गोपालगंज में डेंगू का बढ़ता प्रकोप, छह मरीज चिह्नित; निजी लैब की रिपोर्ट और फॉगिंग पर उठे सवाल
सदर अस्पताल में डेंगू वार्ड का निरीक्षण करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network
गोपालगंज में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे 6 मरीज सामने आए हैं। वहीं, मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बावजूद फॉगिंग को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
Gopalganj News : जिले में मौसम बदलने के साथ बुखार और डेंगू का प्रकोप बढ़ने लगा है. शनिवार को जिले के अलग-अलग इलाकों में छह लोगों में डेंगू की पुष्टि होने की बात सामने आयी. इनमें हनुमानगढ़ी की मुन्नी कुमारी, सरेया वार्ड संख्या एक की रंजू देवी और बसडीला के सुनील कुमार समेत अन्य मरीज शामिल हैं. कुछ मरीजों की स्थिति बिगड़ने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर ले जाया गया है.
वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में अब तक छह डेंगू मरीजों के चिह्नित होने की जानकारी दी गयी है. विभाग का कहना है कि मरीजों के चिह्नित होने वाले इलाकों में फॉगिंग के साथ जांच और जरूरी निरोधात्मक कार्रवाई की जायेगी.
आठ साल के बच्चे की गोरखपुर में हुई जांच
भोरे थाना क्षेत्र के सबेया गांव निवासी अमन तिवारी के आठ वर्षीय पुत्र समृद्ध तिवारी को कुछ दिन पहले हल्का बुखार हुआ था. परिजन उसे स्थानीय क्लीनिक में इलाज के लिए ले गये. शुरुआती स्तर पर डेंगू की जांच नहीं करायी गयी.
इलाज के बावजूद जब बच्चे की हालत बिगड़ने लगी, तो परिजन उसे गोरखपुर लेकर गये. वहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई. गंभीर स्थिति में इलाज चलने के बाद उसकी हालत में सुधार हुआ. यह मामला बुखार को सामान्य समझकर नजरअंदाज नहीं करने की जरूरत को सामने लाता है.
निजी लैबों में भी डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव
जिले के विभिन्न निजी पैथोलॉजी सेंटरों में बुखार से पीड़ित मरीजों की डेंगू जांच करायी जा रही है. कई मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने की बात सामने आ रही है. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के सरकारी रिकॉर्ड में फिलहाल छह मरीज ही चिह्नित किये गये हैं.
निजी लैबों की रिपोर्ट और सरकारी आंकड़ों में अंतर को लेकर डेंगू के वास्तविक प्रकोप को लेकर सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में मरीजों की जांच और रिपोर्ट की चिकित्सकीय पुष्टि को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है.
फॉगिंग को लेकर नगर परिषद पर उठ रहे सवाल
शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के बावजूद नियमित फॉगिंग को लेकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजों में फॉगिंग कराये जाने की जानकारी दर्ज की जा रही है, लेकिन मुख्य सड़कों के साथ गली-मोहल्लों और उन स्थानों पर नियमित फॉगिंग नहीं हो रही, जहां मच्छरों का प्रकोप अधिक है.
नालियों और जगह-जगह जमा पानी के कारण मच्छरों के पनपने की आशंका भी बढ़ गयी है. लोगों ने शहर में व्यापक स्तर पर फॉगिंग और लार्वा नष्ट करने के लिए अभियान चलाने की मांग की है.
दिन में काटता है डेंगू फैलाने वाला मच्छर
डेंगू संक्रमित एडीज एजिप्टी मादा मच्छर के काटने से फैलता है. यह मच्छर आम तौर पर दिन के समय अधिक सक्रिय रहता है. इसलिए केवल रात में मच्छरदानी का इस्तेमाल करना पर्याप्त नहीं है.
लोगों को दिन में भी पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने, घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देने और मच्छररोधी उपायों का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है.
तेज बुखार और शरीर में दर्द प्रमुख लक्षण
डेंगू में अचानक तेज बुखार, तेज सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मिचलाना, उल्टी, त्वचा पर चकत्ते तथा मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों में तेज दर्द हो सकता है. कई संक्रमित लोगों में लक्षण बहुत हल्के होते हैं या कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखता.
लगातार तेज बुखार, पेट में तेज दर्द, बार-बार उल्टी, खून आना, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी जैसे गंभीर लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए.
बुखार में खुद से दवा लेने से बचें
डेंगू के लिए ऐसी कोई विशेष दवा नहीं है जो सीधे वायरस को खत्म कर दे. बुखार और दर्द के लिए चिकित्सक की सलाह से पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जाता है. डेंगू की आशंका होने पर बिना चिकित्सकीय सलाह के एस्पिरिन या इबुप्रोफेन जैसी दवाएं लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे रक्तस्राव का जोखिम बढ़ सकता है.
पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना और चिकित्सकीय निगरानी में रहना जरूरी है.
जांच रिपोर्ट को लेकर भी सावधानी जरूरी
डेंगू के मामले बढ़ने के साथ जांच और रिपोर्ट को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है. बुखार के हर मरीज को केवल किसी एक जांच या कार्ड टेस्ट के आधार पर डेंगू का मरीज मान लेना उचित नहीं है. संक्रमण के कितने दिन हुए हैं, इसके आधार पर चिकित्सक एनएस1 एंटीजन, आईजीएम, एलिसा या अन्य उपयुक्त जांच की सलाह दे सकते हैं.
गलत या जल्दबाजी में की गयी व्याख्या से मरीज और परिजन दोनों में अनावश्यक भय पैदा हो सकता है. इसलिए डेंगू की रिपोर्ट चिकित्सक को दिखाकर ही आगे का इलाज कराना चाहिए.
छह मरीज चिह्नित, सदर अस्पताल में 10 बेड का वार्ड तैयार
सदर अस्पताल की मलेरिया अधिकारी सुषमा सरण ने बताया कि जिले में अभी तक डेंगू के छह मरीज चिह्नित किये गये हैं, जिनका पीएचसी स्तर पर इलाज चल रहा है. सदर अस्पताल में डेंगू मरीजों के लिए 10 बेड का वार्ड तैयार रखा गया है.
उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में डेंगू का मरीज चिह्नित होगा, वहां फॉगिंग कराने के साथ जांच और आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की जायेगी.
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