साथी की पीड़ा देखी, तो बना डाला बायोनिक हैंड, असली हाथ की तरह करता है काम

Updated at : 12 Mar 2021 7:47 AM (IST)
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साथी की पीड़ा देखी, तो बना डाला बायोनिक हैंड, असली हाथ की तरह करता है काम

आइआटी, पटना पढ़ने आयी लेवलीन डेसा ने जब अपने दोस्त जयंत को इस हालात में पाया तो उन्हें लगा कि क्यों न एक ऐसा आर्टिफिशियल हैंड तैयार किया जाये, जिससे ऐसे लोगों को मदद मिल सके. चार साल के रिसर्च के बाद उन्होंने आर्टिफिशियल हैंड तैयार किया, जो सेंस ऑफ टच टेक्नोलॉजी पर काम करता है.

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जूही स्मिता, पटना. हाथ हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है. अगर यह न हो तो हम रोजमर्रा के काम नहीं कर सकते हैं. ऐसे न जाने कितने लोगों को इसे लेकर तकलीफ होती होगी. ऐसे में आइआटी, पटना पढ़ने आयी लेवलीन डेसा ने जब अपने दोस्त जयंत को इस हालात में पाया तो उन्हें लगा कि क्यों न एक ऐसा आर्टिफिशियल हैंड तैयार किया जाये, जिससे ऐसे लोगों को मदद मिल सके. चार साल के रिसर्च के बाद उन्होंने आर्टिफिशियल हैंड तैयार किया, जो सेंस ऑफ टच टेक्नोलॉजी पर काम करता है.

साल 2014 में लेवलीन डेसा ने इस प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू किया और इसका प्रोटोटाइप 2015 में आइआइटी रोबोटिक्स लैब में बनाकर अपने दोस्त पर टेस्ट किया, जो काम कर गया. उसी समय आइआइटी, पटना से एमटेक करने आयी भागलपुर की कुमारी प्रियंका भी इस प्रोजेक्ट जुड़ीं. इसमें इनका साथ अनिल नायर और ऑसडेन मासकरेनहस ने दिया. उस वक्त टीम ने निर्णय लिया कि क्यों न एक ऐसा आर्टिफिशियल हैंड तैयार करें, जो सेंस ऑफ टच टेक्नोलॉजी से काम करे. कम वजन का हो. अच्छी ग्रिप कंट्रोल और रियल हैंड की तरह दिखे. साल 2016 में रोबो बॉयोनिक कंपनी की शुरुआत की गयी.

रिसर्च टीम की उपलब्धियां

  • बॉयोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्रियल रिसर्च असिस्टेंट काउंसिल (बीआइआरएसी) आइआइपीएमइ ग्रांट 2017

  • नेशनल बॉयो-आन्त्रप्रिन्योरशिप कंपीटीशन में फाइनलिस्ट 2017

  • बीआइआरएसी विनर अवार्ड 2018

  • स्टार्टअप मास्टर क्लास आइआइटी पटना में पहला स्थान 2018

  • दे बेस्ट इंडियन सोशल एंटरप्राइज अवार्ड एक्ट एट एक्शन फॉर इंडिया फोरम आइएसबी हैदारबाद 2019 के विजेता बनें

  • डब्ल्यूडी डाटा इनोेवेशन बाजार के फाइनलिस्ट रहें.

  • ग्लोबल बॉयो इंडिया 2021 में टाप पांच में जगह बनायी.

ग्लोबल आइकॉनिक इंडिया में लॉन्च

प्रियंका बताती हैं कि ये आर्टिफिशियल रोबोटिक हैंड्स या बॉयोनिक हैंड्स पर हमने पिछले चार सालों से काम किया. इसका पहले से तीन पेटेंट हो चुका है और एक और पेटेंट अंडर प्रोसेस है. ज्यादातर लोग ऐसे हैंड्स को भारत के बाहर से मंगवाते हैं, जिसे इस्तेमाल करने में उन्हें लंबा समय लग जाता था. ऐसे में हमने मेड इन इंडिया के कॉन्सेप्ट पर काम किया और ये बॉयोनिक हैंड तैयार किया.

असली हाथ की तरह दिखने वाले इस डिवाइस को आसानी से पहना और खोला जा सकता है. सबसे खास बात यह है कि इस पहनने के बाद हार्डनेस, सॉफ्टनेस और प्रेशर जैसी भावनाएं महसूस होती है. यह हैंड असली हाथ की तरह और इसकी कीमत 2.25 लाख हजार रुपये है.

हमने इसके इस्तेमाल को लेकर एक घंटे का वीडियो बनाया है, जिसे यूजर्स आसानी समझ सके और यूज कर सकें. बॉयोनिक हैंड्स की लॉन्चिंग इसी महीने के तीन मार्च को केंद्रीय सरकार की ओर से आयोजित हुए ग्लोबल बॉयो इंडिया-2021 रेल मंत्री पीयूष गोयल ने की. अभी मुंबई के वसई के दो लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि पटना के दो लोगों ने इसका ऑर्डर दिया है.

Posted by Ashish Jha

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