गोपालगंज में शिक्षा विभाग के आंकड़ों की होगी जमीनी जांच, 14 बिंदुओं पर होगी पड़ताल

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शिक्षा विभाग ने अब डेटा सत्यापन का तरीका बदला है. बैठकों में भेजे जाने वाले आंकड़ों की अब सिर्फ कागजी समीक्षा नहीं होगी, बल्कि जमीनी हकीकत की भी पड़ताल की जाएगी. यह नई व्यवस्था विभाग द्वारा भेजे गए डेटा की विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगी.

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Gopalganj News : शिक्षा विभाग की बैठकों में जिले से भेजे जाने वाले आंकड़ों और रिपोर्ट की अब सिर्फ कागजी समीक्षा नहीं होगी. विभाग यह भी जांचेगा कि भेजे गये आंकड़े और रिपोर्ट जमीन पर कितने सही हैं. इसके लिए जिले में संयुक्त सचिव श्रीप्रकाश को निरीक्षी पदाधिकारी नामित किया गया है. साप्ताहिक समीक्षा बैठक के बाद संबंधित निरीक्षी पदाधिकारी आगामी शनिवार तक जिले का दौरा कर विभाग को भेजे गये आंकड़ों का मौके पर सत्यापन करेंगे.

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पिछली बैठक के निर्देशों की भी होगी जांच

निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा कार्यालय से भेजे गये आंकड़ों का वास्तविक स्थिति से मिलान किया जायेगा. साथ ही पिछली समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुसार जिले में हुई प्रगति की भी पड़ताल होगी. शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेंद्र कुमार ने इस संबंध में निरीक्षी पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश जारी किया है.

विभाग की ओर से हर सप्ताह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के साथ विभागीय कार्यों की समीक्षा की जाती है. इसी समीक्षा के दौरान जिलों से भेजे जाने वाले आंकड़ों की पूर्णता और उनकी वास्तविक स्थिति के सत्यापन की जरूरत सामने आयी. इसके बाद विभाग ने नियमित रूप से जमीनी सत्यापन कराने की व्यवस्था लागू की है.

14 बिंदुओं पर सीधे होगी पड़ताल

निरीक्षी पदाधिकारी के दौरे के दौरान शिक्षकों के वेतन भुगतान से लेकर स्कूल के लिपिक और परिचारी के वेतन तक की स्थिति की जांच की जायेगी. लंबित शिकायतों के निष्पादन की भी समीक्षा होगी. इसके अलावा एसी-डीसी, यूसी तथा बीसी-ईबीसी और एससी-एसटी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की स्थिति भी जांच के दायरे में रहेगी.

लंबित कोर्ट केस और प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की कॉज लिस्ट में शामिल एलपीए मामलों की भी जानकारी ली जायेगी. प्राथमिक शिक्षा की ई-संबंधन रिपोर्ट, जन शिक्षा की केआरपी रिपोर्ट और सरस्वती विद्या निकेतन से संबंधित रिपोर्ट का भी सत्यापन किया जायेगा.

इसके साथ ही एमडीएम, बीएसईआईडीसी, निगरानी से संबंधित रिपोर्ट, एससीईआरटी और बिहार शिक्षा परियोजना से जुड़े कार्यों की भी मौके पर पड़ताल होगी. विभाग ने सभी संबंधित बिंदुओं पर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है.

बैठक में बतायी गयी प्रगति का होगा सत्यापन

विभाग ने निरीक्षी पदाधिकारी को यह भी निर्देश दिया है कि वे यह देखें कि पिछली समीक्षा बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुसार जिले ने अपेक्षित प्रगति की है या नहीं. यानी बैठक में प्रस्तुत की गयी रिपोर्ट और जमीन पर मौजूद वास्तविक स्थिति का सीधा मिलान किया जायेगा.

जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि विभाग को भेजे जाने वाले सभी आंकड़े और प्रतिवेदन पहले से ही पूर्ण, सत्यापित और अद्यतन हों. इससे विभागीय समीक्षा में भेजे जाने वाले आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सकेगी.

शनिवार तक निरीक्षण, सोमवार को भेजनी होगी रिपोर्ट

निरीक्षी पदाधिकारी को निर्धारित समय-सीमा में जांच पूरी करनी होगी. निरीक्षण के बाद अनुपालन प्रतिवेदन सोमवार को शिक्षा विभाग के आईटी मैनेजर को उपलब्ध कराना होगा. विभाग ने निरीक्षण की पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया है.

जिन निरीक्षी पदाधिकारियों को विभाग की ओर से वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया है, वे जिला शिक्षा पदाधिकारी, पटना से वाहन की मांग कर सकेंगे. इस व्यवस्था के तहत अब विभागीय बैठकों में भेजे जाने वाले आंकड़ों की वास्तविकता की नियमित रूप से जमीनी जांच की जायेगी.

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