वैशाली में बाढ़ का संकट गहराया, हाजीपुर के 8 वार्ड और राघोपुर की 20 पंचायतें प्रभावित
हाजीपुर कौन हारा घाट पर जलस्तर बनने के बाद घर दिया गया है
गंगा और गंडक के बढ़ते जलस्तर से वैशाली में बाढ़ का संकट गहराया. हाजीपुर के 8 वार्ड और राघोपुर की 20 पंचायतें प्रभावित, 155 नावें चल रहीं और 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय.
Hajipur Flood: गंगा और गंडक नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से वैशाली जिले में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. हाजीपुर नगर क्षेत्र के आठ वार्डों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है, जबकि राघोपुर प्रखंड की 20 पंचायतें प्रभावित हैं. इन पंचायतों का मुख्य सड़क से संपर्क भी टूट गया है. सहदेई बुजुर्ग के गनियारी इलाके और महनार नगर परिषद के वार्ड संख्या 19 में भी पानी प्रवेश कर गया है.
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बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है. प्रशासनिक और नगर परिषद की टीमें लगातार जलस्तर और तटबंधों की निगरानी कर रही हैं.
खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा-गंडक
वैशाली में दोनों प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है. लालगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से 97 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. हाजीपुर में गंडक का जलस्तर खतरे के निशान से 11 सेंटीमीटर ऊपर है.
वहीं गंगा नदी भी खतरे के निशान से 1.79 मीटर ऊपर बह रही है. नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों में पानी फैलने का सिलसिला जारी है.
राघोपुर में 206 ट्रांसफार्मर बंद, 155 नावें चल रहीं
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राघोपुर प्रखंड में एहतियातन 206 ट्रांसफार्मरों को बंद कर दिया गया है. प्रभावित इलाकों में लोगों की आवाजाही के लिए 155 नावों का परिचालन कराया जा रहा है.
जरूरतमंद परिवारों के बीच अब तक 1,760 पॉलिथीन शीट का वितरण किया जा चुका है. प्रशासन की ओर से मानव और पशु चिकित्सा शिविर भी संचालित किये जा रहे हैं, ताकि बाढ़ प्रभावित लोगों और पशुओं को जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल सके.
कौनहारा घाट पर आवाजाही प्रतिबंधित
हाजीपुर के कौनहारा घाट पर अधिक पानी भरने के कारण बैरिकेडिंग कर घाट को प्रतिबंधित कर दिया गया है. वहीं कौनहारा बाइपास से टोल प्लाजा रोड के दक्षिण दिशा में भी पानी पहुंच गया है.
बाइपास और डीआरसीसी जाने वाली सड़क पर कई जगह पानी जमा है. इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
गंगा ब्रिज थाना के पास बन रहा सामुदायिक रसोई और आशियाना
बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए गंगा ब्रिज थाना के सामने सामुदायिक रसोई और आशियाना तैयार किया जा रहा है. जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को यहां सुरक्षित स्थान और भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा.
नगर परिषद की ओर से विभिन्न स्थानों पर कंट्रोल रूम बनाये गये हैं. माइकिंग के माध्यम से लोगों को बाढ़ की स्थिति और आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है.

एसडीआरएफ अलर्ट, तटबंधों की हो रही निगरानी
बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड में हैं. प्रशासन की ओर से तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है. संवेदनशील स्थानों पर नाइट पेट्रोलिंग भी करायी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके.
जिला प्रशासन ने 24×7 नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय कर दिया है. अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत-बचाव संसाधन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
प्रशासन की अपील, अफवाहों से बचें और सतर्क रहें
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों से सतर्क रहने की अपील की गयी है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने को कहा गया है.
फिलहाल गंगा और गंडक के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है. जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहने पर प्रभावित क्षेत्रों की संख्या बढ़ने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव व्यवस्था को तैयार रखा गया है.
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