गोपालगंज में किशोर न्याय बोर्ड की समीक्षा: लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर, सीजेएम भारती कुमारी बोलीं- पुनर्वास और मानवीय दृष्टिकोण प्राथमिकता

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किशोर न्याय बोर्ड की बैठक संबोधित करते सीजेएम.

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गोपालगंज में किशोर न्याय बोर्ड (JJB) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) भारती कुमारी ने लंबित मुकदमों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया. बैठक में बच्चों के सर्वोत्तम हित और उनके उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए.

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Gopalganj Juvenile Justice Board Meeting: गोपालगंज कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में बुधवार को किशोर न्याय बोर्ड (JJB) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) भारती कुमारी ने की. इस दौरान किशोर न्याय अधिनियम के कानूनी प्रावधानों के तहत बोर्ड के समक्ष लंबित मुकदमों की वर्तमान स्थिति और उनके निपटारे की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई.

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कानूनी प्रक्रियाओं का पालन कर त्वरित निष्पादन के निर्देश

समीक्षा के दौरान सीजेएम भारती कुमारी ने मुकदमों के निष्पादन में आ रही व्यावहारिक अड़चनों पर अधिकारियों से विचार-विमर्श किया. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया कि किशोर न्याय प्रणाली की निर्धारित प्रक्रियाओं का अक्षरशः पालन करते हुए वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि न्याय में अनावश्यक देरी न हो.

मामलों की सुनवाई में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना बेहद जरूरी

बैठक में इस बिंदु पर विशेष जोर दिया गया कि किशोरों से जुड़े मामलों में सामान्य अदालती प्रक्रिया से हटकर संवेदनशीलता बरती जाए. सीजेएम ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ किशोर के सर्वोत्तम हित, मानसिक स्थिति और उज्ज्वल भविष्य को सर्वोपरि रखा जाना चाहिए, ताकि किसी भी स्तर पर उनके साथ कठोरता न हो.

जरूरतमंद किशोरों को मिलेगी मुफ्त विधिक सहायता और शिक्षा

बाल अधिकारों की सुरक्षा के तहत किशोरों को कानून की जानकारी और आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की समीक्षा की गई. जरूरतमंद बच्चों को विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निशुल्क कानूनी मदद और नियमित परामर्श दिया जाएगा. साथ ही उन्हें शिक्षा, वोकेशनल ट्रेनिंग और कौशल विकास के अवसर प्रदान करने पर भी बल दिया गया.

फोटो नं 13- बैठक में शामिल पुलिस अफसर | Prabhat Khabar Network
बैठक में शामिल पुलिस अफसर.

सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ना ही मुख्य उद्देश्य

सीजेएम ने स्पष्ट किया कि केवल मामलों का कानूनी निस्तारण ही व्यवस्था का अंतिम उद्देश्य नहीं होना चाहिए.

"किशोर न्याय प्रणाली का अंतिम उद्देश्य केवल मामलों का कानूनी निस्तारण करना नहीं, बल्कि बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करना है. प्रत्येक किशोर की पारिवारिक पृष्ठभूमि और जरूरतों को देखते हुए समुचित पुनर्वास की व्यवस्था की जाए. सभी संबंधित विभाग और संस्थाएं आपसी समन्वय बनाकर बच्चों को अनिवार्य शिक्षा, परामर्श और सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराएं." — भारती कुमारी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम), गोपालगंज

पुलिस और बाल संरक्षण विभाग के अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में जिले के विभिन्न थानों के बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी (CWPO), जिला बाल संरक्षण इकाई के प्रतिनिधि, परिवीक्षा अधिकारी (प्रोबेशन ऑफिसर) तथा किशोर न्याय बोर्ड से जुड़े कई प्रमुख सदस्य व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.

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