क्या नेपाल से बहकर गोपालगंज आ रहे शव? ग्रामीणों ने प्रशासन को भेजा वीडियो, NDRF और गोताखोर अलर्ट

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तलाश करती NDRF की टीम

गोपालगंज में गंडक नदी में तैरते हुए कई शव मिलने से चिंता बढ़ गई है. ग्रामीणों ने नेपाल में आई आपदा के बाद इन शवों के नदी में बहकर आने की आशंका जताई है. प्रशासन ने NDRF की मदद से तलाश अभियान शुरू कर दिया है.

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Gandak river dead bodies: गंडक नदी में शव दिखाई देने की सूचना के बाद गोपालगंज में चिंता बढ़ गयी है. सदर प्रखंड के खाप मकसूदपुर के पास ग्रामीणों ने नदी में कई शव तैरते हुए देखे जाने का दावा किया है. ग्रामीणों के अनुसार, पिछले दो दिनों से नदी में अलग-अलग स्थानों पर शव दिखाई दे रहे हैं. कुछ ग्रामीणों ने नाव के जरिए नदी में जाकर इसका वीडियो भी बनाया और जिला प्रशासन को भेजा है.

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ग्रामीणों का दावा है कि नदी में दिखाई दे रहे शव इंसानों के हैं. कुछ शवों के कई दिन पुराने होने की आशंका भी जतायी गयी है. वहीं, यह भी कयास लगाया जा रहा है कि नेपाल में आयी आपदा के दौरान नदी में बहकर ये शव गंडक के रास्ते गोपालगंज तक पहुंचे होंगे. हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक शवों की पहचान या उनके नेपाल से संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी है. शवों की बरामदगी और जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर प्रशासन को दी सूचना

खाप मकसूदपुर के पास गंडक नदी में शव दिखाई देने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना दी. पूर्व मुखिया राजेश सहनी के अनुसार, पिछले दो दिनों से नदी में शव दिखाई देने की बात सामने आ रही है.

ग्रामीणों का कहना है कि कुछ शव करीब आठ से दस दिन पुराने प्रतीत हो रहे हैं. इसके बाद नाव की मदद से नदी में जाकर वीडियो बनाया गया और उसे प्रशासन के अधिकारियों तक पहुंचाया गया. ग्रामीणों ने नदी में तैर रहे शवों की जल्द तलाश और बरामदगी की मांग की है.

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सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे सदर सीओ

ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद सदर अंचल के सीओ रजत वर्णवाल मौके पर पहुंचे. उन्होंने नाव के जरिए नदी के दूसरे किनारे तक जाकर स्थिति का जायजा लिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग और NDRF को भी अलर्ट किया गया.

प्रशासन की ओर से नदी में संभावित शवों की तलाश और बरामदगी के लिए टीम गठित की गयी है. इसमें NDRF, आपदा प्रबंधन विभाग, अंचल प्रशासन और स्थानीय थाना की टीम को शामिल किया गया है. टीम नदी के विभिन्न हिस्सों में तलाश अभियान चला रही है.

शव कहां से आए, जांच के बाद होगा स्पष्ट

नदी में शव दिखने की सूचना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये शव कहां से आए हैं. ग्रामीणों की ओर से नेपाल में आयी आपदा से इन्हें जोड़कर आशंका जतायी जा रही है, लेकिन अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल शवों का पता लगाना और उन्हें बरामद करना है. बरामदगी के बाद शवों की स्थिति, पहचान और संभावित स्रोत की जांच की जायेगी. इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शव नेपाल से बहकर आए हैं या उनका कोई अन्य स्रोत है.

गंडक से गंगा तक पहुंचने की भी आशंका

गंडक नदी आगे चलकर सोनपुर के पास गंगा नदी में मिलती है. ऐसे में नदी में शव होने की स्थिति में उनके आगे बहकर गंगा तक पहुंचने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है.

इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए प्रशासन नदी के अलग-अलग हिस्सों में निगरानी और तलाश अभियान चला रहा है. इससे पहले मंगलपुर पुल के पास भी तीन अलग-अलग शव नदी में बहते हुए दिखाई देने का दावा सामने आया था. हालांकि, अब तक किसी शव की बरामदगी नहीं हो सकी है.

पहले भी सामने आ चुके हैं नदी में शव दिखने के दावे

गंडक नदी में शव देखे जाने की सूचना का मामला पहली बार सामने नहीं आया है. इससे पहले मंगलपुर पुल के आसपास भी नदी में तीन शव बहते हुए देखे जाने का दावा किया गया था.

हालांकि, इन मामलों में भी शव बरामद नहीं हो सके हैं. ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती नदी के तेज बहाव और विस्तृत क्षेत्र में तलाश अभियान चलाने की है.

NDRF और आपदा विभाग की टीम कर रही तलाश

प्रशासन की ओर से NDRF और आपदा प्रबंधन विभाग की टीम को अलर्ट किया गया है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम भी अभियान में सहयोग कर रही है. नदी में संभावित शवों की तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर निगरानी की जा रही है.

अधिकारियों की कोशिश है कि यदि नदी में शव मौजूद हैं तो उन्हें जल्द से जल्द बरामद किया जाए, ताकि उनकी पहचान और आगे की जांच की प्रक्रिया शुरू की जा सके.

बरामदगी के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल गंडक नदी में शव होने की सूचना को लेकर प्रशासन ने जांच और तलाश अभियान शुरू कर दिया है. ग्रामीणों के वीडियो और दावों की भी जांच की जा रही है. लेकिन जब तक शव बरामद नहीं होते, तब तक उनकी संख्या, पहचान और वे कहां से आए हैं, इस बारे में निश्चित रूप से कुछ कहना संभव नहीं है.

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर भरोसा नहीं करने और बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या सूचना को आगे प्रसारित नहीं करने की अपील की है. अधिकारियों का कहना है कि किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी को सीधे प्रशासन तक पहुंचाया जाए. शवों की बरामदगी और जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आयेगी.

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