कहीं 9 लाख का हिसाब गायब तो कहीं गपशप मार रहे गुरुजी! गोपालगंज के स्कूलों में जांच के बाद DEO का बड़ा एक्शन

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स्कूल में बच्चों से जानकारी लेते डीइओ

गोपालगंज के सरकारी स्कूलों में जांच के दौरान चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आई हैं. कहीं लाखों रुपये के गबन का मामला है, तो कहीं शिक्षक पढ़ाने के बजाय बरामदे में गपशप करते मिले. जिला शिक्षा पदाधिकारी की इस कार्रवाई से शिक्षा महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.

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Government School Irregularities: जिले के सरकारी स्कूलों में चल रही जांच के दौरान शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आयी हैं. कहीं स्कूल के खाते से लाखों रुपये की निकासी का हिसाब नहीं मिला, तो कहीं शिक्षक कक्षा में पढ़ाने के बजाय बरामदे में बातचीत करते मिले. छात्र उपस्थिति पंजी और वास्तविक उपस्थिति में अंतर, मध्याह्न भोजन योजना के चावल के स्टॉक में गड़बड़ी तथा सरकारी अभिलेखों को अद्यतन नहीं रखने के मामले भी सामने आये हैं.

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जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार पांडेय की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. जांच में सामने आयी अनियमितताओं के मामले में एक दर्जन से अधिक शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है, जबकि दो प्रभारी प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू की गयी है.

राजकीय मध्य विद्यालय जलालपुर में 9.28 लाख की वित्तीय गड़बड़ी

सिधवलिया प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय जलालपुर में वित्तीय अनियमितता के मामले में प्रधानाध्यापक राकेश कुमार शर्मा को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गयी है. जांच में वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक विकास कोष और छात्र कोष से 9 लाख 28 हजार 837 रुपये की निकासी का पूरा हिसाब नहीं मिलने की बात सामने आयी है.

फोटो:- स्कूल में बच्चों से जानकारी लेते डीइओ  फोटो:- प्रैक्टिकल कक्ष की जांच करते डीइओ फोटो:- शिक्षकों से पूछताछ करते डीइओ  फोटो:- छात्राओं की कक्षा में स्कूल की गतिविधिया कि जानकारी लेते डीइओ | Prabhat Khabar Network

48 घंटे का समय देने के बाद भी नहीं मिला पूरा हिसाब

स्थलीय जांच के दौरान कैशबुक, खर्च से संबंधित अभिश्रव, कंपोजिट ग्रांट और खेलकूद मद से जुड़े दस्तावेज मांगे गये थे. प्रधानाध्यापक को संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था. इसके बावजूद विभाग को पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया.

विभाग ने मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए प्रधानाध्यापक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की और विभागीय जांच शुरू कर दी.

डुमरिया पश्चिम में बरामदे में बातचीत करते मिले शिक्षक

उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरिया पश्चिम के औचक निरीक्षण के दौरान कई बच्चे कक्षा से बाहर खेलते और शोरगुल करते मिले. वहीं, कुछ शिक्षक कक्षा संचालन के बजाय बरामदे में बातचीत करते पाये गये. मामले में प्रधानाध्यापक समेत पांच शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

निरीक्षण के दौरान छात्र उपस्थिति पंजी और स्कूल में मौजूद छात्रों की वास्तविक संख्या में भी अंतर पाया गया. एमडीएम पंजी में चावल का स्टॉक 4860.3 किलोग्राम दर्ज था, जबकि भंडार कक्ष में 4600 किलोग्राम चावल मिला. करीब 260 किलोग्राम के अंतर को लेकर भी संबंधित लोगों से जवाब मांगा गया है.

करसघाट पूर्वी में 11 आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित, प्रभारी एचएम निलंबित

राजकीय मध्य विद्यालय करसघाट पूर्वी में शिक्षक एवं छात्र उपस्थिति, एमडीएम, कैशबुक, स्टॉक पंजी और परीक्षा मूल्यांकन से संबंधित कई अनियमितताएं सामने आयीं. इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक संतोष बैठा को निलंबित कर दिया गया.

विभाग के अनुसार, उनके खिलाफ 11 आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाये गये हैं. जांच में शिक्षकों की उपस्थिति में गड़बड़ी, एमडीएम के खाद्यान्न और राशि से जुड़े सवाल, कई परीक्षा कॉपियों का मूल्यांकन नहीं होना तथा सरकारी अभिलेखों को अद्यतन नहीं रखने जैसी बातें सामने आयीं.

स्कूलों में लापरवाही पर विभाग की सख्ती

जिले के सरकारी स्कूलों में लगातार किये जा रहे औचक निरीक्षण और कार्रवाई से स्पष्ट है कि शिक्षा विभाग अब स्कूलों में वित्तीय अनियमितता, फर्जी या गलत उपस्थिति, एमडीएम व्यवस्था में गड़बड़ी और शैक्षणिक कार्य में लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपना रहा है. विभागीय अधिकारियों ने अभिलेखों को सही तरीके से संधारित करने और स्कूलों में नियमित रूप से शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने पर जोर दिया है.

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