वैशाली में बाढ़ का बढ़ता संकट, 6 प्रखंडों में पानी का असर... प्रशासन ने शुरू की बड़ी तैयारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते डीएम, एसपी
वैशाली जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं. प्रशासन ने 1800 पॉलिथीन शीट और 2000 सूखा राशन पैकेट बांटे हैं, साथ ही 1600 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की है. तीन सामुदायिक रसोई भी संचालित की जा रही हैं.
Hajipur Flood Relief: वैशाली जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. राघोपुर, बिदुपुर, हाजीपुर, महनार, सहदेई और देसरी प्रखंडों के प्रभावित इलाकों में स्थानीय जरूरत के अनुसार प्रशासन की ओर से संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं. जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
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डीएम ने बताया कि राघोपुर प्रखंड के व्यापक रूप से प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जा रही है. प्रभावित लोगों के आवागमन और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है.
1800 पॉलिथीन शीट और 2 हजार सूखा राशन पैकेट बांटे
डीएम वर्षा सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम लगातार जारी है. अब तक करीब 1800 पॉलिथीन शीट का वितरण किया जा चुका है. इसके अलावा प्रभावित परिवारों के बीच लगभग 2 हजार सूखा राशन पैकेट भी बांटे गये हैं.
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों से अतिरिक्त राहत सामग्री की मांग सामने आ रही है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है. प्रशासन का फोकस जरूरतमंद परिवारों तक समय पर राहत पहुंचाने पर है.
राहत शिविरों में 1600 लोगों के ठहरने की व्यवस्था
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों में ठहरने की व्यवस्था की गयी है. शिविरों में महिला, पुरुष और बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है. प्रशासन के अनुसार राहत शिविरों में करीब 1600 लोगों के रहने की क्षमता उपलब्ध है.
जरूरत बढ़ने पर राहत शिविरों की व्यवस्था को भी विस्तार देने की तैयारी रखी गयी है.
तीन स्थानों पर चल रही सामुदायिक रसोई
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए जिले में तीन स्थानों पर सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है. गंगा ब्रिज, देसरी और सहदेई में सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत और मांग बढ़ने पर सामुदायिक रसोई की संख्या भी बढ़ायी जायेगी, ताकि किसी भी परिवार को भोजन के लिए परेशानी न हो.
पशुओं के इलाज और चारे की भी व्यवस्था
बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों के साथ पशुओं की सुरक्षा पर भी प्रशासन का ध्यान है. पशु चिकित्सा शिविरों के माध्यम से पशुओं के उपचार की व्यवस्था की जा रही है. साथ ही पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जा रहा है.
राहत-बचाव में एसडीआरएफ की टीम सक्रिय
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ की टीम भी राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय है. जरूरत वाले क्षेत्रों में टीम की मदद ली जा रही है. प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराये जा रहे हैं.
डीएम बोलीं, प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाना प्राथमिकता
डीएम वर्षा सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करना है. प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता, भोजन, राहत सामग्री और सुरक्षित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभागों को सक्रिय रखा गया है.
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है. जरूरत के अनुसार राहत संसाधनों को बढ़ाने की तैयारी भी रखी गयी है.
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