वैशाली जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की वार्षिक आमसभा: एकमुश्त समझौता योजना से ऋण ब्याज में मिलेगी भारी छूट, 31 दिसंबर तक मौका
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष व अन्य.
वैशाली जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की वार्षिक आमसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का प्रतिवेदन पारित हुआ. बैंक ने 'डी' श्रेणी से 'सी' श्रेणी में तरक्की की है. एकमुश्त समझौता योजना के तहत ब्याज में भारी छूट का लाभ 31 दिसंबर 2026 तक उठाया जा सकता है.
हाजीपुर (वैशाली). वैशाली जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की वार्षिक आमसभा (एजीएम) रविवार को हथसारगंज स्थित राज पैलेस में धूमधाम से आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता वैशाली जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष सुधीरंजन प्रसाद ने की, जबकि मंच का सफल संचालन बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) अमृतांश ओझा ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के गायन से हुई. इसके बाद मंचासीन सभी अतिथियों का मनी प्लांट, शॉल और गुलदस्ता भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया. आमसभा में जिलेभर के पैक्स, व्यापार मंडल, मत्स्यजीवी और सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.
वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन व वित्तीय चिट्ठा पारित
प्रबंध निदेशक सह जिला सहकारिता पदाधिकारी (डीसीओ) ने आमसभा के सदस्यों के समक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 का वित्तीय चिट्ठा और बैंक का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. सदस्यों ने बैंक की वित्तीय स्थिति, ऋण वसूली और भावी योजनाओं पर बिंदुवार विमर्श करने के बाद इसे सर्वसम्मति से ध्वनिमत से पारित कर दिया. बैठक में सहकारी क्षेत्र को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बैंक की भूमिका को और अधिक प्रभावी करने पर विस्तृत मंथन हुआ.
ब्याज में भारी छूट देगी एकमुश्त समझौता योजना
अध्यक्षीय संबोधन में वैशाली जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के अध्यक्ष सुधीरंजन प्रसाद ने बताया कि पुराने बकायेदारों की सहूलियत के लिए एकमुश्त समझौता योजना शुरू की गई है. इस योजना के तहत ऋणधारक अपने पुराने बकाया ऋण का एकमुश्त निपटारा कर ब्याज की राशि में भारी छूट का लाभ उठा सकते हैं. यह राहत योजना 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी. उन्होंने कहा कि समिति के सहयोग से ही बैंक को 'डी' श्रेणी से निकालकर अब 'सी' श्रेणी के मुनाफे वाले स्तर पर लाया गया है. पैक्स अध्यक्षों को धान खरीद के साथ-साथ पीडीएस दुकान, सीएससी, जन औषधि केंद्र और खाद-उर्वरक बिक्री जैसे बहुउद्देशीय व्यवसाय संचालित कर अपनी समितियों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना चाहिए.
पैक्स कंप्यूटरीकरण और 48 माइक्रो एटीएम का वितरण
प्रबंध निदेशक अमृतांश ओझा ने पैक्स के डिजिटाइजेशन पर बल देते हुए कहा कि पैक्स अध्यक्षों व प्रबंधकों की सूची ऑनलाइन करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. सहकार योजना के तहत पैक्स एवं दुग्ध समितियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है. बैंक द्वारा अब तक 14 पैक्स और 34 अन्य व्यावसायिक इकाइयों को मिलाकर कुल 48 माइक्रो एटीएम वितरित किए जा चुके हैं. इससे ग्रामीण अंचलों में सुलभ वित्तीय लेन-देन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा.
ग्रामीण क्षेत्रों में डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा पर रहेगा जोर
एमडी ने बताया कि बैंक की ओर से ग्रामीण इलाकों में डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि किसानों और खाताधारकों को घर के नजदीक ही नकदी जमा व निकासी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल सकें. कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार स्टेट को-ऑपरेटिव फेडरेशन के अध्यक्ष विनय शाही, भूमि विकास बैंक के अध्यक्ष विजय कुमार सिंह, पाटलीपुत्र जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के रितेश कुमार, गोपालगंज जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के महेश राय, मुजफ्फरपुर जिला सहकारी बैंक के अमरनाथ पांडे, समस्तीपुर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के विनोद कुमार राय, वैशाली जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड के उपाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह और मनोज कुमार सहित अनेक गणमान्य सदस्य मौजूद थे.
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