हरतालिका तीज से पहले सजने लगा गोपालगंज का बाजार, 14 सितंबर को निर्जला व्रत; जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

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फोटो नं 06- बारी मार्केट में तीज के लिए चुड़ियां खरीदती महिला | Prabhat Khabar Network

हरियाली तीज 14 सितंबर को मनाई जाएगी। अखंड सौभाग्य के लिए महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी। जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत का महत्व विस्तार से।

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Gopalganj News : अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना को लेकर महिलाएं 14 सितंबर को हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखेंगी. इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा कर पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगी. वहीं, मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए कुंवारी कन्याएं भी शिव-पार्वती का पूजन करेंगी. तीज को लेकर गोपालगंज शहर के बाजारों में अभी से रौनक बढ़ने लगी है और महिलाएं सोलह श्रृंगार के सामानों की खरीदारी में जुट गयी हैं.

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बाजारों में दिखने लगी तीज की रौनक

हरतालिका तीज को लेकर शहर के प्रमुख बाजारों में महिलाओं की भीड़ बढ़ने लगी है. मौनिया चौक, मेन रोड, बारी मार्केट, पुरानी बाजार, थाना रोड, चंद्रगोखुल रोड, स्टेशन रोड और घोष मोड़ सहित विभिन्न बाजारों में महिलाएं चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, सिंदूर, साड़ी और अन्य श्रृंगार सामग्री की खरीदारी करती नजर आ रही हैं. दुकानदारों के अनुसार, तीज नजदीक आने के साथ खरीदारी और बढ़ने की उम्मीद है.

उमंग, आस्था और प्रेम का संगम है तीज

हरतालिका तीज महिलाओं के लिए आस्था और दांपत्य प्रेम से जुड़ा प्रमुख पर्व माना जाता है. सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं. इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. पर्व के दौरान महिलाओं में सोलह श्रृंगार को लेकर भी खास उत्साह रहता है.

पार्वती ने की थी भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या

ज्योतिषाचार्य पं. राजेश्वरी मिश्र ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पति के रूप में स्वीकार किया. मान्यता है कि माता पार्वती ने हरियाली से घिरे वन में तपस्या की थी, इसलिए इस पर्व में हरियाली का विशेष महत्व माना जाता है.

सोलह श्रृंगार कर करेंगी माता पार्वती की पूजा

हरतालिका तीज के दिन सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर विधि-विधान से माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करेंगी. महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की समृद्धि की कामना करेंगी. वहीं, कुंवारी कन्याएं मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए व्रत रखकर शिव-पार्वती का पूजन करेंगी. इस अवसर पर कई परिवारों में सास की ओर से बहुओं को तीज का उपहार देने की भी परंपरा है.

13 सितंबर से शुरू होगी तृतीया तिथि

ज्योतिषाचार्य के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 13 सितंबर को सुबह 7:08 बजे से शुरू होगी और 14 सितंबर को सुबह 7:06 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर को रखा जाएगा.

सुबह 6:05 से 7:06 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त

हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक रहेगा. इस दौरान विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना गया है.

तीज के दिन प्रमुख मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:32 बजे से 5:19 बजे तक.
  • हरतालिका तीज पूजा मुहूर्त: सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक.
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक.

खरीदारी को लेकर महिलाओं में उत्साह

तीज का पर्व नजदीक आते ही महिलाओं ने पूजा और सोलह श्रृंगार से जुड़ी सामग्री जुटानी शुरू कर दी है. बाजारों में चूड़ी और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर विशेष चहल-पहल देखने को मिल रही है. महिलाएं अपनी पसंद के कपड़े और श्रृंगार सामग्री खरीदने के साथ पूजा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जुटा रही हैं. पर्व को लेकर शहर के बाजारों में आने वाले दिनों में और भी अधिक भीड़ उमड़ने की उम्मीद है.

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