होर्मूज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमले के बाद हाजीपुर का सुमित लापता, एक सप्ताह बाद भी नहीं मिला सुराग
मृतक सुमित का फाइल फोटो
होर्मूज जलडमरूमध्य में मिसाइल हमले के बाद मर्चेंट नेवी के नाविक सुमित कुमार लापता हैं. दस दिन बाद भी प्रशासनिक मदद नहीं मिलने से परिजनों में रोष है.
Hormuz Strait Attack: होर्मूज जलडमरूमध्य में ईरानी कंपनी के जहाज पर हुए मिसाइल हमले के बाद लापता भगवानपुर प्रखंड के किरतपुर राजाराम गांव निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक सुमित कुमार का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है. परिजनों ने सुमित की मौत की सूचना मिलने के बाद उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार भी कर दिया है. इसके बावजूद पिता दीप नारायण सिंह को अब भी उम्मीद है कि उनका बेटा एक दिन वापस लौट आएगा. बेटे के इंतजार में उनका रो-रोकर बुरा हाल है और वह बेसुध पड़े रहते हैं.
हैरानी की बात यह है कि घटना के करीब एक सप्ताह बाद भी किसी जनप्रतिनिधि या जिला प्रशासन के अधिकारी ने सुमित के परिजनों से मिलकर उनकी सुध नहीं ली है. परिवार अपने स्तर से विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और ईरानी कंपनी से संपर्क कर सुमित के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा है.
बीते 12 सितंबर की रात हुआ था जहाज पर मिसाइल हमला
भगवानपुर थाना क्षेत्र के किरतपुर राजाराम गांव निवासी दीप नारायण सिंह के पुत्र सुमित कुमार करीब पांच वर्षों से मर्चेंट नेवी में कार्यरत थे. वह एक ईरानी कंपनी के जहाज पर क्रू मेंबर के रूप में तैनात थे. परिजनों के अनुसार, 12 सितंबर की रात ओमान के पास होर्मूज जलडमरूमध्य से गुजर रहे जहाज पर मिसाइल हमला हुआ था. उस समय जहाज पर 25 क्रू मेंबर मौजूद थे.
हमले के बाद 14 सदस्य लापता बताए गए थे, जिनमें से रेस्क्यू टीम ने 13 सदस्यों को बचा लिया. लेकिन सुमित कुमार का अब तक कोई पता नहीं चल सका है. घटना के बाद से परिजन लगातार भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और संबंधित कंपनी से संपर्क कर सुमित के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं.
जहाज पर मौजूद साथी ने फोन कर दी थी मौत की जानकारी
परिजनों के मुताबिक, सुमित का पता लगाने के दौरान जहाज पर मौजूद उसके एक साथी ने फोन कर परिवार को बताया कि सुमित की मौत हो चुकी है. इसके बाद परिवार ने सुमित का पुतला बनाकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया. सोमवार को दशकर्म के दौरान गांव में माहौल गमगीन रहा. परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं.
परिजनों का कहना है कि सुमित की मौत की सूचना मिले करीब दस दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि परिवार का हाल जानने उनके घर नहीं पहुंचा है. परिवार लगातार अपने स्तर से सुमित के बारे में आधिकारिक जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है.
दो छोटे बच्चों को नहीं पता पिता के साथ क्या हुआ
सुमित के परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं. परिजनों के अनुसार, बच्चों को अभी तक यह भी पूरी तरह जानकारी नहीं है कि उनके पिता के साथ क्या हुआ है. पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है. वहीं सुमित के पिता बेटे के लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.
परिजनों ने बताया कि घटना से करीब चार-पांच घंटे पहले सुमित ने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात की थी. उस समय उसने बताया था कि उसका जहाज संवेदनशील और विवादित समुद्री मार्ग होर्मूज जलडमरूमध्य से गुजर रहा है. उसने कहा था कि संवेदनशील क्षेत्र पार करने के बाद वह दोबारा परिवार से बात करेगा. इसके बाद उसका फोन नहीं लगा. अगले दिन परिवार को जहाज पर मिसाइल हमले की जानकारी मिली और सुमित के लापता होने की खबर सामने आयी.
विदेश मंत्रालय और दूतावास से जानकारी मिलने का इंतजार
सुमित के परिजन अब विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास और संबंधित ईरानी कंपनी से आधिकारिक जानकारी मिलने का इंतजार कर रहे हैं. परिवार की मांग है कि सुमित के बारे में स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि वह जीवित है तो उसे सुरक्षित वापस लाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए. वहीं यदि उसकी मौत की पुष्टि हो चुकी है तो परिवार को इसकी आधिकारिक जानकारी और आवश्यक प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट सूचना दी जाए.
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए