गणेश चतुर्थी पर गोपालगंज के मांझा में उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब, नेपाल और यूपी से भी पहुंचते हैं भक्त
मांझा स्थित भगवान गणेश
आज संकष्टी चतुर्थी का विशेष व्रत रखा जाएगा, जो गणपति बप्पा को प्रसन्न करने का उत्तम अवसर है. हेरंब संकष्टी चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करें. जानें व्रत का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय.
Heramb Sankashti Chaturthi: गणपति बप्पा को प्रसन्न करने के लिए संकष्टी चतुर्थी का व्रत बेहद खास माना जाता है. सोमवार को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा. इसी दिन बहुला व्रत भी रखा जाता है. हर महीने आने वाली इस तिथि में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का विशेष महत्व है. इसे हेरंब संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है. इस दिन श्रद्धालु दिनभर व्रत रखते हैं और शाम के बाद भगवान गणेश की पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य देते हैं.
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सोमवार को होने वाले गणेश भगवान के अनुष्ठान को लेकर श्रद्धालु तैयारियों में जुटे रहे. खासकर फुलवरिया प्रखंड के ऐतिहासिक गणेश स्थान मांझा स्थित बप्पा के मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है. घर-घर महिलाएं संकष्टी चतुर्थी और बहुला व्रत का संकल्प लेकर पूजा की तैयारियों में जुटी रहीं.
नेपाल और यूपी से भी पहुंचते हैं भक्त
फुलवरिया प्रखंड क्षेत्र का ऐतिहासिक गणेश स्थान मांझा सदियों से लोक आस्था और अटूट विश्वास का प्रमुख केंद्र रहा है. भादो मास में गणेश चतुर्थी के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. सुबह से ही भक्त भगवान गणेश का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगते हैं.
मान्यता है कि इस प्राचीन मंदिर का उल्लेख गणेश पुराण में भी मिलता है. मंदिर के पुजारी ने बताया कि चतुर्थी के दिन सच्चे मन से मांगी गयी मनोकामना भगवान श्रीगणेश पूरी करते हैं. इसी आस्था के कारण बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश और नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.
मेले में लगेगा डिज्नीलैंड और बड़े झूले
चतुर्थी के अवसर पर मांझा में एकदिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया जाता है. यह मेला विशेष रूप से लकड़ी के बेहतरीन फर्नीचर और सजावटी सामान की बिक्री के लिए भी प्रसिद्ध है.
समाजसेवी शिवम तिवारी और प्रेम पांडेय ने बताया कि इस बार मेले में डिज्नीलैंड, बड़े झूले और बच्चों के लिए आकर्षक झांकियां मुख्य आकर्षण रहेंगी. श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय युवाओं और वालंटियर्स को तैनात किया जाएगा. वहीं प्रखंड प्रशासन की ओर से सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक इंतजाम किये गये हैं.

31 अगस्त को रखा जाएगा हेरंब संकष्टी चतुर्थी का व्रत
ज्योतिषाचार्य पं. ओम तिवारी ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 31 अगस्त को सुबह 8:50 बजे शुरू होकर 1 सितंबर की सुबह 7:41 बजे समाप्त होगी. चतुर्थी तिथि के चंद्रोदय से संबंध को देखते हुए संकष्टी चतुर्थी का व्रत 31 अगस्त को रखा जाएगा.
इस दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए दो शुभ मुहूर्त रहेंगे. पहला मुहूर्त सुबह 5:58 बजे से 7:34 बजे तक और दूसरा मुहूर्त 9:10 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा. शाम को दीप प्रज्वलित करने का समय 6:44 बजे बताया गया है.
रात 8:29 बजे होगा चंद्रमा का उदय
ज्योतिषाचार्य पं. राजेश्वरी मिश्र ने बताया कि संकष्टी चतुर्थी के व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है. 31 अगस्त को चंद्रमा का उदय रात 8:29 बजे होगा. चंद्रोदय के बाद भगवान गणेश की पूजा कर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत पूरा किया जा सकता है.
जो व्रती चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलते हैं, वे उसी रात पारण कर सकते हैं. वहीं अगले दिन पारण की परंपरा मानने वाले व्रती 1 सितंबर को सूर्योदय के बाद 5:59 बजे से व्रत खोल सकते हैं.
गणेश पूजा से दूर होने की है मान्यता
धर्मशास्त्र विशेषज्ञ पं. कैलाश मिश्र ने बताया कि संकष्टी चतुर्थी पर विघ्नहर्ता भगवान गणेश की आराधना करने से जीवन की बाधाएं दूर होने और कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है. इस दिन चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा भी महत्वपूर्ण मानी जाती है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान गणेश को समर्पित इस व्रत को रखने से चंद्र दोष को शांत करने में भी मदद मिलती है. श्रद्धालु श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान गणेश की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना करते हैं.
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