का संकल्प लिया, वहीं प्राचार्य ने सांस्कृतिक गतिविधियों के महत्व पर जोर दिया.

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रक्षाबंधन के अवसर पर बड्स पैराडाइज स्कूल, चकाई में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया. छात्राओं ने अपने सहपाठी भाइयों की कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं और मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं. वहीं छात्रों ने भी अपनी बहनों की रक्षा, सम्मान और हर परिस्थिति में साथ देने का संकल्प लिया. इस दौरान पूरे विद्यालय परिसर में उत्सवी माहौल बना रहा.

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राखी बांधते ही खिल उठे बच्चों के चेहरे

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने अपने सहपाठी भाइयों की कलाई पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं. इसके बाद उन्हें मिठाई खिलाकर पर्व की खुशियां साझा की गयीं. भाइयों ने भी अपनी बहनों के प्रति स्नेह व्यक्त करते हुए उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया.

रक्षाबंधन की इस गतिविधि ने बच्चों के बीच प्रेम, विश्वास और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत किया. कार्यक्रम के दौरान बच्चों के चेहरे पर उत्साह और खुशी साफ दिखाई दी.

पढ़ाई के साथ बच्चों को संस्कारों से जोड़ने की पहल

विद्यालय के शिक्षकों ने बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपरा में रक्षाबंधन के महत्व की जानकारी दी. बच्चों को बताया गया कि यह पर्व केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं है, बल्कि भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास, जिम्मेदारी और सहयोग का प्रतीक है.

विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए बच्चों को अपनी संस्कृति और पारंपरिक त्योहारों से जोड़ने का प्रयास किया गया. शिक्षकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों को सामाजिक रिश्तों और उनके महत्व को समझने का अवसर मिलता है.

प्राचार्य बोले- पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी जरूरी

विद्यालय के प्राचार्य समीर दुबे ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और मिठाई खिलाने का पर्व नहीं है. यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है.

उन्होंने कहा कि विद्यालय में इस तरह के आयोजन कराने का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों से जोड़ना है. बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी भी जरूरी है. ऐसे कार्यक्रम बच्चों में आपसी प्रेम, भाईचारा और सहयोग की भावना विकसित करते हैं.

शिक्षकों और कर्मियों की रही अहम भूमिका

रक्षाबंधन उत्सव के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों और कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही. कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ भाग लिया और एक-दूसरे के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं.

चकाई के इस विद्यालय में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम ने बच्चों को यह संदेश दिया कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि रिश्तों, संस्कारों और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का माध्यम भी हैं.


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